टाटा संस की अर्जी रिजर्व बैंक ने की खारिज, अब शेयर बाजार में दस्तक देने के अलावा नहीं बचा कोई रास्तादेवघर में धान की बंपर पैदावार के लिए रोपाई के 20 से 25 दिनों बाद क्यों जरूरी है सही खाद का इस्तेमालगणेशोत्सव पर पाना है पारंपरिक और शाही लुक, तो आजमाएं पैठणी साड़ी के ये 5 बेहद खूबसूरत डिजाइनबेंगलुरु की लापता छात्रा को खोजने में मददगार बना सरकारी योजना का ओटीपी, सहेली की तलाश में जुटी सीआईडीबाढ़ प्रभावित नेपाल के लिए मसीहा बनी अंबाला की मेडिकल टीम, मुफ्त इलाज पाकर भावुक हुए पीड़ितवृषभ राशिफल 13 सितंबर: इस एक आदत से आज चमकेगा भाग्य, जानें अपना पूरा दैनिक भविष्यफलरसोई की काली और चिकनी छन्नी को चमकाने के 4 आसान घरेलू नुस्खे, ऐसे करें साफपश्चिम बंगाल में असली तृणमूल कांग्रेस पर संग्राम, ऋतब्रत बनर्जी ने चुनाव आयोग के सामने 'जोड़ाफूल' चुनाव चिह्न पर जताया दावाकॉर्नेल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने जताई गहरी चिंता, गणित के क्षेत्र में एआई की तेज तरक्की से वैज्ञानिक सहमेदिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ इतिहास रच सकते हैं वैभव सूर्यवंशी, वीरेंद्र सहवाग का यह बड़ा रिकॉर्ड निशाने पर
सागर यूनिवर्सिटी में छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत, छात्रावासों की संख्या होगी दोगुनी से भी ज़्यादामध्य प्रदेश
19 जून 2026, 8:00 am (86 दिन पहले)· 2

सागर यूनिवर्सिटी में छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत, छात्रावासों की संख्या होगी दोगुनी से भी ज़्यादा

डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में दूर-दराज के छात्रों के लिए आवास एक बड़ी चुनौती रही है। अब केंद्र सरकार से मिले 195 करोड़ रुपये के बजट से 2000 सीटों वाले दो नए छात्रावास बनेंगे, जिससे कुल…

देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक, डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह विश्वविद्यालय अपने विशिष्ट पाठ्यक्रमों के लिए जाना जाता है और प्रतिवर्ष 20 से 25 राज्यों के छात्रों को आकर्षित करता है। हालांकि, इतने बड़े पैमाने पर छात्रों के आने से उनके लिए आवास की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती रही है। विश्वविद्यालय वर्तमान में छह छात्रावासों के माध्यम से लगभग 1200 छात्रों को रहने की सुविधा प्रदान करता है, जिसका मासिक किराया बेहद किफायती, मात्र 250 रुपये है।

स्थानीय छात्रों के लिए सीमित अवसर

वर्तमान में, विश्वविद्यालय में उपलब्ध सीमित सीटों के कारण सागर, दमोह, कटनी, रायसेन और विदिशा जैसे आस-पास के जिलों के कई छात्र छात्रावास सुविधा का लाभ नहीं उठा पाते हैं। इन छात्रों को बाहर निजी आवासों में रहना पड़ता है, जो अक्सर महंगा होता है। छात्रावासों की संख्या बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी ताकि दूर से आने वाले और स्थानीय दोनों ही छात्रों को कम लागत पर गुणवत्तापूर्ण आवास मिल सके।

ये भी पढ़ें

विस्तार योजनाएं और नए छात्रावास

छात्रों की इस बढ़ती मांग और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण विस्तार योजना पर काम कर रहा है। छात्राओं के लिए निवेदिता हॉस्टल, रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल और सरस्वती हॉस्टल उपलब्ध हैं, जबकि छात्रों के लिए टैगोर हॉस्टल, विवेकानंद हॉस्टल, आर्यभट्ट हॉस्टल और रमन हॉस्टल मौजूद हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 1200 सीटें हैं। इस वर्ष 500 सीटों वाला भाभा हॉस्टल भी बनकर तैयार हो जाएगा, जिसका आवंटन 2027 के नए सत्र से शुरू होगा।

केंद्र सरकार से मिला बड़ा बजट

विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि यह है कि भारत सरकार ने 195 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है, जिससे 2000 सीटों वाले दो नए छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। इनमें से 1000 सीटों वाला एक छात्रावास लड़कों के लिए और 1000 सीटों वाला दूसरा छात्रावास लड़कियों के लिए होगा। इन नए छात्रावासों के अगले दो वर्षों में बनकर तैयार होने की उम्मीद है।

भविष्य की आवास क्षमता

इस विस्तार के बाद, वर्ष 2028 तक डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय में छात्रावास सीटों की कुल संख्या बढ़कर 3700 से भी अधिक हो जाएगी। यह वृद्धि न केवल दूर-दराज से आने वाले छात्रों को लाभान्वित करेगी, बल्कि उन आस-पास के जिलों के छात्रों को भी आवास प्रदान करेगी जो पहले सीमित सीटों के कारण वंचित रह जाते थे। विश्वविद्यालय के मीडिया अधिकारी डॉ. विवेक जायसवाल ने बताया कि यह विस्तार नए पाठ्यक्रमों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भी आवश्यक था, और विश्वविद्यालय के इस प्रस्ताव को भारत सरकार ने स्वीकार कर लिया है। यह कदम छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और इससे विश्वविद्यालय की शैक्षिक सुविधाओं में भी सुधार होगा।

सवाल-जवाब

डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय में वर्तमान में कितने छात्रावास और कितनी सीटें हैं?
विश्वविद्यालय में वर्तमान में 6 छात्रावास हैं जो लगभग 1200 छात्रों को समायोजित करते हैं।
छात्रावासों का मासिक किराया कितना है?
वर्तमान में छात्रावासों का मासिक किराया 250 रुपये है, जो बेहद किफायती है।
नए छात्रावास कब तक बनकर तैयार हो जाएंगे?
दो नए 2000 सीटों वाले छात्रावास अगले दो वर्षों में बनकर तैयार हो जाएंगे।
2028 तक कुल छात्रावास क्षमता कितनी हो जाएगी?
वर्ष 2028 तक, डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय में छात्रावास सीटों की कुल संख्या 3700 से अधिक हो जाएगी।
किस छात्रावास का आवंटन 2027 के सत्र से शुरू होगा?
500 सीटों वाले भाभा हॉस्टल का आवंटन 2027 के नए सत्र से शुरू होगा।
नए छात्रावासों के लिए कितना बजट स्वीकृत किया गया है?
भारत सरकार ने नए छात्रावासों के निर्माण के लिए 195 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
नए छात्रावासों से किन छात्रों को सबसे ज़्यादा फायदा होगा?
इन नए छात्रावासों से दूर-दराज से आने वाले छात्रों के साथ-साथ सागर, दमोह, कटनी, रायसेन और विदिशा जैसे आस-पास के जिलों के छात्रों को भी फायदा होगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR