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साइबर अपराधियों पर राजस्थान के डीग में बड़ा एक्शन, 48 घंटे के विशेष अभियान में 45 ठग गिरफ्तारराजस्थान
19 अग॰ 2026, 5:05 pm (37 दिन पहले)· 2

साइबर अपराधियों पर राजस्थान के डीग में बड़ा एक्शन, 48 घंटे के विशेष अभियान में 45 ठग गिरफ्तार

राजस्थान के डीग जिले में पुलिस ने 'ऑपरेशन काउंटडाउन' के तहत 48 घंटों में 45 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर कई फर्जी सिम और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

राजस्थान के डीग जिले में साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक अभियान चलाया है। जिले के पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. (IPS) के प्रत्यक्ष निर्देशन में शुरू किए गए 'ऑपरेशन काउंटडाउन' के तहत पुलिस टीमों ने महज 48 घंटों के भीतर 45 शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। इस ताबड़तोड़ और समन्वित कार्रवाई में पुलिस ने अपराधियों के ठिकानों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और फर्जी सिम कार्डों का बड़ा जखीरा जब्त किया है। डीग जिला पुलिस की इस लगातार कार्रवाई से सामने आया है कि पिछले 5 महीनों के समय में ही जिले भर से करीब 1000 साइबर ठगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा चुका है।

जीरो टॉलरेंस नीति और रातभर की छापेमारी

डीग जिले में साइबर अपराधियों के बढ़ते जाल को पूरी तरह से ध्वस्त करने के उद्देश्य से 16 अगस्त से 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत विशेष अभियान की शुरुआत की गई थी। इसी नीति के क्रियान्वयन के रूप में 'ऑपरेशन काउंटडाउन' को लागू किया गया। पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. (IPS) द्वारा दिए गए कड़े निर्देशों के बाद जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने गुप्त सूचनाओं के आधार पर चिन्हित स्थानों पर रातों-रात एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह छिन्न-भिन्न कर दिया गया। 48 घंटे तक चले इस विशेष अभियान में पुलिस ने अपराधियों के कब्जे से कुल 26 मोबाइल फोन, 49 फर्जी सिम कार्ड और 2 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।

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विभिन्न थाना क्षेत्रों में दबिश: जुरहरा, कामां और कैथवाड़ा में बड़ी सफलता

अभियान के तहत पुलिस टीमों ने चिन्हित गांवों और संभावित ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान सबसे प्रमुख और बड़ी सफलता जुरहरा थाना पुलिस के हाथ लगी, जहां पुलिस टीम ने रात के अंधेरे में सक्रिय रहकर ऑनलाइन ठगी का काम कर रहे 20 साइबर अपराधियों को मौके से ही रंगे हाथों दबोच लिया। इसके साथ ही कामां थाना पुलिस ने 7 ठगों को गिरफ्तार किया, जबकि सीकरी थाना पुलिस की टीम ने 6 अपराधियों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की। इसके अलावा कैथवाड़ा थाना पुलिस ने 5 साइबर बदमाशों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 1 मोटरसाइकिल तथा 6 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए।

सेक्सटॉर्शन गिरोह का भंडाफोड़ और अन्य थानों की कार्रवाई

डीग पुलिस के इस 48 घंटे के अभियान में गोपालगढ़ थाना पुलिस को भी एक अहम कामयाबी मिली, जब उसने वीडियो कॉल के जरिए निर्दोष लोगों को झांसे में लेकर ब्लैकमेल करने वाले सेक्सटॉर्शन गिरोह का पर्दाफाश किया। गोपालगढ़ पुलिस ने गिरोह के 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी सिम कार्डों के जरिए देशभर के नागरिकों को निशाना बना रहे थे। इन आरोपियों के पास से 5 फर्जी सिम कार्ड बरामद हुए हैं। इसके अतिरिक्त, जालूकी थाना पुलिस ने 2 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया और कोतवाली डीग पुलिस ने भी 2 बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।

सवाल-जवाब

डीग में 'ऑपरेशन काउंटडाउन' के तहत कितने साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने 48 घंटे के 'ऑपरेशन काउंटडाउन' अभियान के दौरान 45 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने अपराधियों के पास से क्या-क्या सामान जब्त किया है?
पुलिस ने कुल 26 मोबाइल फोन, 49 फर्जी सिम कार्ड और 2 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
यह अभियान किस पुलिस अधिकारी के निर्देशन में चलाया गया?
यह अभियान डीग के पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. (IPS) के निर्देशन में चलाया गया।
सबसे अधिक गिरफ्तारियां किस थाना क्षेत्र में हुईं?
सबसे ज्यादा 20 गिरफ्तारियां जुरहरा थाना क्षेत्र में हुईं, जहां पुलिस ने आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा।
पिछले 5 महीनों में डीग पुलिस ने कितने साइबर अपराधियों को पकड़ा है?
पिछले 5 महीनों के दौरान डीग पुलिस ने लगभग 1000 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·36 दिन पहले

डीग में हुई यह कार्रवाई केवल आर्थिक अपराध पर शिकंजा नहीं है, बल्कि डिजिटल युग के उस गहरे मनोवैज्ञानिक संकट का समाधान है जो आज के रिश्तों और मानसिक शांति को दीमक की तरह खा रहा है। सेक्सटॉर्शन जैसे अपराध और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग सीधे तौर पर इंसान के आत्म-सम्मान, भरोसे और भावनात्मक स्वास्थ्य को तोड़ते हैं। जब लोग ऐसे जाल में फंसते हैं, तो वे तीव्र मानसिक तनाव, अवसाद और सामाजिक शर्मिंदगी का शिकार हो जाते हैं। पुलिस द्वारा अपराधियों की यह त्वरित गिरफ्तारी पीड़ितों के मानसिक बोझ को कम करने और समाज में खोते जा रहे डिजिटल भरोसे को बहाल करने की दिशा में एक अत्यंत आवश्यक और सकारात्मक कदम है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·36 दिन पहले

डीग में 'ऑपरेशन काउंटडाउन' के तहत हुई यह कार्रवाई प्रशासनिक और पुलिस तंत्र के लिए एक मजबूत संदेश है कि संगठित डिजिटल अपराध पर लगाम कसी जा सकती है। पिछले पांच महीनों में एक हजार ठगों की गिरफ्तारी यह दिखाती है कि स्थानीय स्तर पर तकनीकी और खुफिया तंत्र को मजबूत करना कितना असरदार साबित हो रहा है। हालांकि, इस तरह के अंतरराज्यीय नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के लिए केवल स्थानीय स्तर पर छापेमारियां नाकाफी होंगी, बल्कि केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर एक व्यापक राष्ट्रीय रणनीति तैयार करने की आवश्यकता होगी, ताकि इस प्रकार के अपराधों की जड़ पर प्रहार किया जा सके।

Ravikash Gupta@ravikash·36 दिन पहले

डीग में साइबर अपराधियों पर हुई यह ताबड़तोड़ कार्रवाई डिजिटल अर्थव्यवस्था और वित्तीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है। पिछले पांच महीनों में एक हजार ठगों का पकड़ा जाना यह संकेत देता है कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और फर्जी सिम नेटवर्क देश के वित्तीय तंत्र के लिए एक बड़ा खतरा बन चुके हैं। जब तक इन डिजिटल अपराधियों के वित्तीय और डिजिटल एसेट्स के स्रोतों, जैसे फर्जी खातों और मनी लॉन्ड्रिंग के रास्तों पर तकनीकी रूप से गहरी चोट नहीं की जाएगी, तब तक इस तरह के नेटवर्क जड़ से खत्म नहीं हो सकेंगे।

Rohan Verma@rohan-verma·36 दिन पहले

डीग पुलिस का 'ऑपरेशन काउंटडाउन' और पांच महीनों में एक हजार ठगों की गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्रीय स्तर पर संगठित डिजिटल अपराध से निपटने के लिए निरंतर और समन्वित रात्रि छापे कितने प्रभावी हो सकते हैं। जुरहरा और कामां जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में शून्य सहनशीलता नीति के तहत की गई यह कार्रवाई अंतर-राज्यीय साइबर नेटवर्क की रीढ़ तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·36 दिन पहले

डीग पुलिस के इस ऑपरेशन से यह स्पष्ट है कि स्थानीय स्तर पर लगातार दबिश देकर और फर्जी सिम कार्डों के इस बड़े नेटवर्क पर चोट करके अंतर-राज्यीय वित्तीय धोखाधड़ी की जड़ों को काफी हद तक कमजोर किया जा सकता है। पिछले पांच महीनों में एक हजार अपराधियों की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि यदि खुफिया तंत्र और स्थानीय थानों के बीच समन्वय बेहतर हो, तो संगठित डिजिटल अपराध पर प्रभावी लगाम कसी जा सकती है। अब आवश्यकता इस बात की है कि इन पकड़े गए ठगों के वित्तीय खातों और मनी ट्रेल की गहराई से पड़ताल की जाए ताकि इनके पूरे सिंडिकेट का सफाया हो सके।

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