बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। इस कार्रवाई के बाद से ही महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। कोविड-19 महामारी के दौरान हुई इस मौत की पहेली सुलझने के बजाय समय के साथ और अधिक जटिल होती जा रही है। दिशा सालियान की मौत आखिरकार किस तरह हुई? क्या उन्हें इमारत की 12वीं मंजिल से नीचे धकेला गया था या फिर उन्होंने खुद वहां से छलांग लगा दी थी? इस रहस्य को अभी तक सुलझाया नहीं जा सका है। इस मामले में एक और हैरान करने वाली बात यह रही कि दिशा की मौत के ठीक छह दिन बाद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का शव भी उनके फ्लैट में फंदे से लटका हुआ पाया गया था। लगभग छह साल पहले भी इस संवेदनशील मुद्दे पर भारी राजनीतिक घमासान देखने को मिला था, और अब छह साल बीत जाने के बाद एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। CBI द्वारा दर्ज की गई नई FIR में कुल 27 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिसके बाद इस पर राजनीति और तेज हो गई है। इस FIR में शिवसेना (UBT) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे का नाम भी शामिल है। शिवसेना (UBT) के प्रमुख नेता संजय राउत ने इस पूरी कार्रवाई को एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का कहना है कि कानून के समक्ष सभी नागरिक समान हैं और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में इस मामले से जुड़े कई चौंकाने वाले पहलू सामने आए हैं जो आने वाले समय में राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकते हैं।
अदालत का आदेश और कानूनी आधार
CBI द्वारा दर्ज की गई यह FIR बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर एक क्रिमिनल रिट याचिका पर आए फैसले के आधार पर की गई है। अदालत द्वारा 2 सितंबर 2026 को दिए गए आदेश के अनुपालन में, नई दिल्ली स्थित CBI की स्पेशल क्राइम-II यूनिट ने 13 सितंबर 2026 को इस मामले में औपचारिक रूप से केस दर्ज किया। यह पूरी FIR दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान द्वारा दर्ज कराए गए बयान पर आधारित है। पिता सतीश सालियान का यह महत्वपूर्ण बयान 11 सितंबर 2026 को रिकॉर्ड किया गया था। इस बयान के आधार पर केंद्रीय जांच एजेंसी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई गंभीर और गैर-जमानती धाराएं लगाई हैं। इनमें आपराधिक साजिश रचने के लिए धारा 120-B, सामूहिक दुष्कर्म के लिए धारा 376-D, हत्या के लिए धारा 302, सबूतों को मिटाने या गायब करने के लिए धारा 201 शामिल हैं। इसके अलावा, लोक सेवक द्वारा कानून के निर्देशों की अवहेलना करने के संबंध में धारा 217 और किसी व्यक्ति को कानूनी सजा से बचाने के लिए गलत दस्तावेज तैयार करने के आरोप में धारा 218 जैसी धाराएं भी लगाई गई हैं।
सुशांत सिंह राजपूत के साथ संबंध और खुलासे की योजना
इस FIR में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला दावा अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान के बीच के संबंधों और उनकी बातचीत को लेकर किया गया है। दिशा के पिता सतीश सालियान के अनुसार, दिशा एक समय में सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर के तौर पर सक्रिय रूप से काम कर रही थीं। अपने काम के दौरान, दिशा के हाथ कुछ बेहद संवेदनशील और आपत्तिजनक जानकारियां लगी थीं। इन सबूतों में कथित तौर पर ड्रग ट्रैफिकिंग (नशीले पदार्थों की तस्करी), बच्चों के शोषण (चाइल्ड एब्यूज) और कई अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल प्रभावशाली लोगों के नाम और दस्तावेज शामिल थे। पिता का आरोप है कि दिशा ने इन तमाम जानकारियों और सबूतों को सुशांत सिंह राजपूत के साथ साझा किया था। इसके बाद, दोनों ने मिलकर एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की पूरी तैयारी कर ली थी, ताकि इन तमाम गैरकानूनी धंधों का पर्दाफाश किया जा सके और इसे जनता के सामने लाया जा सके। शिकायत के अनुसार, इसी बड़े खुलासे को रोकने और समाज के रसूखदार लोगों को कानून की गिरफ्त से बचाने के लिए दिशा सालियान की मौत की यह पूरी साजिश रची गई थी।
रिया चक्रवर्ती की भूमिका और सुशांत की घबराहट
पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, सुशांत सिंह राजपूत ने दिशा से मिली इन सभी संवेदनशील जानकारियों को अपनी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती के साथ साझा किया था। पिता का दावा है कि रिया उस समय कई प्रभावशाली और रसूखदार लोगों के सीधे संपर्क में थीं और उन्होंने यह बात तुरंत आगे पहुंचा दी कि दिशा और सुशांत मिलकर एक बहुत बड़ा खुलासा करने वाले हैं। FIR में इस बात का भी विशेष उल्लेख किया गया है कि जिस दिन दिशा सालियान की संदिग्ध मौत हुई, ठीक उसी दिन रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत का घर छोड़ दिया था और उनका फोन नंबर भी पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया था। दिशा की मौत की खबर मिलते ही सुशांत सिंह राजपूत बुरी तरह से घबरा गए थे। उन्होंने अपने करीबी लोगों से बातचीत में स्पष्ट रूप से कहा था कि वे लोग अब मुझे भी जिंदा नहीं छोड़ेंगे। इसी भारी डर और दहशत के कारण सुशांत ने कथित तौर पर अपने घरेलू स्टाफ को निर्देश देकर अपने सभी उपकरणों से डिजिटल डेटा और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड डिलीट करवा दिए थे।
FIR में दर्ज हाई-प्रोफाइल नाम
CBI की इस FIR में शामिल पिता के बयान में कई बेहद हाई-प्रोफाइल और रसूखदार नामों की भूमिका की गहन जांच करने की मांग की गई है। इस सूची में महाराष्ट्र के तत्कालीन कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे, उनके पिता और तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, और तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख के नामों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है। इन बड़े राजनेताओं के अलावा, दिशा के मंगेतर रोहन राय, अभिनेता डिनो मोरिया, अभिनेता सूरज पंचोली, रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती के नामों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। इसके साथ ही, कानूनी कार्रवाई और साजिश के संदर्भ में निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे, पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह, DCP विशाल ठाकुर और मालवणी थाने के कई पुलिस इंस्पेक्टरों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। जांच के इस दायरे में दिशा का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर और उस बहुमंजिला इमारत के सुरक्षा गार्ड्स भी शामिल हैं, जहां यह पूरी घटना घटित हुई थी।
आत्महत्या की कहानी और CCTV फुटेज का विरोधाभास
इस मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा पहले जो थ्योरी पेश की गई थी, उसमें और वास्तविक घटनाक्रम के समय में भारी विरोधाभास दिखाई देता है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह दावा किया गया था कि 4 जून से लेकर 8 जून 2020 तक दिशा सालियान अपने फ्लैट से बाहर नहीं निकली थीं। पुलिस के अनुसार, 8 और 9 जून की दरमियानी रात को लगभग 1:16 बजे तक दिशा फोन पर अपनी एक सहेली से बात कर रही थीं और इसके तुरंत बाद रात 1:20 बजे उन्होंने इमारत की 12वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, दिशा के पिता का आरोप है कि CCTV फुटेज पुलिस की इस कहानी को पूरी तरह से गलत साबित करता है। CCTV कैमरों के फुटेज के अनुसार, दिशा सालियान 8 जून की रात को लगभग 8:15 बजे फ्लैट नंबर 1101 की तरफ जाती हुई साफ दिखाई दे रही हैं। इसके अलावा, रात को 12:55 बजे दिशा के मंगेतर रोहन राय, 11वीं मंजिल पर रहने वाले एक निवासी और एक पुलिसकर्मी को लिफ्ट का उपयोग करके ऊपर जाते हुए देखा गया था। यह समय पुलिस के उस दावे से बिल्कुल मेल नहीं खाता जिसमें कहा गया था कि दिशा ने रात 1:20 बजे अकेले ही छलांग लगा दी थी।
शव की स्थिति, डमी टेस्ट और गायब सरकारी रिकॉर्ड
दिशा के पिता ने अपनी शिकायत में शव की स्थिति और उसके गिरने की दूरी को लेकर कई गंभीर फोरेंसिक सवाल उठाए हैं। FIR के अनुसार, पुलिस ने दावा किया था कि दिशा का शव इमारत की मुख्य संरचना से लगभग 25 फीट की दूरी पर जाकर गिरा था। बाद में, जब जांच टीम ने घटनास्थल का पुनर्निर्माण (सीन रिकंस्ट्रक्शन) किया और एक डमी के माध्यम से गिरने का टेस्ट किया, तो डमी को उतनी दूरी पर गिरा पाना संभव नहीं हो सका। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस डमी टेस्ट और सीन रिकंस्ट्रक्शन की जो वीडियो रिकॉर्डिंग और आधिकारिक दस्तावेज तैयार किए गए थे, वे कथित तौर पर स्थानीय पुलिस के जांच रिकॉर्ड से पूरी तरह गायब हो चुके हैं। इसके अलावा, अस्पताल के शुरुआती मेडिकल रिकॉर्ड में दिशा के शव को बिना कपड़ों (नग्न) के दर्ज किया गया था, जबकि बाद में पुलिस के दस्तावेजों में कपड़ों के अलग-अलग रंग और उनका विवरण दर्ज किया गया, जिससे यह संदेह पैदा होता है कि साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई थी।



















