मध्य प्रदेश के सतना में पशुपतिनाथ धाम के पास करीब एक पखवाड़े पहले हुई अधेड़ की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों को पकड़ा है। जांच अधिकारियों के अनुसार यह पूरी वारदात रुपयों के लेनदेन और भारी ब्याज दर को लेकर चल रहे विवाद का नतीजा थी। मृतक ब्याज पर पैसे देने का काम करता था और कर्ज की अदायगी न होने पर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिससे उपजे तनाव के चलते इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
बंद मकान से दुर्गंध आने के बाद सामने आया था मामला
यह वारदात 14 और 15 सितंबर की दरमियानी रात को हुई थी। मृतक की शिनाख्त रमाशंकर गर्ग के रूप में की गई थी। हत्या के बाद शव कई दिनों तक मकान के भीतर ही बंद पड़ा रहा। 18 सितंबर को जब घर से तेज बदबू फैलने लगी, तब आसपास के पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खोलकर देखा तो रमाशंकर का शव अत्यधिक सड़ चुकी हालत में मिला। पुलिस ने तुरंत शव को कब्जे में लेकर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया और तफ्तीश आगे बढ़ाई।
30 हजार का कर्ज और 10 प्रतिशत ब्याज बना विवाद की जड़
पुलिस जांच में सामने आया कि रमाशंकर गर्ग लोगों को ब्याज पर रकम उधार दिया करते थे और आरोप है कि वह मोटी ब्याज दर वसूलते थे। करीब दो साल पहले उन्होंने अंकित रैकवार को 10 प्रतिशत मासिक ब्याज की दर पर 30 हजार रुपये उधार दिए थे। सुरक्षा के तौर पर अंकित ने अपने छोटे भाई सचिन रैकवार के नाम का एक खाली यानी ब्लैंक चेक रमाशंकर को सौंपा था। जब अंकित समय पर ब्याज की रकम नहीं चुका पाया, तो रमाशंकर ने उस चेक को बैंक में लगाकर बाउंस कराया और फिर मामले को अदालत में पेश कर दिया। इसके बाद कोर्ट में इस चेक बाउंस मामले की नियमित पेशी शुरू हो गई, जिससे आरोपी काफी परेशान थे।
समझौते की बातचीत के दौरान लोटा, चाकू और कुल्हाड़ी से वार
वारदात वाली रात अंकित रैकवार अपने छोटे भाई सचिन और एक अन्य रिश्तेदार नीरज के साथ रमाशंकर के घर पहुंचा था। तीनों आरोपियों का इरादा था कि वे केवल मूल रकम वापस लौटाकर अदालत में चल रहे मुकदमे में राजीनामा कर लें। हालांकि, रमाशंकर केवल मूल रकम लेकर मामला खत्म करने को बिल्कुल तैयार नहीं हुए और पूरी ब्याज राशि पर अड़े रहे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई।
विवाद बढ़ने पर अंकित ने अचानक घर में रखे धातु के लोटे से रमाशंकर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इसके बाद तीनों ने मिलकर पास में रखे चाकू और कुल्हाड़ी से कई घातक वार किए, जिससे रमाशंकर की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या करने के बाद तीनों आरोपी घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद करके वहां से भाग निकले।
तीनों आरोपी सलाखों के पीछे
सिविल लाइन थाना पुलिस ने सुराग जुटाते हुए आखिरकार तीनों नामजद आरोपियों अंकित रैकवार, सचिन रैकवार और उनके रिश्तेदार नीरज को धर दबोचा। पुलिस हिरासत में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, चाकू और अन्य जरूरी भौतिक साक्ष्य पूरी तरह बरामद किए जा सकें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी घटना केवल उधारी की रकम और ब्याज विवाद के आक्रोश में की गई थी।




















