झारखंड के गुमला जिले में मानवता को झकझोर देने वाला एक गंभीर अपराध सामने आया है, जहां 12 वर्ष की एक नाबालिग बच्ची को कई महीनों तक लगातार दरिंदगी का शिकार बनाया गया। कक्षा पांच में पढ़ने वाली इस पीड़िता की जब अचानक तबीयत बिगड़ी, तब परिजन उसे लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। डॉक्टरों द्वारा चिकित्सीय जांच किए जाने के बाद यह चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई कि मासूम तीन माह की गर्भवती हो चुकी है। इसके बाद बच्ची ने अपने परिजनों के सामने आपबीती सुनाई कि किस तरह चार लोगों ने मिलकर अलग-अलग जगहों पर उसके साथ बार-बार घिनौना कृत्य किया था।
स्वास्थ्य केंद्र से रिम्स तक पहुंचा इलाज का सिलसिला
यह पूरा मामला गुमला जिले के अंतर्गत आने वाले कामडारा थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण इलाके का है। पीड़िता के साथ बीते तीन महीनों के दौरान विभिन्न स्थानों पर ले जाकर बार-बार सामूहिक दुष्कर्म किया गया, जिससे वह तीन माह की गर्भवती हो गई। शारीरिक स्थिति बिगड़ने पर परिजनों ने उसे सबसे पहले स्थानीय कामडारा अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक स्थिति देखने के बाद उसे तुरंत गुमला सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में भी बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस अभिरक्षा के बीच उसे रांची स्थित रिम्स भेज दिया गया।
सहेलियों से साझा किया था दर्द, मां की शिकायत पर प्राथमिकी
इस घिनौने अपराध की जानकारी सबसे पहले 30 सितंबर को सामने आई, जब पांचवीं कक्षा की इस छात्रा ने अपनी हमउम्र सहेलियों को अपने साथ हुई दरिंदगी के बारे में बताया। सहेलियों के माध्यम से जब यह बात परिजनों तक पहुंची, तब उन्होंने बच्ची से गंभीरता से पूछताछ की। इसके बाद पीड़िता ने विस्तार से बताया कि करीब तीन महीने से उसके साथ अलग-अलग जगहों पर यह अत्याचार किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की मां ने स्थानीय थाने में लिखित आवेदन सौंपा, जिसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
आरोपियों में 51 साल का व्यक्ति भी शामिल, एक फरार
दर्ज कराई गई शिकायत में लक्ष्मण लोहरा उर्फ जमू लोहरा (18 वर्ष), कृष्णा लोहरा (18 वर्ष), मंगरु लोहरा उर्फ राजन लोहरा (23 वर्ष) और गहनु मुंडा (51 वर्ष) को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामले में शामिल एक अन्य आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयान और मेडिकल जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले की गहन तफ्तीश आगे बढ़ाई जा रही है।



















