राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। मौसम विभाग के ताजा आकलन के अनुसार आज शाम तक मानसून की वापसी रेखा राज्य की सीमाओं को पार कर पूरी तरह बाहर निकल सकती है। आमतौर पर राजस्थान से मानसून 30 सितंबर तक विदा हो जाता है, किंतु इस बार इसकी वापसी की समयसीमा कुछ दिन आगे खिसक गई है। उदयपुर और डूंगरपुर से लेकर कोटा एवं धौलपुर के अंतिम छोरों से मानसून के लौटने का क्रम जारी है। मानसूनी हवाओं के लौटने के साथ ही राज्यभर में बारिश का दौर थम गया है और अब तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज किए जाने के मजबूत आसार बन रहे हैं।
4 अक्टूबर को दोनों संभागों में साफ और शुष्क रहेगा मौसम
मौसम विभाग द्वारा 4 अक्टूबर के लिए जारी पूर्वानुमान बताता है कि पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान दोनों ही भूभागों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि 4 अक्टूबर को राज्य के किसी भी जिले में वर्षा होने की कोई खास गुंजाइश नहीं है। आधिकारिक बुलेटिन में राज्य के किसी भी हिस्से के लिए बारिश या तेज हवा से जुड़ी कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। आने वाले कई दिनों तक राज्य के आसमान में बादलों की आवाजाही नगण्य रहने और मौसम के पूरी तरह स्थिर बने रहने की संभावना जताई गई है।
पूर्वी राजस्थान में बारिश पर पूरी तरह लगा विराम
पूर्वी राजस्थान में 4 अक्टूबर को दिनभर मौसम शुष्क और खुला रहेगा। दैनिक वर्षा रिपोर्ट में इस पूरे अंचल के लिए बादलों के बरसने की कोई संभावना नहीं दर्शाई गई है। मानसून के अंतिम चरण में पहुंचने के बाद अब पूर्वी हिस्से में भी वर्षा की गतिविधियां अत्यंत कमजोर होकर थम चुकी हैं। उदयपुर और डूंगरपुर के अंचल से लेकर कोटा और धौलपुर की सीमाओं से मानसून पीछे हट रहा है। इसके प्रभाव से पूर्वी जिलों में भी वातावरण पूरी तरह सूखा हो चला है। आगामी दिनों में भी यहां बारिश के लौटने के कोई संकेत नहीं हैं, जिससे किसानों और आम लोगों को खुले मौसम का सामना करना पड़ेगा।
एक तरफ जहां राजस्थान में सूखा मौसम बन रहा है, वहीं हिमालयी क्षेत्र से सटे इलाकों में मौसमी हलचल देखी जा रही है। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और नैनीताल जैसे क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है।
पूर्वी राजस्थान में रात का तापमान लुढ़का, सुबह-शाम गुलाबी ठंड
पूर्वी राजस्थान के विभिन्न जिलों में पारे की चाल में बदलाव साफ तौर पर नजर आने लगा है। सिरोही और उदयपुर जैसे पहाड़ी व पठारी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान घटकर करीब 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। रात के समय पारा गिरने से अब सुबह और देर शाम के वक्त फिजाओं में हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। हालांकि दिन के वक्त धूप खिली रहने के कारण कुछ मैदानी इलाकों में अभी भी दोपहर की गर्मी लोगों को महसूस हो रही है।
पश्चिमी राजस्थान में शुष्क मौसम के बीच दोपहर में 40 डिग्री तक तपिश
रेगिस्तानी और पश्चिमी राजस्थान के हिस्सों में भी 4 अक्टूबर को मौसम पूरी तरह सूखा और साफ रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार इस पूरे अंचल में बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है। मानसून के विदा होते ही वातावरण साफ हो गया है, जिसके चलते पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में दोपहर की धूप अभी भी काफी तीखी बनी हुई है। श्रीगंगानगर और पिलानी में बीते दिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ संकेत मिलता है कि मानसूनी बादलों के छंटने के बावजूद राज्य के उत्तरी और पश्चिमी मैदानी इलाकों में दिन के समय गर्मी का प्रभाव बरकरार है।
प्रमुख शहरों में मौसम और तापमान का ताजा हाल
राज्य के प्रमुख नगरों में मौसमी आंकड़े इस बदलाव को स्पष्ट रूप से दर्शा रहे हैं
- जयपुर: राजधानी में 4 अक्टूबर को मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहने की संभावना है। बीते दिन यहां का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
- उदयपुर: झीलों की नगरी में मौसम शुष्क रहेगा। यहां न्यूनतम तापमान गिरकर करीब 18 डिग्री सेल्सियस पर आ चुका है, जिससे सुबह और देर रात में ठंडक का एहसास बढ़ गया है।
- सिरोही: यहां भी मौसम साफ और सूखा रहने का अनुमान है। जिले में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है।
- श्रीगंगानगर: सीमावर्ती इस जिले में 4 अक्टूबर को बारिश की कोई संभावना नहीं है। बीते दिन यहां का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था।
- पिलानी: यहां भी मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। बीते दिन पिलानी में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
मौसमी बदलाव के मुख्य बिंदु
राजस्थान के वर्तमान मौसम को कुछ प्रमुख तथ्यों से समझा जा सकता है। सबसे पहले, राज्य से मानसून की वापसी अब अंतिम पड़ाव में है और आज शाम तक इसके आधिकारिक रूप से बाहर निकलने की पूरी संभावना है। दूसरा, 4 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने वाला है। तीसरा, 29 सितंबर से पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव खत्म होने के बाद से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से सूखा बना हुआ है। चौथा, आने वाले दिनों के साप्ताहिक रुख के अनुसार बारिश की गतिविधियों के दोबारा सक्रिय होने के आसार नहीं हैं। पांचवां, बारिश थमते ही न्यूनतम तापमान में गिरावट शुरू हो चुकी है, जिससे सिरोही और उदयपुर जैसे जिलों में रात का पारा 18 डिग्री सेल्सियस तक आ चुका है।


















