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बस्तर के कोलचुर में तिरपाल की छांव में पढ़ने को मजबूर 33 नौनिहाल, तीन साल से अटका नए भवन का निर्माणछत्तीसगढ़
3 अक्तू॰ 2026, 4:42 pm (4 मिनट पहले)· 0

बस्तर के कोलचुर में तिरपाल की छांव में पढ़ने को मजबूर 33 नौनिहाल, तीन साल से अटका नए भवन का निर्माण

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले स्थित कोलचुर गांव में प्राथमिक स्कूल जर्जर हालत में चल रहा है, जहां छत से पानी टपकने के कारण बच्चे तिरपाल के नीचे पढ़ाई कर रहे हैं और नया भवन वर्षों से नहीं बन पाया है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे की गंभीर स्थिति उजागर हुई है। ग्राम कोलचुर के पुजारी पारा में ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला पिछले तीन साल से अधिक समय से एक बेहद खस्ताहाल इमारत में संचालित की जा रही है। यहां पहली कक्षा से पांचवीं कक्षा तक के 33 मासूम छात्र बुनियादी सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई करने को विवश हैं। एक ही छोटे से कमरे जैसी जगह में सभी पांच कक्षाओं के छात्र एक साथ बैठते हैं, जिससे उनके बैठने और ध्यान केंद्रित करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्कूल परिसर में विद्यार्थियों के लिए शौचालय तक की समुचित सुविधा मौजूद नहीं है।

टपकती छत, तिरपाल का सहारा और हादसे की आशंका

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान स्कूल भवन की हालत बेहद खतरनाक हो चुकी है। बरसात के मौसम में छत से लगातार पानी टपकता रहता है, जिससे किताबें और कॉपियां भीगने का डर बना रहता है। इस रिसाव से बचने के लिए छत पर पॉलिथीन और तिरपाल बिछाकर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। गांव के लोगों ने बच्चों की जान पर मंडराते खतरे को लेकर गहरी चिंता जाहिर की है। ग्रामीणों के अनुसार, कक्षा चलने के दौरान एक बार छत का पंखा शिक्षिका के ऊपर गिरते-गिरते बचा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अव्यवस्था का आलम यह है कि विद्यार्थियों को ब्लैकबोर्ड और उचित बैठने की जगह के बिना बेहद असहज स्थिति में बैठकर अपनी परीक्षाएं देनी पड़ती हैं।

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स्थानांतरण के बाद भी नहीं सुलझी बुनियादी समस्याएं

ग्रामीण हीरा सिंह पटेल ने स्थिति की गंभीरता साझा करते हुए जानकारी दी कि बच्चों की सुरक्षा पर संकट को देखते हुए स्कूल को दूसरी इमारत में ले जाया गया था। हालांकि इस बदलाव से भी बच्चों और शिक्षकों को कोई राहत नहीं मिली। उस दूसरे भवन की छत से भी बारिश का पानी रिसता है और वहां भी छत पर पॉलिथीन ढककर ही कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इसके साथ ही, उस वैकल्पिक भवन में भी पीने के पानी और शौचालय का कोई प्रबंध नहीं है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।

तीन साल पहले भेजे गए प्रस्ताव पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी

गांव के उपसरपंच सुकलधर कश्यप ने बताया कि लगभग तीन वर्ष पहले ही नए स्कूल भवन के निर्माण के लिए विधिवत प्रस्ताव तैयार करके भेजा गया था। इतना लंबा समय गुजर जाने के बाद भी नए भवन के निर्माण को लेकर जमीनी स्तर पर कोई ठोस पहल शुरू नहीं हो सकी है। उपसरपंच ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर क्षेत्रीय सांसद और विधायक दोनों से कई बार संपर्क साधा और गुहार लगाई, लेकिन इसके बावजूद अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई सुध नहीं ली गई है।

सवाल-जवाब

यह मामला किस जिले और गांव का है?
यह मामला छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के ग्राम कोलचुर स्थित पुजारी पारा का है, जहां ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला संचालित हो रही है।
इस प्राथमिक स्कूल में कितने बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं?
इस स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा तक के कुल 33 बच्चे एक साथ पढ़ाई कर रहे हैं।
स्कूल भवन में बच्चों और शिक्षकों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?
छत से पानी रिसने के कारण तिरपाल के नीचे कक्षाएं लग रही हैं, बैठने और ब्लैकबोर्ड की उचित व्यवस्था नहीं है, शौचालय नहीं है और एक बार कक्षा में पंखा गिरने की घटना भी हो चुकी है।
स्कूल को दूसरे भवन में शिफ्ट करने पर क्या हुआ?
दूसरे भवन में भी छत से पानी टपकने की समस्या रही और वहां भी पानी तथा शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं मिली।
नए भवन के निर्माण की मांग कब से लंबित है?
उपसरपंच के अनुसार नए स्कूल भवन का प्रस्ताव लगभग तीन साल पहले दिया गया था, लेकिन सांसद और विधायक से गुहार लगाने के बाद भी अब तक निर्माण शुरू नहीं हुआ है।
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