पवित्र सावन मास के दौरान धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को सुचारू रूप से नियंत्रित करने के लिए अयोध्या पुलिस प्रशासन ने व्यापक यातायात डायवर्जन की योजना लागू की है। कांवड़ यात्रा, श्रावण सोमवार, श्रावण शिवरात्रि, नागपंचमी, मणिपर्वत मेला, श्रावण झूला मेला तथा श्रावण पूर्णिमा स्नान के अवसरों पर शहर और आसपास की सीमाओं पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मालवाहक भारी वाहनों, ट्रकों, डीसीएम और ट्रैक्टरों के लिए वैकल्पिक मार्गों की रूपरेखा तैयार की है। निजी वाहनों और आम यात्रियों को भी असुविधा से बचने के लिए समय से पहले रूट जांचने की सलाह दी गई है।
विभिन्न धार्मिक अवसरों के लिए डायवर्जन की प्रमुख तिथियां
प्रशासन की घोषणा के अनुसार सावन महीने की अलग-अलग महत्वपूर्ण तिथियों पर यातायात बदलाव प्रभावी रहेंगे। श्रावण मास के दूसरे सोमवार (10 अगस्त) और श्रावण शिवरात्रि (11 अगस्त) के अवसर पर 8 अगस्त को सुबह 8 बजे से 12 अगस्त को सुबह 8 बजे तक (या भीड़ खत्म होने तक) डायवर्जन व्यवस्था लागू रहेगी।
इसके पश्चात् 15 अगस्त से मणिपर्वत मेला और श्रावण झूला मेला की शुरुआत हो रही है। साथ ही 17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार तथा नागपंचमी का पर्व है। इस अवधि में 14 अगस्त को सुबह 8 बजे से लेकर 17 अगस्त को देर रात 11 बजे तक विशेष ट्रैफिक प्लान प्रभावी रहेगा।
चौथे और अंतिम श्रावण सोमवार (24 अगस्त) के लिए डायवर्जन 23 अगस्त को सुबह 8 बजे से शुरू होकर 24 अगस्त को रात 11 बजे तक चलेगा। वहीं श्रावण पूर्णिमा स्नान और सावन मेले के समापन के अवसर पर 27 अगस्त को सुबह 8 बजे से 28 अगस्त को रात 11 बजे तक (या श्रद्धालुओं की भीड़ पूरी तरह घटने तक) यातायात में बदलाव रहेगा।
सुल्तानपुर, रायबरेली, आजमगढ़ और आसपास के जिलों का रूट प्लान
अयोध्या की ओर आने वाले भारी वाहनों को शहर में प्रवेश देने के बजाय वैकल्पिक रास्तों पर भेजा जाएगा। सुल्तानपुर की दिशा से आने वाली गाड़ियों को कूड़ेभार के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की तरफ मोड़ा जाएगा। इसी प्रकार रायबरेली से अयोध्या की तरफ आने वाले भारी वाहन हलियापुर होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ेंगे।
आजमगढ़ और अंबेडकरनगर की तरफ से आने वाले यातायात को गोहन्ना मोड़ से दोस्तपुर के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर डायवर्ट किया जाएगा। बाराबंकी की ओर से आने वाले मालवाहक वाहनों को भिटरिया और रामसनेहीघाट से हैदरगढ़ होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की दिशा में भेजा जाएगा। इसके अलावा बस्ती से आने वाले भारी वाहनों को लोलपुर से नवाबगंज (गोंडा) की तरफ तथा गोंडा से आने वाली गाड़ियों को लकड़मंडी और लोलपुर होते हुए बस्ती की ओर मोड़ा जाएगा।
गोरखपुर, बस्ती, बलरामपुर और बहराइच की गाड़ियों के लिए निर्धारित मार्ग
गोरखपुर से अयोध्या की ओर जाने वाले भारी वाहनों को लिंक एक्सप्रेस-वे के जरिए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त गोरखपुर, संतकबीरनगर और बस्ती की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए कलवारी, टांडा, अकबरपुर और दोस्तपुर से होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर जाने का मार्ग तय किया गया है।
वहीं गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, मेहदावल, डुमरियागंज, उतरौला, बलरामपुर और गोंडा से आने वाली कई अन्य गाड़ियों को जरवल रोड तिराहा से वापस बहराइच की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। ये वाहन टिकोरा मोड़, चहलरी घाट रोड, सिधौली तथा सीतापुर-लखनऊ मार्ग से होकर गुजरेंगे। बलरामपुर, बहराइच, गोंडा और श्रावस्ती जिलों से लखनऊ की ओर जाने वाले भारी वाहनों के लिए भी इसी वैकल्पिक मार्ग का निर्धारण किया गया है।
कानपुर, आगरा एक्सप्रेस-वे, सीतापुर और शाहजहांपुर का डायवर्जन प्लान
कानपुर की तरफ से आने वाले मालवाहक वाहनों को कानपुर, उन्नाव, मौरावां, मोहनलालगंज, गोसाईगंज और चांदसराय के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की ओर भेजा जाएगा। आगरा एक्सप्रेस-वे से लखनऊ पहुंचने वाली गाड़ियों को मोहान, जुनाबगंज, मोहनलालाल गंज और गोसाईगंज होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर डायवर्ट किया जाएगा।
सीतापुर और शाहजहांपुर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए आईआईएम रोड, दुबग्गा, आलमबाग, नहरिया, शहीद पथ तथा अहीमामऊ के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे तक पहुंचने की व्यवस्था की गई है।
आवश्यक सेवाओं को छूट और सुरक्षा के कड़े प्रबंध
ट्रैफिक पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि यह पूरा डायवर्जन केवल भारी मालवाहक गाड़ियों पर ही लागू होगा। दूध, दवाएं, सब्जियां और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
एसपी ट्रैफिक ए पी सिंह के अनुसार श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है ताकि किसी भी श्रद्धालु को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो। इसके साथ ही सावन मेले के दौरान सुरक्षा और सुगम आवाजाही के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। यात्रियों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी का ध्यान रखें और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें।



















