दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित उच्च शिक्षा संस्थानों में शुमार होने वाली अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी ने तमिलनाडु के एक युवा को अपनी ओर आकर्षित किया है। इरोड जिले के रहने वाले 17 वर्षीय प्रणव इलंगो को इस प्रतिष्ठित आईवी लीग विश्वविद्यालय में दाखिला मिला है और उनके अध्ययन का पूरा खर्च उठाने के लिए 3.55 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। इस वित्तीय सहायता में चार साल की अकादमिक फीस के साथ-साथ उनके आवास और भोजन का पूरा प्रबंध शामिल है। प्रणव की यह कामयाबी केवल उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के मेधावी छात्रों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है। आमतौर पर यह धारणा बनी रहती है कि विदेशों के शीर्ष संस्थानों में प्रवेश पाना केवल महानगरों के साधन संपन्न परिवारों के बच्चों के ही वश की बात है, लेकिन इस युवा ने अपनी प्रतिभा के बल पर इस मिथक को पूरी तरह तोड़ दिया है।
कई अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से मिले थे ऑफर
प्रणव इलंगो की असाधारण शैक्षणिक योग्यता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें केवल ब्राउन यूनिवर्सिटी से ही बुलावा नहीं आया था। हॉन्गकॉन्ग यूनिवर्सिटी ने भी उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें सौ प्रतिशत छात्रवृत्ति का आकर्षक प्रस्ताव दिया था। हालांकि उन्होंने अपनी आगे की उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका के इस ऐतिहासिक संस्थान को चुना। इतनी कम उम्र में इस तरह के वैश्विक अवसर हासिल करना किसी चमत्कार से कम नहीं है, लेकिन इसके पीछे वर्षों का कड़ा परिश्रम और एक स्पष्ट दृष्टिकोण छिपा हुआ है। छोटे कस्बों से आने वाले छात्र अक्सर संसाधनों की कमी का सामना करते हैं, मगर दृढ़ संकल्प और सही मार्गदर्शन मिलने पर सफलता की राहें खुद-ब-खुद खुल जाती हैं।
छोटी उम्र में शुरू हुई थी बड़ी तैयारी
प्रणव की यह सफलता कोई रातों-रात मिला परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे उनकी लंबी मेहनत और लगन जुड़ी हुई है। इरोड स्थित सीएस एकेडमी में शिक्षा प्राप्त करने वाले प्रणव ने महज 13 वर्ष की छोटी उम्र में ही यह तय कर लिया था कि उन्हें अपनी जिंदगी में कुछ असाधारण करना है। उन्होंने डेक्सटेरिटी ग्लोबल के नेशनल स्कॉलर डेवलपमेंट प्रोग्राम में हिस्सा लिया था, जहां मिलने वाले मार्गदर्शन और प्रशिक्षण ने उनके बौद्धिक विकास को एक नई दिशा दी। स्कूली पढ़ाई के दौरान वे हमेशा अपनी कक्षाओं में शीर्ष स्थान पर रहे हैं। इसके अलावा वे कैंब्रिज के आईजीसीएसई मैथमेटिक्स में वर्ल्ड टॉपर का खिताब भी अपने नाम कर चुके हैं, जो उनके गणितीय कौशल की गहराई को दर्शाता है।
गणित को समस्याओं के समाधान का जरिया मानना
ज्यादातर विद्यार्थियों के लिए गणित केवल अंकों और सूत्रों का एक ऐसा जाल होता है जिसका उपयोग परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए किया जाता है। मगर प्रणव का दृष्टिकोण इस विषय को लेकर बेहद अलग और व्यावहारिक है। वे गणित को केवल किताबों तक सीमित न मानकर इसे दुनिया की जटिल समस्याओं को सुलझाने का एक प्रभावी उपकरण मानते हैं। उनका मानना है कि तार्किक सोच और गणितीय विश्लेषण के माध्यम से समाज की बड़ी से बड़ी मुश्किलों का समाधान निकाला जा सकता है। यही कारण है कि उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने किसी एक लीक पर चलने के बजाय दो भिन्न लेकिन पूरक विषयों को एक साथ चुनने का फैसला किया।
डेटा और तकनीक के जरिए स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव
अमेरिका पहुंचकर प्रणव ब्राउन यूनिवर्सिटी में पब्लिक हेल्थ और अप्लाइड मैथमेटिक्स विषयों में अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करेंगे। पहली नजर में किसी को भी यह अजीब लग सकता है कि गणित और स्वास्थ्य विज्ञान का आपस में क्या संबंध है, लेकिन प्रणव का उद्देश्य इन दोनों क्षेत्रों को जोड़ना है। उनका मुख्य सपना डेटा, तकनीक और गणित के तालमेल से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की कमियों को दूर करना है। वे एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म या वेंचर स्थापित करना चाहते हैं जो सरकारों और आम नागरिकों को सटीक स्वास्थ्य आंकड़े और सही जानकारी उपलब्ध करा सके। विशेष तौर पर उन दूरदराज और पिछड़े ग्रामीण इलाकों में जहां आज भी चिकित्सा सुविधाओं का भारी अभाव है और लोगों तक सही जानकारियां नहीं पहुंच पाती हैं।
ब्राउन यूनिवर्सिटी का ऐतिहासिक महत्व और भविष्य की योजनाएं
जिस ब्राउन यूनिवर्सिटी में प्रणव प्रवेश लेने जा रहे हैं, उसकी स्थापना वर्ष 1764 में हुई थी और यह अमेरिका के आठ सबसे प्रतिष्ठित आईवी लीग संस्थानों में शामिल है। इस विश्वविद्यालय की खासियत यह है कि यह छात्रों को अपनी रुचि के अनुसार कई अलग-अलग विषयों को आपस में जोड़कर शोध करने की पूरी स्वतंत्रता देता है। प्रणव का कहना है कि बीते वर्षों में उन्हें जो सही दिशा-निर्देश मिले, उन्होंने उनके सोचने के क्षितिज को काफी विस्तार दिया है। वे अपनी अमेरिका की पढ़ाई मुकम्मल करने के बाद पूरी दुनिया के जरूरतमंद समुदायों के कल्याण के लिए अपनी सेवाएं समर्पित करना चाहते हैं। उनकी यह प्रेरक कहानी हर उस युवा के लिए एक मजबूत संबल है जो अभावों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखता है।


















