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शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की कारोबारी बैठक में छाई तीन भारतीय दिग्गजों की मौजूदगीउत्तर प्रदेश
25 सित॰ 2026, 4:57 pm (33 दिन पहले)· 1

शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की कारोबारी बैठक में छाई तीन भारतीय दिग्गजों की मौजूदगी

अमेरिका यात्रा पर पहुंचे शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की शीर्ष स्तर की बैठक में प्रमुख अमेरिकी तकनीकी फर्मों के शीर्ष भारतीय नेतृत्व ने हिस्सा लिया।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जब अमेरिका दौरे पर पहुंचे, तब द्विपक्षीय कूटनीति के मंच पर एक बेहद असामान्य और महत्वपूर्ण तस्वीर सामने आई। सामान्य तौर पर सख्त रुख अपनाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोटोकॉल से हटकर खुद आगे आकर शी जिनपिंग का स्वागत किया। दोनों वैश्विक महाशक्तियों के बीच रिश्तों की कड़वाहट कम करने और गतिरोध दूर करने के स्पष्ट संकेत इस अगवानी से मिले। आर्थिक तनाव को सुलझाने के लिए दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने अमेरिका के अग्रणी उद्योगपतियों और अधिकारियों के साथ एक अहम उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। इस वैश्विक संवाद की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि अमेरिकी तकनीकी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले उद्योग जगत के दिग्गजों में भारत मूल के तीन प्रमुख चेहरे प्रमुखता से शामिल रहे।

वैश्विक शिखर वार्ता में भारतीय तकनीकी नेतृत्व की भूमिका

अमेरिकी राष्ट्रपति और चीनी राष्ट्रपति के साथ आयोजित इस बिजनेस राउंडटेबल में प्रमुख अमेरिकी कंपनियों के शीर्ष पदों पर आसीन भारतीय मूल के तीन तकनीकी महारथियों सत्या नडेला, सुंदर पिचाई और संजय मेहरोत्रा ने भागीदारी की। इन अधिकारियों की मौजूदगी इस बात को रेखांकित करती है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीकी संतुलन में भारतीय नेतृत्व कितना अहम स्थान बना चुका है। इनमें संजय मेहरोत्रा का सफर विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से शुरुआत करके तमाम चुनौतियों और दृढ़ संकल्प के बल पर दिग्गज अमेरिकी कंपनी के सीईओ पद तक का सफर तय किया। उनके साथ गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई और माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन सत्या नडेला ने भी इस उच्चस्तरीय चर्चा में हिस्सा लिया।

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक की दौड़ में सुंदर पिचाई

डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच बातचीत के दौरान तकनीकी गलियारों में सबसे अधिक ध्यान सुंदर पिचाई की उपस्थिति पर रहा। चेन्नई में जन्मे पिचाई आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और वैश्विक डिजिटल बुनियादी ढांचे के सबसे प्रभावशाली नेतृत्वकर्ताओं में गिने जाते हैं। मौजूदा समय में दोनों देशों के बीच मुख्य रणनीतिक प्रतिस्पर्धा आधुनिक एआई तकनीकों को लेकर केंद्रित है, जिसे देखते हुए इस चर्चा में उनकी भूमिका अत्यधिक प्रासंगिक मानी जा रही है। पिचाई ने फरवरी 2026 में भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भी प्रौद्योगिकी विस्तार की योजनाओं पर चर्चा की थी। सुंदर पिचाई के नेतृत्व में ही गूगल ने भारत के भीतर एआई ढांचे को मजबूत करने के लिए 15 अरब डॉलर निवेश करने की रूपरेखा तैयार की है। दोनों राष्ट्राध्यक्षों के साथ उनकी यह साझा बैठक तकनीक और एआई नियमों पर द्विपक्षीय समझ विकसित होने की संभावनाओं की ओर इशारा करती है।

माइक्रोसॉफ्ट की बागडोर और सत्या नडेला का विश्वास

माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और सीईओ सत्या नडेला को अमेरिकी कॉरपोरेट जगत में एक अत्यंत विश्वसनीय और दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता का दर्जा प्राप्त है। आधुनिक तकनीकी क्रांति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड सेवाओं के क्षेत्र में माइक्रोसॉफ्ट एक केंद्रीय स्तंभ बनकर उभरी है। नडेला ने इस संस्थान में 22 वर्षों तक विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए विस्तृत रणनीतिक अनुभव हासिल किया। इसके बाद 2013 में उन्हें 46 वर्ष की आयु में माइक्रोसॉफ्ट की कमान सौंपते हुए सीईओ नियुक्त किया गया था। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर नडेला की भागीदारी वैश्विक तकनीकी आपूर्ति और आधुनिक सॉफ्टवेयर रणनीति की प्राथमिकताओं को सामने रखती है।

सवाल-जवाब

शी जिनपिंग के अमेरिका पहुंचने पर डोनाल्ड ट्रंप ने क्या असाधारण कदम उठाया?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोटोकॉल तोड़कर खुद आगे आकर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत किया।
इस बैठक में कौन से तीन भारतीय मूल के दिग्गज मौजूद थे?
बैठक में गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन सत्या नडेला और दिग्गज अमेरिकी कंपनी के सीईओ संजय मेहरोत्रा मौजूद थे।
संजय मेहरोत्रा भारत के किस शहर से संबंध रखते हैं?
संजय मेहरोत्रा उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से निकलकर शीर्ष अमेरिकी कंपनी के सीईओ पद तक पहुंचे हैं।
सुंदर पिचाई की मौजूदगी को क्यों महत्वपूर्ण माना गया?
चीन और अमेरिका के बीच मुख्य प्रतिस्पर्धा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर है, और सुंदर पिचाई एआई व क्लाउड कंप्यूटिंग के सबसे प्रभावशाली वैश्विक नेतृत्वकर्ताओं में शामिल हैं।
गूगल ने भारत में एआई बुनियादी ढांचे के लिए कितने निवेश की योजना बनाई है?
सुंदर पिचाई के नेतृत्व में गूगल ने भारत में एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 15 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बनाई है।
सत्या नडेला किस वर्ष माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ बने थे?
सत्या नडेला 22 साल तक कंपनी में काम करने के बाद 2013 में 46 वर्ष की आयु में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ बने थे।
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टिप्पणियाँ 5

Vikram Yadav@vikram-yadav·33 दिन पहले

कानपुर और चेन्नई के इन दिग्गजों को ट्रंप और शी जिनपिंग के साथ एक टेबल पर देखना सच में गर्व की बात है। तकनीक की दुनिया में भारतीय चेहरों का ऐसा दबदबा देखकर अच्छा लगा।

Ravikash Gupta@ravikash·33 दिन पहले

कानपुर और चेन्नई से निकलकर दुनिया की इन बड़ी कंपनियों के टॉप पर पहुंचना वाकई कमाल है। लेकिन ट्रंप और जिनपिंग की इस मीटिंग में इन तीनों दिग्गजों की असल भूमिका क्या रही होगी, यह बात पूरी तरह साफ नहीं हो पाई।

Arjun Mehta@arjun-mehta·33 दिन पहले

रविकेश, सही कहा आपने। पिछली बार जब मैं सिलिकॉन वैली गया था, तो नडेला जी से मिलकर ऐसा ही गर्व महसूस हुआ था कि हमारे लोग वहाँ क्या कमाल कर रहे हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·33 दिन पहले

कानपुर वाले का यहाँ तक पहुँचना गज़ब है, पर क्या वाकई इन सीईओ की मौजूदगी से ट्रंप और जिनपिंग के तेवर ढीले पड़ेंगे?

Karan Malhotra@karan-malhotra·33 दिन पहले

कानपुर वाले संजय मेहरोत्रा का सफर वाकई कमाल का है रोहन! पर क्या इन दिग्गजों के होने से दोनों देशों की तकनीकी तकरार सचमुच कम होगी?

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