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शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन में नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच होगी द्विपक्षीय वार्ताभारत
27 अग॰ 2026, 5:21 pm (35 दिन पहले)· 2

शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन में नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच होगी द्विपक्षीय वार्ता

विदेश मंत्रालय ने शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की द्विपक्षीय बैठक की पुष्टि की है, जहां व्यापार, ऊर्जा और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर चर्चा होगी।

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के आगामी शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और रूस के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक संवाद आयोजित होने जा रहा है। विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक अहम द्विपक्षीय बैठक संपन्न होगी। वैश्विक स्तर पर जारी रणनीतिक बदलावों और जियो-पॉलिटिकल परिस्थितियों के बीच दोनों शीर्ष नेताओं की यह मुलाकात वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक प्राथमिकताओं पर मंथन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की इस बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देने पर विस्तृत चर्चा होगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस संवाद के दौरान विशेष रूप से व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार, ऊर्जा क्षेत्र में आपसी सहयोग तथा वैश्विक सुरक्षा तंत्र से जुड़े प्रमुख विषयों पर गंभीर मंथन किया जाएगा। वर्तमान में चल रही वैश्विक उथल-पुथल के दौर में दोनों राष्ट्रों के बीच यह उच्चस्तरीय बातचीत आपसी आर्थिक हितों की रक्षा करने और द्विपक्षीय संबंधों को अधिक मजबूती प्रदान करने में सहायक साबित होगी।

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सीमा पार आतंकवाद पर भारत की जीरो टॉलरेंस नीति

इस शिखर सम्मेलन में भारत के एजेंडे को स्पष्ट करते हुए विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज ने भारत के दृढ़ संकल्प को सामने रखा है। उन्होंने कहा कि भारत इस मंच का उपयोग आतंकवाद और सीमा पार आतंकवाद के विरुद्ध अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति को पूरी मजबूती से व्यक्त करने के लिए करेगा। भारत का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि आतंकवाद किसी एक देश की समस्या न होकर संपूर्ण मानवता के लिए एक बड़ी साझा चुनौती है। इसलिए, इस वैश्विक संकट से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को पूरी तरह एकजुट होकर आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ एक कठोर और सुस्पष्ट संदेश देने की आवश्यकता है।

सवाल-जवाब

एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान किन नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी?
इस सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी।
बैठक में किन प्रमुख विषयों पर चर्चा की जाएगी?
इस बैठक में व्यापार, ऊर्जा सहयोग, रणनीतिक संबंधों और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
आतंकवाद पर विदेश मंत्रालय ने भारत का क्या रुख स्पष्ट किया है?
विदेश मंत्रालय के सचिव सीबी जॉर्ज ने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति को मजबूती से रखेगा।
इस द्विपक्षीय बैठक की पुष्टि किस संस्थान ने की है?
विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की इस मुलाकात की पुष्टि की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·34 दिन पहले

शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन के इतर होने वाली यह उच्चस्तरीय कूटनीतिक बैठक वैश्विक सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख के लिहाज से बेहद अहम है। इस द्विपक्षीय संवाद में सीमा पार आतंकवाद और वैश्विक सुरक्षा तंत्र से जुड़े मुद्दों पर कड़े संदेश दिए जाने की संभावना है, जो क्षेत्रीय स्थिरता और न्याय व्यवस्था को प्रभावित करने वाले आपराधिक व आतंकी नेटवर्क पर नकेल कसने की दिशा में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट करने का काम करेगा।

Ravikash Gupta@ravikash·34 दिन पहले

यह उच्चस्तरीय वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार और वित्तीय आपूर्ति श्रृंखलाएं भारी दबाव में हैं। रूस के साथ व्यापारिक संबंधों का विस्तार और ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा भारत के वृहद आर्थिक हितों और मुद्रास्फीति नियंत्रण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। प्रतिबंधों के बीच भुगतान तंत्र और द्विपक्षीय व्यापार को स्थानीय मुद्राओं में बढ़ावा देने पर संभावित प्रगति वित्तीय बाजारों और कॉर्पोरेट निवेश के दृष्टिकोण से एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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