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सिंहस्थ 2028 की तैयारी: उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की जद में आया मुख्यमंत्री मोहन यादव का पैतृक घर, 272 निर्माणों पर चले निगम के निशानमध्य प्रदेश
25 सित॰ 2026, 8:37 pm (33 दिन पहले)· 0

सिंहस्थ 2028 की तैयारी: उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की जद में आया मुख्यमंत्री मोहन यादव का पैतृक घर, 272 निर्माणों पर चले निगम के निशान

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए 730 मीटर लंबी सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना है, जिसके दायरे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान और उनकी बहन का आवास भी आ रहा है।

धार्मिक नगरी उज्जैन में आगामी सिंहस्थ 2028 के भव्य आयोजन को सुगम बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने सड़कों के विस्तार और चौड़ीकरण की व्यापक योजना पर तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं। इसी बुनियादी ढांचे के विकास कार्य के अंतर्गत खजूर वाली मस्जिद से शुरू होकर अब्दालपुरा और जीवाजीगंज थाने से गुजरते हुए गणेश चौक तक जाने वाले मार्ग को नए सिरे से चौड़ा किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक करीब 730 मीटर लंबे इस व्यस्त और संकरे रास्ते को बढ़ाकर 15 मीटर चौड़ा बनाया जाना प्रस्तावित है। इस पूरी विकास योजना के दायरे में वर्तमान में कुल 272 निर्माण और इमारतें आ रही हैं, जिनमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान भी शामिल है। इसके अलावा उनकी बड़ी बहन तथा नगर निगम की सभापति कलावती यादव का आवास भी इसी दायरे में चिन्हित हुआ है।

प्रशासनिक नपती और लाल निशान की प्रक्रिया

सड़क विस्तार की इस कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए नगर निगम के तकनीकी दल ने पूरे इलाके में सर्वेक्षण पूरा कर लिया है। अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने प्रभावित होने वाली सभी 272 संपत्तियों की विस्तृत नपती की और उनके प्रभावित हिस्सों पर लाल रंग के निशान लगा दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई पर मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि उज्जैन के समग्र विकास और सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों में वे पूरा सहयोग करेंगे। परिजनों ने शहरहित को सर्वोपरि मानते हुए निर्माण के उस हिस्से को स्वेच्छा से हटाने पर सहमति जताई है जो सड़क के नए नक्शे के बीच आ रहा है।

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1974 में दादा रामचंद्र यादव ने रखी थी मकान की नींव

चौड़ीकरण की जद में आ रहे इस पैतृक आवास का पारिवारिक और ऐतिहासिक महत्व भी गहरा है। वर्ष 1974 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दादा रामचंद्र यादव ने इस मकान का निर्माण कराया था। इसी घर के आंगन में रामचंद्र यादव के दोनों बेटों पूनमचंद्र यादव और शंकरलाल यादव समेत पूरे परिवार की पीढ़ियों का बचपन गुजरा। पूनमचंद्र यादव की पांच संतानों में नंदलाल यादव, नारायण यादव, स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ग्यारसी बाई और नगर निगम सभापति कलावती यादव शामिल हैं। दशकों पुराने इस पारिवारिक आशियाने की स्मृतियां पूरे परिवार से जुड़ी हैं, इसके बावजूद सार्वजनिक हित में परिवार सहयोग के लिए आगे आया है।

समान नियमों और सहयोग की अपील

नगर निगम सभापति कलावती यादव ने स्थिति पर अपने विचार रखते हुए कहा कि खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक के इस पूरे मार्ग में उनका पैतृक आवास भी प्रभावितों की सूची में दर्ज है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस क्षेत्र में बसने वाला हर नागरिक उनके परिवार के सदस्य के समान है, लिहाजा विकास की इस मुहिम में किसी के साथ भी राजनीतिक दल या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रभावित नागरिकों के सामने आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार संवाद किया जाएगा, और अच्छी बात यह है कि स्थानीय रहवासी भी इस कार्य में सहयोग दे रहे हैं। इसी क्रम में स्थानीय भाजपा नगर महामंत्री जगदीश पांचाल ने भी जानकारी दी कि उनका मकान भी चौड़ीकरण की जद में आ रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि उज्जैन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के लिए शहरवासियों में अतिथि देवो भव की भावना समाहित है, इसलिए विकास के इस कदम पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

सवाल-जवाब

उज्जैन में किस मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण की योजना बनाई गई है?
यह योजना खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा और जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक के लगभग 730 मीटर लंबे मार्ग के लिए बनाई गई है।
इस मार्ग को कितना चौड़ा किया जाएगा?
प्रशासनिक योजना के अनुसार इस 730 मीटर लंबे मार्ग को बढ़ाकर 15 मीटर चौड़ा किया जाना है।
इस चौड़ीकरण की जद में कुल कितने निर्माण आ रहे हैं?
नगर निगम की नपती के अनुसार इस क्षेत्र में कुल 272 इमारतें चौड़ीकरण के दायरे में आ रही हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के पैतृक मकान की क्या पृष्ठभूमि है?
यह मकान वर्ष 1974 में उनके दादा रामचंद्र यादव ने बनवाया था, जहां मुख्यमंत्री और उनके भाई-बहनों का बचपन बीता।
क्या मुख्यमंत्री का परिवार निर्माण हटाने पर सहमत है?
हां, मुख्यमंत्री के परिजनों और नगर निगम सभापति कलावती यादव ने शहर के विकास और सिंहस्थ की तैयारियों के लिए प्रभावित हिस्से को हटाने पर सहमति जताई है।
क्या किसी अन्य जनप्रतिनिधि का मकान भी इस जद में आया है?
हां, भाजपा नगर महामंत्री जगदीश पांचाल का मकान भी सड़क चौड़ीकरण के दायरे में चिन्हित हुआ है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·33 दिन पहले

1974 का घर टूटना दिल दुखाने वाला है, फिर चाहे मुख्यमंत्री का ही क्यों न हो। सिंहस्थ की तैयारी अपनी जगह ठीक है, पर पुश्तैनी यादें ऐसे एक झटके में मिटा देना ठीक नहीं लगता।

Arjun Mehta@arjun-mehta·33 दिन पहले

खुद मुख्यमंत्री का घर हो और कोई विरोध न हो, बात कुछ हजम नहीं होती।

Ravikash Gupta@ravikash·33 दिन पहले

अर्जुन जी, मुख्यमंत्री के परिवार का खुद आगे आकर मकान का हिस्सा तोड़ने देना बड़ी मिसाल है, इसमें शक की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

Rohan Verma@rohan-verma·33 दिन पहले

उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियां देख पुराना समय याद आ गया। जब भी शहर में बड़े पैमाने पर चौड़ीकरण होता है, ऐसे कई पुराने घर और यादें रास्ते में आ ही जाती हैं। मुख्यमंत्री के परिवार ने खुद आगे बढ़कर घर का हिस्सा टूटने दिया, यह देखकर अच्छा लगा कि कम से कम नियम सबके लिए बराबर माने जा रहे हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·33 दिन पहले

रोहन जी, बात सही है। जब नियम लागू होते हैं तो आम हो या खास, सबको एक ही तराजू में तौलना चाहिए, तभी प्रशासन पर भरोसा बनता है।

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