बिहार विधान परिषद की शिक्षक निर्वाचन सीटों पर हुए चुनावों में एक चौंकाने वाला राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। इस चुनाव में शिक्षकों ने बड़ा उलटफेर करते हुए सभी चार मौजूदा विधान पार्षदों को चुनावी मैदान में शिकस्त दे दी है। इस अप्रत्याशित परिणाम से राज्य के उच्च सदन यानी विधान परिषद में नए राजनीतिक समीकरणों का बनना तय माना जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की इन चार सीटों पर मतदाताओं ने किसी एक राजनीतिक दल के पक्ष में पूरी तरह से मतदान करने के बजाय अलग-अलग दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों पर अपना भरोसा जताया है।
नवल किशोर यादव की हार से भाजपा को बड़ा नुकसान
इस चुनाव के परिणामों में भारतीय जनता पार्टी को सबसे बड़ा और गहरा झटका लगा है। पार्टी के कद्दावर और जमीनी नेता माने जाने वाले नवल किशोर यादव पटना शिक्षक निर्वाचन सीट से चुनाव हार गए हैं। नवल किशोर यादव इस सीट पर पिछले 30 साल से लगातार जीत दर्ज करते आ रहे थे। चुनाव से पहले केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के कारण उनके पक्ष में राजनीतिक माहौल होने की बात कही जा रही थी, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी सीट बचाने में नाकाम रहे। राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने उन्हें चुनावी मैदान में मात दी। पटना क्षेत्र में तीन दशकों के लंबे कार्यकाल के बाद भाजपा के इस दिग्गज नेता की हार पार्टी संगठन के लिए एक बड़ा उलटफेर है।
विभिन्न सीटों पर जीत और हार का पूरा गणित
बिहार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए आए चुनावी नतीजों के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल के डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा उम्मीदवार नवल किशोर यादव को 1057 मतों के अंतर से पराजित किया है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम सुबह के वक्त सामने आया, जबकि तिरहुत, दरभंगा और सारण निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे मंगलवार की देर रात ही घोषित किए जा चुके थे। तिरहुत शिक्षक सीट से भाजपा के नरेन्द्र सिंह ने 600 मतों के अंतर से जीत हासिल की है। वहीं दूसरी ओर सारण शिक्षक सीट पर एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला, जहां भाजपा के बागी और निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज ने 1815 वोटों से शानदार जीत दर्ज की है। इसके अलावा दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय ने बाजी मारी है और चुनाव में जीत हासिल की है।
राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी और चर्चाएं
चुनाव परिणामों के सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है और विभिन्न दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस चुनावी माहौल के बीच जेडीयू के नीरज कुमार ने हालिया राजनीतिक बयानों और तंज के जरिए माहौल को और गरमा दिया है। इन तमाम नतीजों ने यह साबित कर दिया है कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता पारंपरिक समीकरणों से परे जाकर अपने फैसले ले रहे हैं, जिससे आगामी राजनीतिक भविष्य के लिए नए संकेत मिल रहे हैं।


















