त्रिपुरा में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई दिशा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को दुर्जयलनगर में नवनिर्मित नर्सिंग परिसर का औपचारिक उद्घाटन किया। इस आधुनिक परिसर के भीतर सरकारी नर्सिंग कॉलेज, बी.आर. अंबेडकर नर्सिंग स्कूल और एएनएमआर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को एक साथ स्थापित किया गया है, जिससे नर्सिंग के छात्रों को एक ही स्थान पर बेहतर पढ़ाई और प्रैक्टिकल का माहौल मिल सकेगा।
एक ही परिसर में तीन प्रमुख संस्थान
उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि यह साझा परिसर सभी छात्रों के लिए एकीकृत शिक्षण का एक बेहतरीन माध्यम बनेगा। राज्य सरकार की योजना इस पूरे क्षेत्र को एक व्यापक नर्सिंग हब के रूप में विकसित करने की है, जिसके लिए परिसर के पीछे की खाली जमीन समेत अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण भी किया जाएगा।
हेल्थकेयर सिस्टम में नर्सों की अहम भूमिका
चिकित्सा व्यवस्था में नर्सों के योगदान को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर में चिकित्सा सेवाओं के स्तर को बेहतर बनाने के लिए ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना सबसे जरूरी है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में नर्सिंग पेशेवरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
लागत और भविष्य की विस्तार योजनाएं
इस मेगा प्रोजेक्ट के वित्तीय पहलुओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अकेले एएनएम ट्रेनिंग कंपोनेंट के विकास के लिए 8 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का आवंटन किया गया था। भविष्य में इस परिसर के विस्तार और अतिरिक्त बुनियादी ढांचे को खड़ा करने के लिए और अधिक फंड की आवश्यकता होगी, जिसे सरकार द्वारा पूरा किया जाएगा।
हॉस्टल और आधुनिक लैब का निर्माण
संबंधित काउंसिल के तय मानकों और दिशा-निर्देशों के मुताबिक, इस इमारत में एक अतिरिक्त मंजिल के निर्माण के आदेश भी दिए जा चुके हैं। इस प्रस्तावित विस्तार के तहत आधुनिक लैब्स और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। यह पहल राज्य की स्वास्थ्य से जुड़ी बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए एक कुशल कार्यबल तैयार करने में मदद करेगी।


















