अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के दौरान मतदान केंद्रों के आसपास संघीय आव्रजन एजेंटों के संभावित दखल को रोकने के लिए देश भर में स्वयंसेवकों की भारी फौज तैयार हो गई है। हालिया महीनों में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट यानी ICE की कार्यवाहियों से प्रभावित समुदायों में गहरी चिंता बनी हुई है, जिसके चलते नागरिक अधिकार समूहों और स्थानीय संगठनों ने कमर कस ली है।
कम्युनिटी पेट्रोलिंग और ट्रेनिंग सेशन
ओहायो के कोलंबस शहर में अर्ली वोटिंग लोकेशन एक ऐसे क्षेत्र में स्थित है जो आप्रवासी आबादी से जुड़ा हुआ है। यहाँ के स्थानीय समूहों ने मतदान केंद्रों के करीब गश्त लगानी शुरू कर दी है। संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि चुनाव के दिन यह संख्या काफी बढ़ जाएगी। इन स्वयंसेवकों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है कि वे संघीय एजेंटों की हरकतों को रिकॉर्ड करें और उसकी सूचना तुरंत व्हाट्सएप और सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्म पर बने समूहों में साझा करें।
वॉलंटियर्स को यह सिखाया जा रहा है कि वे एजेंटों के बर्ताव पर नजर रखें, उनकी वर्दी की पहचान करें और उनके वाहनों को पहचान सकें। इस तरह के प्रयास देश भर के कई अन्य शहरों में भी बड़े पैमाने पर दोहराए जा रहे हैं। नेशनल लेवल पर कॉमन कॉज, अमेरिकन सिविल लिबरटीज यूनियन और इंडिविजिबल जैसे संगठन ट्रेनिंग सेशन चला रहे हैं, जबकि एरिजोना में लिविंग यूनाइटेड फॉर चेंज और नॉरकैलब रेसिस्ट जैसे स्थानीय दल भी इसमें पूरी तरह जुटे हुए हैं।
सरकारी पक्ष और विशेषज्ञों का रुख
आधिकारिक तौर पर होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के दिन मतदान केंद्रों पर आईस एजेंटों को तैनात करने की कोई योजना नहीं है। विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि आईस खुफिया जानकारी के आधार पर लक्षित कार्रवाई करता है, और यदि किसी मतदान केंद्र पर कोई वास्तविक सार्वजनिक सुरक्षा खतरा उत्पन्न होता है, तो ही ऐसी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों ने पिछले छह महीनों के दौरान इस तरह की तैनाती से साफ इनकार नहीं किया है।
मई के महीने में जब ट्रंप से पूछा गया था कि क्या वे मध्यावधि चुनावों के दौरान नेशनल गार्ड या आईस को उतारेंगे, तो उनका कहना था कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जो भी जरूरी होगा वह किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, चुनाव मामलों के जानकारों का मानना है कि इस तरह की व्यापक तैनाती जमीन पर शायद ही देखने को मिले। चुनाव नवाचार और अनुसंधान केंद्र के प्रमुख डेविड बेकर का कहना है कि यह या तो होगा नहीं और यदि कभी हुआ भी, तो वह केवल छिटपुट और आकस्मिक मामलों तक ही सीमित रहेगा।
मतदाताओं में डर और डिजिटल वॉर रूम
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान जिन समुदायों को आईस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है, वहाँ के लोग इस खतरे को बहुत वास्तविक मान रहे हैं। नेवादा के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट सिस्को एगुइलर ने बताया कि उनके राज्य में ग्रामीण इलाकों से लेकर लास वेगास तक लोगों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मतदान स्थलों पर संघीय एजेंट मौजूद रहेंगे। वोोटो लातीनो की कार्यकारी निदेशक बीट्रिज लोपेज का भी मानना है कि लातीनो मतदाता इस प्रशासन के निशाने पर हैं क्योंकि वे कई कड़े मुकाबलों वाली सीटों का परिणाम तय करने की क्षमता रखते हैं।
इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए लातीनो का संगठन चुनाव के दिन एक वॉर रूम संचालित करेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को भटकाने वाले वायरल फर्जी संदेशों की पहचान करना और उनका खंडन करना होगा। इसके अलावा वे इस आशंका के लिए भी तैयार हैं कि मतदान के दिन कुछ इलाकों में घरों पर छापे मारे जा सकते हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बन सकता है।
तनाव कम करने के अनूठे तरीके और डिजिटल ट्रैकिंग
कोलंबस में 614 आईस वॉच जैसे संगठन मतदान केंद्रों के पास के मोहल्लों में छोटे-छोटे समूहों में गश्त कर रहे हैं ताकि कोई अकेला न पड़े। स्वयंसेवकों को तनाव की स्थिति से निपटने के लिए अजीब लेकिन प्रभावी तरीके सिखाए गए हैं, जैसे कि जरूरत पड़ने पर गुनगुनाना या गाना ताकि स्थिति को शांत रखा जा सके। उनका मुख्य उद्देश्य एजेंटों से उलझना नहीं बल्कि उनकी हरकतों का दस्तावेजीकरण करना है ताकि घटनाओं को सार्वजनिक किया जा सके।
जनवरी में मिनीपोलिस में एलेक्स प्रेट्टी की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद 'आईज ऑन आइस' जूम ट्रेनिंग सेशन में दो लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया था, जिसमें एजेंटों की गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के तरीके सिखाए गए थे। अब वही हुनर इन मध्यावधि चुनावों में काम आ रहा है। एरिजोना में लिविंग यूनाइटेड फॉर चेंज ने स्वयंसेवकों को संवैधानिक रक्षक के रूप में प्रशिक्षित किया है और एक गुप्त हीट मैप तैयार किया है जिसके जरिए मारिकोपा और पिमा काउंटी में आईस की गतिविधियों को ट्रैक किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर नजर और भविष्य की रणनीति
कैलिफोर्निया के सटर काउंटी में हाल ही में छह आईस वाहन एक मतदान केंद्र की पार्किंग में देखे गए जिसके बाद स्थानीय संगठन तुरंत सक्रिय हो गए। नॉरकैलब रेसिस्ट के अधिकारियों का कहना है कि जब इस तरह की गतिविधियों पर सामुदायिक ध्यान आकर्षित होता है, तो एजेंट अक्सर वहाँ से चले जाते हैं। होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने सफाई दी थी कि वे मैक्सिको के एक अवैध आप्रवासी के खिलाफ लक्षित कार्रवाई के सिलसिले में वहाँ मौजूद थे।
इन सभी संगठनों के नेता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि वे किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जमीनी स्तर के ये कार्यकर्ता और नागरिक सुरक्षा ढांचा इस बात की गारंटी दे रहे हैं कि यदि मतदान केंद्रों पर संघीय एजेंटों की सक्रियता बढ़ती है, तो उसकी तस्वीरें और दस्तावेज पलक झपकते ही पूरी दुनिया के सामने आ जाएंगे।

















