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संघ लोक सेवा आयोग के सौ वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने जारी किए विशेष सिक्का, डाक टिकट और पुस्तकदिल्ली
1 अक्तू॰ 2026, 12:00 pm (29 दिन पहले)· 1

संघ लोक सेवा आयोग के सौ वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने जारी किए विशेष सिक्का, डाक टिकट और पुस्तक

दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मारक डाक टिकट, सिक्का और 100 ऐतिहासिक फैसलों पर आधारित किताब जारी की।

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन यानी संघ लोक सेवा आयोग ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर दिल्ली के भारत मंडपम में भव्य शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। देश में प्रशासनिक सेवाओं की नींव रखने वाले इस संस्थान के गौरवशाली सफर को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने विशेष पहलों का अनावरण किया और आयोग के योगदान की सराहना की।

स्मारक डाक टिकट, सिक्का और विशेष पुस्तक का विमोचन

शताब्दी समारोह के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयोग की 100 वर्षों की यात्रा को समर्पित एक शताब्दी स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट जारी किया। इसके साथ ही उन्होंने लोक सेवा आयोगों से जुड़े 100 ऐतिहासिक फैसलों पर आधारित एक महत्वपूर्ण पुस्तक का भी लोकार्पण किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासियों का संघ लोक सेवा आयोग पर अटूट भरोसा है और उन्होंने भविष्य की चयन प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।

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1926 में हुई थी आयोग की स्थापना

भारत में सिविल सेवा के इतिहास में संघ लोक सेवा आयोग की यात्रा वर्ष 1926 से शुरू हुई थी। लोक सेवा आयोग के रूप में 1926 में स्थापित इस संस्थान ने भारतीय प्रशासनिक सेवा और पुलिस सेवा सहित केंद्रीय सेवाओं के लिए देश के शीर्ष अधिकारियों के चयन की निष्पक्ष व्यवस्था को मजबूत किया। एक सदी के इस सफर में आयोग ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और शासन की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को निरंतर ढाला है।

लाखों उम्मीदवारों की भागीदारी

प्रशासनिक सेवाओं में शामिल होने के लिए युवाओं का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। 2025 में संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में 10 से 12 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। इनमें से केवल सिविल सेवा परीक्षा के लिए ही 9 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन फॉर्म भरा था, जो इस प्रतिष्ठित चयन संस्था के प्रति देश भर के युवाओं की व्यापक उम्मीदों और भरोसे को दर्शाता है।

सवाल-जवाब

संघ लोक सेवा आयोग की स्थापना कब हुई थी?
संघ लोक सेवा आयोग की शुरुआत 1926 में लोक सेवा आयोग के रूप में हुई थी।
शताब्दी समारोह कहाँ आयोजित किया गया?
यह शताब्दी समारोह नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या जारी किया?
प्रधानमंत्री ने 100 ऐतिहासिक फैसलों पर आधारित पुस्तक, एक शताब्दी स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट जारी किया।
वर्ष 2025 में कितने छात्रों ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में भाग लिया?
2025 में आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में 10 से 12 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से 9 लाख से अधिक ने सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन किया था।
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टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·27 दिन पहले

सौ साल पूरे होना वाकई बड़ी बात है। जब मेरा भाई दिल्ली में सिविल सेवा की तैयारी कर रहा था, तब उसका हर दिन इसी संस्था के इर्द-गिर्द घूमता था।

Arjun Mehta@arjun-mehta·28 दिन पहले

नौ लाख से ज्यादा आवेदन सिर्फ सिविल सर्विसेज के लिए! सच में हमारे यहाँ सरकारी नौकरी का क्रेज कभी कम नहीं होने वाला है।

Sophie Laurent@sophie-laurent·28 दिन पहले

अर्जुन, नौ लाख आवेदन वाकई हैरान करने वाले हैं! भारत में इस परीक्षा का क्रेज सचमुच किसी और देश में देखने को नहीं मिलता।

Rohan Verma@rohan-verma·28 दिन पहले

सौ साल का सफर वाकई बड़ा है, यूपी के हज़ारों युवा हर साल इस परीक्षा की तैयारी में रात-दिन एक करते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·28 दिन पहले

रोहन भाई, तैयारी तो हज़ारों करते हैं पर क्या सच में चयन पूरी तरह पारदर्शी होता है? इस पर थोड़ा शक है।

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