प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर चुके सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वे दिल्ली से श्रीनगर के बीच हाल ही में शुरू की गई वंदे भारत ट्रेन सेवा के अपने पहले सफर का अनुभव साझा करते हुए नजर आ रहे हैं। लद्दाख की ओर अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने ट्रेन यात्रा के आरामदायक माहौल और भारतीय रेल की व्यवस्थाओं की खुले दिल से प्रशंसा की है।
सफर का अनुभव और चिनाब पुल का नजारा
सोशल मीडिया पर जारी संदेश में सोनम वांगचुक ने बताया कि वे वापस लद्दाख की ओर रवाना हो चुके हैं और उन्होंने इस यात्रा के लिए रेल मार्ग को चुना है। उन्होंने कहा कि ट्रेन हमेशा से उनका सबसे पसंदीदा परिवहन साधन रही है। दिल्ली से श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन में यह उनका पहला व्यक्तिगत अनुभव था। यात्रा के दौरान वे चिनाब नदी पर निर्मित ऐतिहासिक और भव्य रेलवे पुल का दृश्य देखने के लिए विशेष रूप से उत्सुक थे। उन्होंने इस संपूर्ण रेल यात्रा को एक अत्यंत सुंदर और स्मरणीय अनुभव बताया और कहा कि उन्हें भारतीय रेल के इस बुनियादी ढांचे पर गहरा गर्व है।
कश्मीर में ठहराव और लद्दाख की ओर रवानगी
अपनी यात्रा के अगले चरण के बारे में जानकारी देते हुए वांगचुक ने बताया कि श्रीनगर पहुंचने के बाद उन्होंने कश्मीर के स्वच्छ वातावरण, शुद्ध हवा और प्राकृतिक जल के बीच एक दिन का विश्राम किया। इस संक्षिप्त और सुखद विश्राम के बाद वे आगे लद्दाख की अपनी यात्रा पर निकल पड़े हैं। उन्होंने व्यक्त किया कि रेल नेटवर्क से इस क्षेत्र की यात्रा करना बेहद सुगम और प्रेरणादायक सिद्ध हो रहा है।
परीक्षा सुधार विधेयक पर वांगचुक का रुख
अपनी रेल यात्रा के अनुभवों के साथ-साथ सोनम वांगचुक ने देश में परीक्षा सुधारों के मुद्दे पर भी अपनी राय व्यक्त की। संसद में परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने और पेपर लीक की रोकथाम के लिए लाए गए विधेयक पर उन्होंने खुशी जाहिर की। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुधार की प्रक्रिया केवल परीक्षाओं के संचालन तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि देश की संपूर्ण शिक्षा प्रणाली में निरंतर और व्यापक स्तर पर सुधार किए जाने आवश्यक हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट में साझा किया संदेश
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो के कैप्शन में अपने विचारों को संक्षिप्त रूप में भी लिखा। उन्होंने कहा कि जहां उन्हें भारतीय रेल के विकास पर गर्व है, वहीं वे उम्मीद करते हैं कि भारत सरकार अपने प्रशासनिक और नीतिगत वादों को भी इसी तत्परता से पूरा करेगी ताकि आम नागरिकों का विश्वास तंत्र पर और अधिक मजबूत हो सके।
















