छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक कॉलेज छात्रा की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के एक छात्र नेता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी छात्र नेता की पहचान ज्ञान तिवारी के रूप में हुई है, जिस पर एक 19 वर्षीय छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने यह बड़ा कदम उठाया है।
पटपरिया में सुबह मिला शव
मृतका की पहचान अंतरा शाह (19) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के चिरमिरी गोदरीपारा की रहने वाली थी। वह अंबिकापुर के प्रसिद्ध पीजी कॉलेज में BA प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। पढ़ाई के सिलसिले में वह शहर के पटपरिया इलाके में अपनी बड़ी बहन के घर पर रह रही थी। परिजनों के अनुसार, 10 सितंबर को वह रोजाना की तरह कॉलेज से लौटी थी और रात का खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चली गई थी। लेकिन 11 सितंबर की सुबह जब परिजनों ने उसे उसके बिस्तर पर नहीं पाया, तो खोजबीन शुरू की गई। इस दौरान घर के वॉशरुम की खिड़की से उसका शव फंदे पर लटका हुआ मिला, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
निजी चैट और वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग का आरोप
इस दुखद घटना के बाद मृतका की सहेलियों और परिजनों ने एनएसयूआई नेता ज्ञान तिवारी के खिलाफ बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि ज्ञान तिवारी के पास छात्रा के कुछ निजी चैट और वीडियो मौजूद थे। आरोपी इन संवेदनशील सामग्रियों का इस्तेमाल कर छात्रा को लगातार डरा-धमका रहा था और प्रताड़ित कर रहा था। वह इन चैट और वीडियो को परिजनों को दिखाने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। परिजनों का कहना है कि इसी मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर अंतरा शाह ने अंततः यह आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया।
कांग्रेस से निलंबन और पुलिस कार्रवाई
मामला गरमाने और स्थानीय स्तर पर आक्रोश बढ़ने के बाद पुलिस ने तेजी से कदम उठाए। गांधीनगर थाना पुलिस ने पीड़ित परिवार की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपी छात्र नेता ज्ञान तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही, पुलिस ने सच का पता लगाने के लिए मृतका का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया है, जिसकी जांच फोरेंसिक टीम द्वारा की जाएगी ताकि डिलीट किए गए डेटा और ब्लैकमेलिंग के सबूतों को रिकवर किया जा सके। इस बीच, राजनीतिक स्तर पर भी आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है; कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्ञान तिवारी को संगठन के छात्र विंग (एनएसयूआई) और कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तुरंत निलंबित कर दिया है।



















