गुवाहाटी की गिरिजनंद चौधरी यूनिवर्सिटी के दो मेधावी छात्रों को रूस की राजधानी मॉस्को में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल रसोफाइल मूवमेंट के चौथे कांग्रेस में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 16 और 17 सितंबर को होना है, जिसमें दुनिया भर के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर असम का प्रतिनिधित्व
इस सम्मेलन में शामिल होने वाले छात्रों में बैचलर ऑफ फार्मेसी यानी बी.फार्मा की छात्रा चार्लिन महालिया और प्रचिथा दुअरा शामिल हैं। दोनों विद्यार्थियों ने सोमवार को गुवाहाटी एयरपोर्ट से मॉस्को के लिए अपनी इस महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत की। वे इस बड़े आयोजन के लिए बनाई गई 30 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनकर रूस गए हैं।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर से रूबरू होने का अवसर
मॉस्को का यह दौरा दोनों छात्रों के लिए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से मिलने और संवाद करने का एक बड़ा माध्यम बनेगा। इस सम्मेलन के जरिए उन्हें रूस की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नजदीक से देखने और समझने का मौका मिलेगा। इसके अलावा शिक्षा, संस्कृति और आपसी संबंधों को मजबूत करने वाले वैश्विक संवादों में भी वे अपनी भागीदारी दर्ज कराएंगे।
क्या है इंटरनेशनल रसोफाइल मूवमेंट का उद्देश्य
इंटरनेशनल मूवमेंट ऑफ रसोफाइल एक ऐसा वैश्विक मंच है जो दुनिया भर के विभिन्न देशों के वैज्ञानिकों, कलाकारों, विशेषज्ञों और नागरिकों को एक साथ जोड़ता है। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य विदेशों में रूसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना और उसे बढ़ावा देना है। मॉस्को में होने वाला यह चौथा कांग्रेस ऐतिहासिक स्मृतियों, आपसी सम्मान, मित्रता और रचनात्मक अंतरराष्ट्रीय संवाद के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए एक सार्वजनिक मंच के रूप में काम करेगा, जिसमें रूस के पारंपरिक आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
युवा पीढ़ी के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा
इस सम्मेलन के प्रमुख उद्देश्यों में अंतरराष्ट्रीय मानवीय संबंधों को मजबूत करना, विज्ञान और संस्कृति से जुड़े विशेषज्ञों के बीच सहयोग बढ़ाना और ऐतिहासिक सच की रक्षा करना शामिल है। इसके साथ ही यह आयोजन युवा पीढ़ी के भीतर नागरिक और देशभक्ति की शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूसी संस्कृति की लोकप्रियता बढ़ाने का भी काम करेगा।
विश्वविद्यालय ने जताई खुशी
असम के युवाओं का इस तरह के वैश्विक मंच पर पहुंचना भारत और रूस की दोस्ती को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। गिरिजनंद चौधरी यूनिवर्सिटी ने इन दोनों छात्राओं के चयन पर गर्व महसूस करते हुए इसे संस्थान के लिए गौरव का क्षण बताया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन का मानना है कि यह उपलब्धि छात्रों के अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक और शैक्षणिक आयोजनों में बढ़ते जुड़ाव को दर्शाती है। यूनिवर्सिटी ने अपनी दोनों छात्राओं को मॉस्को कांग्रेस में उनकी सफल और ज्ञानवर्धक भागीदारी के लिए अपनी शुभकामनाएं दी हैं।



















