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अरुणाचल प्रदेश में सोलन महिलाओं ने रचा इतिहास, सोलह हजार से अधिक महिलाओं ने हासिल की लखपति दीदी की उपाधिअरुणाचल प्रदेश
14 सित॰ 2026, 10:29 pm (48 मिनट पहले)· 0

अरुणाचल प्रदेश में सोलन महिलाओं ने रचा इतिहास, सोलह हजार से अधिक महिलाओं ने हासिल की लखपति दीदी की उपाधि

अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चौना मेन ने बताया कि राज्य में सोलह हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और लगभग एक लाख महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है।

अरुणाचल प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल करते हुए सोलह हजार से अधिक महिलाओं ने लखपति दीदी का दर्जा प्राप्त कर लिया है। इसके साथ ही राज्यभर में लगभग एक लाख महिलाओं को कुल पंद्रह हजार नौ सौ ننان्वे स्व-सहायता समूहों के दायरे में लाया गया है। इस बात की जानकारी राज्य के उपमुख्यमंत्री चौना मेन ने सोमवार को दी है।

महिला नेतृत्व और आर्थिक प्रगति

सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश में चौना मेन ने कहा कि यह बढ़ता हुआ अभियान महिलाओं को उनके कौशल, स्थानीय संसाधनों और व्यावसायिक क्षमताओं का उपयोग करके आय के दीर्घकालिक और मजबूत स्रोत तैयार करने में मदद कर रहा है। जब महिलाएं कमाई करती हैं, तो परिवारों को अधिक सुरक्षा मिलती है, समाज अधिक मजबूत बनता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ती है। सरकार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक भागीदारी तक सीमित न रखकर उन्हें आर्थिक नेतृत्व की ओर ले जाना है।

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योजना का उद्देश्य और लक्ष्य

लखपति दीदी पहल का मुख्य लक्ष्य स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को विविध आजीविका, उद्यमिता, कौशल विकास, वित्तीय समावेशन और सरकारी योजनाओं के साथ अभिसरण के माध्यम से कम से कम एक लाख रुपये की वार्षिक पारिवारिक आय हासिल करने में सक्षम बनाना है। उपमुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सोलह हजार से अधिक महिलाएं पहले ही यह लक्ष्य पूरा कर चुकी हैं, जबकि छतीस हजार अन्य संभावित लखपति दीदियों की पहचान भी कर ली गई है।

संस्थागत ढांचा और भावी योजनाएं

सामुदायिक संस्थाओं को मजबूत करने और सदस्यों को अधिक सहायता प्रदान करने के लिए राज्य में चौदह सौ अट्ठासी प्राथमिक स्तर के संघ और इक्यानवे क्लस्टर स्तरीय संघ स्थापित किए गए हैं। वित्त, योजना और निवेश विभागों का जिम्मा संभाल रहे चौना मेन ने बताया कि सरकार का ध्यान अब कौशल, वित्त, तकनीक, बाजारों और आजीविका के अवसरों तक पहुंच को और अधिक व्यापक बनाने पर केंद्रित है। इसके अलावा सरकार ने मार्च 2027 तक तीस विकसित क्लस्टर स्तरीय संघों का निर्माण करने का लक्ष्य रखा है, ताकि आजीविका और उद्यमिता का समर्थन करने में सक्षम अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर महिला-नेतृत्व वाली संस्थाएं तैयार की जा सकें। ये सभी प्रयास अरुणाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे हैं।

सवाल-जवाब

अरुणाचल प्रदेश में कितनी महिलाओं ने लखपति दीदी का दर्जा हासिल किया है?
अरुणाचल प्रदेश में सोलह हजार से अधिक महिलाओं ने लखपति दीदी का दर्जा हासिल कर लिया है।
राज्य में कितने स्व-सहायता समूहों का गठन किया गया है?
राज्य में लगभग एक लाख महिलाओं को पंद्रह हजार नौ सौ ننان्वे स्व-सहायता समूहों के दायरे में लाया गया है।
लखपति दीदी पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस पहल का उद्देश्य स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कम से कम एक लाख रुपये की वार्षिक पारिवारिक आय दिलाना है।
चौना मेन के पास कौन-कौन से विभाग हैं?
चौना मेन के पास वित्त, योजना और निवेश विभाग के पोर्टफोलियो हैं।
सरकार ने कब तक विकसित क्लस्टर स्तरीय संघ बनाने का लक्ष्य रखा है?
सरकार ने मार्च 2027 तक तीस विकसित क्लस्टर स्तरीय संघ बनाने का लक्ष्य रखा है।
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