हरियाणा के सोनीपत जिले के अंतर्गत आने वाले गांव कवाली में एक बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। आपसी रंजिश के चलते बुजुर्ग पर लाठी और डंडों से हमला किया गया था, जिसके बाद गंभीर हालत में अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था और अंततः इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ परिजनों में भी भारी रोष व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बीती 5 अक्टूबर की देर रात की है। गांव कवाली के ही रहने वाले दो युवकों, रवि और रविंदर, ने बुजुर्ग लाल सिंह पर अचानक हमला बोल दिया था। मृतक लाल सिंह पेशे से एक कुम्हार थे और मिट्टी के बर्तन बनाने का कार्य किया करते थे। घटना की उस रात वह अपने बर्तन पकाने वाली जगह की देखरेख के लिए गांव से बाहर गए हुए थे। बताया जा रहा है कि हमले के समय दोनों आरोपी अत्यधिक नशे की हालत में थे। लाठी के वार से लाल सिंह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़े, जिसके बाद हमलावर वहां से फरार हो गए। कुछ समय बाद जब उन्हें होश आया, तो वे किसी तरह अपने घर पहुंचे। इसके बाद परिजनों ने उन्हें फौरन नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया था, जहां उनका उपचार जारी था।
अस्पताल में लंबे इलाज के बाद आखिरकार आज लाल सिंह ने दम तोड़ दिया। बुजुर्ग की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर कार्यप्रणाली को लेकर तीखे सवाल खड़े किए हैं और गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि यदि पुलिस ने शुरुआत में ही सख्ती बरती होती, तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। उनका सबसे बड़ा आरोप यह है कि पूछताछ के सिलसिले में पकड़े गए आरोपियों में से रविंदर नाम का एक आरोपी पुलिस हिरासत को चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा। हालांकि, पुलिस इस मामले में अब तक रवि नाम के एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है और उसे जेल भेज दिया गया है।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एसीपी जोगिंदर सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि पुलिस ने इस वारदात के संबंध में आरोपियों को हिरासत में लिया था और इस बात की भी गहराई से जांच की जा रही है कि आखिर ऐसी कौन सी चूक हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिरासत के दौरान आरोपी के फरार हो जाने के मामले में संबंधित जांच अधिकारी को नोटिस जारी कर दिया गया है और उनसे जवाब तलब किया जा रहा है। एसीपी ने पीड़ित परिवार को यह भरोसा दिलाया है कि फरार चल रहे दूसरे आरोपी को बहुत जल्द दोबारा गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि इस पूरी घटना में यदि किसी भी पुलिसकर्मी की लापरवाही या संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब खरखोदा थाने के अंतर्गत विभिन्न पहलुओं पर अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है।























