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सुल्तानपुर: पंचायत चुनाव से पहले गांवों की बदलेगी तस्वीर, चकाचक होंगी सड़कें और मिलेंगी शहर जैसी सुविधाएंभारत
23 जुल॰ 2026, 1:25 pm (70 दिन पहले)· 0

सुल्तानपुर: पंचायत चुनाव से पहले गांवों की बदलेगी तस्वीर, चकाचक होंगी सड़कें और मिलेंगी शहर जैसी सुविधाएं

सुल्तानपुर में आगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए पंचायती राज विभाग ने गांवों को स्मार्ट बनाने की तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर देते हुए ग्रामीण इलाकों में शहर जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

आगामी पंचायत चुनाव से पहले सुल्तानपुर जिले के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर पूरी तरह से बदलने वाली है। राज्य सरकार की नई पहल के तहत अब गांवों को शहरों की तर्ज पर विकसित करने की कवायद तेज कर दी गई है। अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहता है, लेकिन अब पंचायती राज विभाग ने एक ऐसी व्यापक कार्ययोजना तैयार की है, जिससे सुल्तानपुर के गांव भी स्मार्ट और आधुनिक नजर आएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनके अपने ही गांव में वह सभी जरूरी और हाई-टेक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिनके लिए उन्हें अक्सर शहरों का रुख करना पड़ता है।

कूड़ा प्रबंधन और इंटरलॉकिंग के काम में आई तेजी

वर्तमान में जिले के विभिन्न गांवों में विकास कार्यों ने गति पकड़ ली है। पंचायती राज निदेशालय के निर्देशों के अनुसार, गांवों में नागरिक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है। कई ग्राम पंचायतों में रास्तों को पक्का करने के लिए इंटरलॉकिंग का काम जोरों पर चल रहा है। इसके साथ ही मिट्टी से जुड़े कच्चे कामों को भी प्राथमिकता के आधार पर पहले ही निपटाया जा रहा है, ताकि बाद के निर्माण कार्यों में कोई बाधा न आए। स्वच्छता को लेकर भी एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के हर गांव में कूड़ा प्रबंधन इकाई यानी रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) का निर्माण कार्य अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। जल्द ही ये केंद्र पूरी तरह से चालू हो जाएंगे, जिससे गांवों में कचरे की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।

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प्रधानों को दिखाया जा रहा 'स्मार्ट मोहल्ले' का मॉडल

विभाग ने गांवों को शहरी मोहल्लों की तरह विकसित करने के लिए एक विशेष और अत्याधुनिक मॉडल तैयार किया है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि योजना धरातल पर सही ढंग से उतरे, इस सुविधायुक्त मॉडल को कार्यालय में जिले के सभी ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत सचिवों को विस्तार से दिखाया और समझाया जा रहा है। इस नए मॉडल के तहत प्रत्येक गांव में दो हरे-भरे पार्कों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, हर घर के पास निजी शौचालय की सुविधा, हर घर के दरवाजे तक इंटरलॉकिंग वाली पक्की सड़क, रास्तों को रोशन करने के लिए सोलर स्ट्रीट लाइट, बच्चों के लिए आधुनिक आंगनबाड़ी केंद्र और सार्वजनिक उपयोग के लिए सामूहिक प्रसाधन (कम्युनिटी टॉयलेट) का निर्माण इस योजना का प्रमुख हिस्सा है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर है विशेष जोर

जिला पंचायती राज अधिकारी (डीपीआरओ) अभिषेक शुक्ल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए सुल्तानपुर के गांवों का समग्र और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में गांवों के अंदर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और मजबूत बुनियादी ढांचे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। डीपीआरओ के अनुसार, स्कूलों की इमारतों और सुविधाओं का कायाकल्प किया जाएगा, जबकि स्वास्थ्य उपकेंद्रों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा ताकि ग्रामीणों को प्राथमिक चिकित्सा गांव में ही मिल सके। जल संरक्षण के लिए अमृत सरोवरों की देखभाल और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ठोस और तरल कचरे के उचित प्रबंधन की वैज्ञानिक व्यवस्था लागू की जाएगी। गांवों की संकरी और तंग गलियों को चौड़ा और सुविधाजनक बनाया जाएगा। पंचायती राज विभाग ने इस पूरे कायाकल्प के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है, जिसे एक निर्धारित समय सीमा के भीतर अलग-अलग चरणों में पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाएगा।

सवाल-जवाब

सुल्तानपुर के गांवों में कौन सी नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं?
गांवों में इंटरलॉकिंग वाली पक्की सड़कें, सोलर स्ट्रीट लाइट, पार्क, आंगनबाड़ी केंद्र और हर घर के पास शौचालय जैसी शहरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
यह विकास कार्य किस विभाग द्वारा कराया जा रहा है?
गांवों का यह पूरा कायाकल्प उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा कराया जा रहा है।
आरआरसी (RRC) क्या है और इसका गांवों में क्या काम है?
आरआरसी का मतलब रिसोर्स रिकवरी सेंटर या कूड़ा प्रबंधन इकाई है, जो गांवों में ठोस और तरल कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करेगी।
इस योजना के तहत स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर क्या तैयारी है?
योजना के अंतर्गत गांव के स्कूलों के बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा और स्थानीय स्वास्थ्य उपकेंद्रों को मजबूत किया जाएगा।
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