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जयपुर सेंट्रल जेल के शौचालय में विचाराधीन बंदी ने फंदा लगाकर जान दी, लालकोठी थाना पुलिस जाँच में जुटीराजस्थान
1 अक्तू॰ 2026, 12:02 am (40 मिनट पहले)· 0

जयपुर सेंट्रल जेल के शौचालय में विचाराधीन बंदी ने फंदा लगाकर जान दी, लालकोठी थाना पुलिस जाँच में जुटी

जयपुर सेंट्रल जेल में चाकसू निवासी विचाराधीन कैदी मनीष बैरवा ने शौचालय के दरवाजे पर गमछे से फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली। घटना के बाद जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस कारणों की विस्तृत जाँच कर रहे हैं।

जयपुर सेंट्रल जेल के भीतर एक विचाराधीन बंदी द्वारा खुदकुशी करने का गंभीर मामला सामने आया है। जेल परिसर के शौचालय में बंदी का शव फंदे से लटकता पाए जाने के तुरंत बाद जेल सुरक्षा अमले में अफरा-तफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को हालात से अवगत कराया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस को मामले की औपचारिक जानकारी भेजी गई। सूचना मिलने पर लालकोठी थाना पुलिस का दल तुरंत जेल परिसर पहुँचा और कानूनी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाते हुए विस्तृत पड़ताल शुरू कर दी।

चाकसू निवासी मनीष बैरवा के रूप में हुई पहचान

प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त विवरण के मुताबिक खुदकुशी करने वाले विचाराधीन बंदी की पहचान चाकसू क्षेत्र के निवासी मनीष बैरवा के रूप में की गई है। मनीष जेल में न्यायिक हिरासत के तहत बंद था। घटना के समय वह जेल के शौचालय की तरफ गया था। वहाँ उसने अपने पास मौजूद गमछे की मदद से शौचालय के मुख्य दरवाजे के ऊपरी हिस्से पर फंदा तैयार किया और उसी के सहारे लटक गया। जब काफी देर तक वह वापस नहीं आया और अन्य बंदियों या जेल कर्मियों की नजर उस पर पड़ी, तब इस पूरे वाकये का खुलासा हुआ।

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घटना के बाद जेल प्रशासन में मची खलबली

परिसर के अंदर सुरक्षा घेरे के बीच बंदी द्वारा ऐसा घातक कदम उठाए जाने से जेल के भीतर मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जेल प्रबंधन ने तुरंत स्थानीय लालकोठी थाने की पुलिस को आपातकालीन संदेश भेजकर मौके पर बुलाया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और शव को फंदे से उतरवाकर पंचनामे की औपचारिकताएं शुरू कीं। इसके साथ ही बंदी के रिकॉर्ड, उसकी बैरक की स्थिति और उससे मिलने आने वाले लोगों से जुड़ी डायरी की भी समीक्षा की जा रही है।

आत्मघाती कदम उठाने की वजहों की तलाश

शुरुआती दौर में यह साफ नहीं हो सका है कि विचाराधीन बंदी मनीष बैरवा ने आखिर किन मानसिक या व्यक्तिगत कारणों के चलते अपनी जीवनलीला समाप्त करने का फैसला लिया। न तो मौके से कोई तात्कालिक संदेश मिला है और न ही उसने किसी साथी बंदी से इस तरह की कोई बात साझा की थी। लालकोठी थाना पुलिस और जेल प्रशासन की संयुक्त टीमें बंदी के पिछले कुछ दिनों के आचरण, जेल में बिताए गए समय और उसकी कानूनी स्थिति की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरी न्यायिक व पुलिस जाँच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या की असली वजहें स्पष्ट हो पाएंगी।

सवाल-जवाब

जयपुर सेंट्रल जेल में किस बंदी ने खुदकुशी की?
चाकसू निवासी विचाराधीन कैदी मनीष बैरवा ने जेल परिसर में खुदकुशी की।
कैदी ने फंदा लगाने के लिए किस चीज का इस्तेमाल किया था?
कैदी ने जेल के बाथरूम के गेट पर गमछे से फंदा बनाकर अपनी जान दी।
मामले की जांच कौन सी पुलिस कर रही है?
इस पूरे मामले की आधिकारिक जांच लालकोठी थाना पुलिस और जेल प्रशासन की टीम कर रही है।
क्या आत्महत्या के कारणों का पता चल पाया है?
फिलहाल खुदकुशी के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·16 मिनट पहले

जेल के अंदर गमछे से फंदा बनाकर लटक जाना थोड़ा अजीब लग रहा है। प्रशासन चाहे जो कहे, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल तो खड़े होते ही हैं कि किसी को भनक तक क्यों नहीं लगी।

Ravikash Gupta@ravikash·16 मिनट पहले

अर्जुन जी, बात तो बिल्कुल सही है आपकी। जेल के भीतर ऐसी सुरक्षा चूक होना और किसी को भनक तक न लगना वाकई गंभीर बात है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·24 मिनट पहले

जेल के अंदर सुरक्षा और कैदियों की मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। आखिर निगरानी के बावजूद ऐसा कदम कैसे उठाया गया, इसकी गहराई से जाँच होनी चाहिए।

Rohan Verma@rohan-verma·24 मिनट पहले

करण, आप बिल्कुल सही कह रहे हैं। जब मैं पिछले साल एक साथी से मिलने जिला जेल गया था, तब मैंने देखा था कि वहाँ बंदियों का तनाव कितना ज्यादा होता है।

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