देश की शीर्ष अदालत ने पंजाब सरकार को एक बड़ा कानूनी संरक्षण प्रदान करते हुए राज्य के अधिकारियों के खिलाफ चल रही दंडात्मक कार्यवाही को फिलहाल थाम दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है जिसके तहत मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक अवमानना के मामलों में नोटिस जारी किए गए थे। इस कानूनी राहत से प्रशासनिक मशीनरी को बड़ी और तात्कालिक राहत हासिल हुई है, जबकि अदालत में इस मामले पर अगली सुनवाई एक दिसंबर को निर्धारित की गई है।
यह पूरा कानूनी विवाद राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित पड़े महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के भुगतान न होने को लेकर उपजा है। शीर्ष अदालत ने पांच नवंबर दो हजार छब्बीस को पारित अपने आदेश के जरिए उस प्रक्रिया को स्थगित कर दिया जिसके तहत अधिकारियों पर व्यक्तिगत रूप से अवमानना के आरोप तय किए जा रहे थे। हाई कोर्ट ने राज्य प्रशासन द्वारा अपने पुराने निर्देशों का समय पर पालन सुनिश्चित न किए जाने के बाद यह सख्त कदम उठाया था।
इसी वर्ष तीन अगस्त को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अहम आदेश देते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह अपने समस्त कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों को बकाया डीए और डीआर की किस्तों का भुगतान जल्द से जल्द करे। अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया था कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते का भुगतान उसी निर्धारित दर पर किया जाना चाहिए जिस दर पर राज्य में सेवारत अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों यानी आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को इसका लाभ मिल रहा है।
इसके अलावा, हाई कोर्ट ने अपने उस निर्देश में राज्य सरकार द्वारा अखबारों और अन्य प्रचार माध्यमों पर किए जाने वाले भारी-भरकम विज्ञापनों जैसे गैर-जरूरी खर्चों पर भी गहरी आपत्ति जताते हुए रोक लगाने की बात कही थी। अदालत का मानना था कि सरकारी धन का उपयोग विज्ञापनों के बजाय कर्मचारियों के वैध बकाये के भुगतान में होना चाहिए। जब इन निर्देशों के अनुपालन में देरी या कथित विफलता की शिकायतें सामने आईं, तब मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की प्रक्रिया शुरू की गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट के इस नए हस्तक्षेप से इन अधिकारियों को फौरी तौर पर कानूनी सुरक्षा मिल गई है और मामले की अगली सुनवाई दिसंबर महीने के पहले दिन होगी।















