दीपावली के आगमन के साथ ही वाराणसी के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में उत्सव की रौनक साफ झलकने लगी है। इस वर्ष त्योहार पर सजावट के लिए पारंपरिक दीयों के साथ-साथ बाजार में नए और अनोखे विकल्पों की भरमार है। ग्राहक अपने घरों को सजाने के लिए विशेष रूप से ऐसी मोमबत्तियां पसंद कर रहे हैं, जो दिखने में हूबहू खाने वाली मिठाइयों जैसी लगती हैं। लड्डू, रसभरी और विभिन्न फूलों के आकार में बनाई गई इन कैंडल की भारी मांग देखी जा रही है।
मिठाइयों के रूप में सजी मोमबत्तियां और उनकी खासियत
त्योहार के इस सीजन में मिठाइयों की खरीद के साथ-साथ मिठाई के आकार की मोमबत्तियों का चलन तेजी से बढ़ा है। वाराणसी की दुकानों पर लड्डू और रसभरी जैसी मिठाइयों के साथ ही रंग-बिरंगे फूलों की आकृति वाली कैंडल ग्राहकों का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। बाजार में इन कलात्मक मोमबत्तियों की शुरुआती कीमत 100 रुपये रखी गई है। स्थानीय दुकानदार राजेश के अनुसार, इस बार बाजार में मिठाई और फूल वाले डिजाइनों की दो दर्जन से अधिक वैरायटी उतारी गई हैं, जिनकी बिक्री लगातार बढ़ रही है।
इलेक्ट्रिक कैंडल और सुरक्षित दीयों का बढ़ता रुझान
सजावट के नए विकल्पों में इलेक्ट्रिक दीये और कैंडल भी लोगों की पसंदीदा सूची में शामिल हैं। बाजार में ये आधुनिक इलेक्ट्रिक कैंडल अलग-अलग आकार और आकर्षक डिजाइनों में उपलब्ध हैं। इनकी शुरुआती कीमत 40 रुपये से शुरू होकर 500 रुपये तक जाती है। इनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनसे आग लगने या जलने का कोई खतरा नहीं रहता, जिससे सुरक्षा के लिहाज से इन्हें काफी पसंद किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, बिजली से चलने वाले इलेक्ट्रिक दीप भी बाजार में बिक रहे हैं, जो जलने पर बिल्कुल पारंपरिक मिट्टी के दीयों जैसा अनुभव देते हैं।
डिजाइनर मिट्टी के दीये और व्यापार की उम्मीदें
आधुनिक विकल्पों के बीच मिट्टी से बने फैंसी और डिजाइनर दीयों का क्रेज भी बना हुआ है। विभिन्न रंगों और आकृतियों में तैयार किए गए मिट्टी के इन खूबसूरत दीयों की कीमत 10 रुपये से लेकर 50 रुपये तक है। दीपावली से पूर्व ही शहर के विभिन्न इलाकों में दुकानें पूरी तरह सज चुकी हैं और गुरुवार से बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। दुकानदार अमिश ने बताया कि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यापार की संभावना है, और धनतेरस से लेकर अगले दो दिनों तक बाजारों में खरीदारों की चहल-पहल अपने चरम पर रहने की उम्मीद है।



















