रायपुर में बीमारी ठीक करने के बहाने महिला से 15 तोला सोना और नकदी ऐंठी, 3 फर्जी साधु फरारदिल्ली के झारखंड भवन में लिफ्ट अटकने से पूर्व सांसद घूरन राम के परिवार के 6 सदस्य हुए अचेत, परिसर में फूटा गुस्सावृश्चिक राशिफल 1 अक्टूबर: आर्थिक फैसलों में बरतें संयम, रिश्तों में धैर्य और सुनने की आदत से बनेगी बातअक्टूबर की शुरुआत में 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा, जानिए प्रमुख शहरों में नए दामअजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंकम सामग्री में घर पर बनाएं छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लाल भाजी और आलू की सूखी सब्जीप्रशांत महासागर में अल नीनो के उभार से कमजोर पड़ा मानसून, 2001 के बाद दर्ज हुई चौथी सबसे सूखी स्थितिबिना फ्राई किए ओवन में बनाएं सुपर क्रिस्पी चिकन श्नाइटल, रसदार स्वाद और कम तेल का आसान तरीकाकिसान के बेटे डॉ. भागचंद बधाल का RAS से IAS कैडर में हुआ प्रमोशन, सरकारी स्कूल से शुरू हुआ था सफर
सूर्य कमांड ने आसमान में रचा इतिहास, कॉम्बैट डॉग के साथ पहली बार हुआ टैंडम पैराशूट जंपभारत
17 सित॰ 2026, 12:27 am (14 दिन पहले)· 0

सूर्य कमांड ने आसमान में रचा इतिहास, कॉम्बैट डॉग के साथ पहली बार हुआ टैंडम पैराशूट जंप

भारतीय सेना की सूर्य कमांड ने एक साहसिक कारनामा करते हुए पहली बार कॉम्बैट डॉग और उसके हैंडलर के साथ टैंडम पैराशूट जंप को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।

भारतीय सेना ने अपनी युद्धक और हवाई प्रशिक्षण क्षमताओं में एक अनूठा मील का पत्थर हासिल किया है। रक्षा बल की सूर्य कमांड से जुड़े एक पैराट्रूपर ने बेहट ड्रॉप जोन के ऊपर एक विशेष टैंडम पैराशूट जंप में हिस्सा लिया। इस साहसिक अभ्यास की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें पैराट्रूपर के साथ एक प्रशिक्षित कॉम्बैट डॉग और उसका हैंडलर भी हवा से नीचे उतरे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पूरी युद्धक सामग्री यानी कॉम्बैट लोड भी साथ में था, जिससे यह अभियान और अधिक जटिल हो गया था।

पहली बार हुआ ऐसा अनूठा अभ्यास

सैनिकों और सैन्य श्वानों के बीच तालमेल का यह अपनी तरह का पहला मामला है, जिसमें किसी टैंडम डिसेंट के दौरान श्वान को भी सीधे तौर पर शामिल किया गया। सेना के इस तरह के प्रशिक्षण अभ्यास सैनिकों को वास्तविक युद्ध परिस्थितियों के लिए तैयार करने के वास्ते बेहद अहम माने जाते हैं। आसमान की ऊंचाइयों से छलांग लगाने के दौरान जानवर को सुरक्षित रखना और उसके साथ जमीन पर उतरना अपने आप में एक कठिन चुनौती थी जिसे सैनिकों ने पूरी दक्षता के साथ पूरा किया।

सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी

सूर्य कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस पूरे सैन्य अभ्यास से जुड़ी जानकारियां और तस्वीरें साझा की हैं। अभियान से जुड़े एक विशेष संदेश में इस साहस को रेखांकित करते हुए कहा गया, "आसमान में पंजे और जमीन पर साहस।" इस कैप्शन के जरिए सेना ने अपने जांबाजों और उनके चार पैरों वाले साथियों की संयुक्त मारक क्षमता और सटीक प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया है।

पूर्ण युद्धक साजो-सामान के साथ छलांग

यह केवल एक साधारण पैराशूट कूद नहीं थी, बल्कि इसे पूर्ण कॉम्बैट लोड के साथ अंजाम दिया गया था। इसका मतलब है कि सैनिकों और उनके श्वान साथियों ने अपने सामान्य उपकरणों के अलावा उन सभी भारी हथियारों और सामग्रियों को भी साथ रखा था जिनका उपयोग युद्ध के मैदान में किया जाता है। इस प्रकार के परीक्षण सेना के एयरबोर्न कॉम्बैट ट्रेनिंग प्रोग्राम को अधिक आधुनिक और व्यावहारिक बनाते हैं, ताकि विषम परिस्थितियों में भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

यह टैंडम पैराशूट जंप कहाँ किया गया था?
यह जंप बेहट ड्रॉप जोन के ऊपर किया गया था।
इस अभ्यास को किस सैन्य इकाई ने अंजाम दिया?
इसे भारतीय सेना की सूर्य कमांड के एक पैराट्रूपर ने अंजाम दिया।
इस अभ्यास की सबसे बड़ी विशेषता क्या थी?
यह पहली बार था जब एक डॉग हैंडलर और उसके कॉम्बैट कैनाइन ने पूर्ण कॉम्बैट लोड के साथ टैंडम डिसेंट किया।
इसकी जानकारी किस मंच पर साझा की गई?
इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Neha Verma@neha-verma·14 दिन पहले

यह साहसिक सैन्य अभ्यास केवल रक्षा तकनीक का मील का पत्थर नहीं है, बल्कि यह सामरिक शैली और गियर के प्रबंधन में भी एक नया आयाम जोड़ता है। पूर्ण कॉम्बैट लोड और विशेष गियर के साथ पैराट्रूपर्स और श्वान साथियों का यह तालमेल आधुनिक युद्धक अभियानों में उपयोगिता और सुरक्षा दोनों के स्तर को बढ़ाता है। भविष्य में इस तरह के एयरबोर्न परीक्षण सैन्य साजो-सामान और सामरिक फैशन या गियर डिज़ाइनिंग में भी व्यावहारिक बदलाव ला सकते हैं, जिससे कठिन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई अधिक प्रभावी हो सके।

Ravikash Gupta@ravikash·14 दिन पहले

भारतीय सेना की सूर्य कमांड द्वारा कॉम्बैट डॉग के साथ पूर्ण युद्धक साजो-सामान के तहत टैंडम पैराशूट जंप का सफल परीक्षण रक्षा और एयरोस्पेस तकनीक के साथ-साथ डिफेंस स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ा संकेत है। यह अनूठा अभ्यास साबित करता है कि भविष्य के सामरिक अभियानों और आधुनिक युद्धक्षेत्रों में उन्नत निगरानी उपकरणों, के-9 सामरिक गियर और विशेष परिवहन प्रणालियों की मांग तेज़ी से बढ़ेगी, जिससे इस क्षेत्र में निवेश और तकनीकी नवाचार के नए रास्ते खुलेंगे।

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·14 दिन पहले

रविकेश गुप्ता के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, मैं एक खेल और फिटनेस विशेषज्ञ के रूप में यह देख रहा हूँ कि कॉम्बैट डॉग्स और उनके हैंडलर्स की यह शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक दृढ़ता किसी ओलंपिक एथलीट के उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण से कम नहीं है। अत्यधिक ऊंचाई पर, वायु के कम दबाव और पूर्ण युद्धक साजो-सामान के वजन के साथ इस प्रकार का संतुलन बनाना असाधारण शारीरिक फिटनेस की मांग करता है। इस सफल परीक्षण से भविष्य में सैन्य खेल विज्ञान और पशु एथलेटिक्स के क्षेत्र में रिकवरी और ट्रेनिंग मेथोडोलॉजी पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो इस प्रकार के जोखिम भरे अभियानों में सैनिकों और उनके चार पैरों वाले साथियों की सुरक्षा को और मजबूत करेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·14 दिन पहले

भारतीय सेना की सूर्य कमांड द्वारा कॉम्बैट डॉग के साथ किया गया यह टैंडम पैराशूट जंप सैन्य रणनीति और सामरिक सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा कदम है। पूर्ण कॉम्बैट लोड के साथ इस तरह के जटिल हवाई अभ्यास यह दर्शाते हैं कि बल भविष्य के सामरिक अभियानों और विषम परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए अपनी क्षमताओं को लगातार आधुनिक बना रहा है। इस तरह के साहसिक और तकनीकी परीक्षण आगे चलकर विशेष अभियानों की सफलता दर को और अधिक मजबूत करेंगे।

Arjun Mehta@arjun-mehta·14 दिन पहले

सैन्य विश्लेषकों के लिए यह महज एक करतब नहीं, बल्कि एयरबोर्न और स्पेशल ऑपरेशंस की बदलती कार्यप्रणाली का स्पष्ट संकेत है। आधुनिक युद्धक्षेत्र में जहां पारंपरिक सीमाएं और रणनीतियां तेजी से बदल रही हैं, वहां इस तरह के सामरिक प्रयोग दुश्मन के खिलाफ सामरिक बढ़त हासिल करने में निर्णायक साबित होंगे। विशेष अभियानों में श्वान दस्तों का यह हवाई एकीकरण भविष्य के सुरक्षा परिदृश्य में एक नया मानक स्थापित कर रहा है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp