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तेलंगाना में बिजली के खंभे पर चढ़े सीएमडी जितेश वी पाटिल, सुरक्षा मानकों का लिया जायजातेलंगाना
3 सित॰ 2026, 3:20 pm (28 दिन पहले)· 0

तेलंगाना में बिजली के खंभे पर चढ़े सीएमडी जितेश वी पाटिल, सुरक्षा मानकों का लिया जायजा

तेलंगाना स्टेट पॉवर डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन के सीएमडी जितेश वी. पाटिल ने मल्लाराम गांव में बिजली के खंभे पर चढ़कर फील्ड कर्मचारियों के सुरक्षा मानकों का खुद निरीक्षण किया।

तेलंगाना स्टेट पॉवर डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जितेश वी. पाटिल ने बिजली क्षेत्र के मैदानी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक अनूठी पहल की है। उन्होंने गुरुवार सुबह मल्लाराम गांव का दौरा कर स्वयं बिजली के खंभे पर चढ़कर सुरक्षा इंतजामों की जमीनी पड़ताल की। चेवेल्ला सेक्शन के तहत आयोजित 'बस्ती बाटा' यानी फील्ड विजिट कार्यक्रम के दौरान अधिकारी ने यह कदम उठाया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पॉवर लाइनों के रख-रखाव और मरम्मत के दौरान बिजली कर्मियों द्वारा अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करना था।

मैदानी सुरक्षा प्रोटोकॉल और पीपीई किट की समीक्षा

बिजली के खंभे पर चढ़कर सीएमडी जितेश वी. पाटिल ने कार्य के दौरान इस्तेमाल होने वाले सुरक्षा उपकरणों, कार्य प्रणालियों और एहतियाती उपायों की गहन जांच की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि पावर लाइन रखरखाव के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि मैदानी अमला किस प्रकार सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करता है और ऊंचे खंभों पर काम करते समय किन सावधानियों का पालन किया जाता है।

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कर्मियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

निरीक्षण के बाद सीएमडी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कर्मचारियों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के हर कर्मचारी के लिए पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट का उपयोग करना अनिवार्य है। जितेश वी. पाटिल ने कहा, "सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए।" उन्होंने संगठन के सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि फील्ड में काम करने वाले प्रत्येक तकनीशियन को मानक सुरक्षा गियर उपलब्ध कराए जाएं और नियमित रूप से सुरक्षा दिशानिर्देशों की समीक्षा की जाए।

सूर्यापेट में भीषण सड़क हादसा, 6 यात्रियों की मौत

तेलंगाना से जुड़ी एक अन्य दुखद घटना में सूर्यापेट जिले के कोडाड मंडल अंतर्गत डोराकुंटा इलाके के पास बुधवार तड़के एक निजी ट्रैवल बस और कंटेनर लॉरी के बीच भीषण भिड़ंत हो गई। इस सड़क हादसे में बस में सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।

यूक्रेन में मिसाइल हमले से तेलंगाना के सुदर्शन गौड़ का निधन

उधर जगतियाल जिले के हसनाबाद गांव निवासी 42 वर्षीय वी. सुदर्शन गौड़ की युद्धग्रस्त देश यूक्रेन में 31 अगस्त की रात मिसाइल हमले में मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, सुदर्शन रोजगार की तलाश में करीब तीन महीने पहले यूक्रेन गए थे, जहां वे एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में बतौर मजदूर कार्यरत थे। उनकी मृत्यु की सूचना एक ट्रैवल एजेंट ने हसनाबाद के गांव सरपंच को दी। मृतक सुदर्शन अपने पीछे पत्नी और बच्चों को छोड़ गए हैं। उनके चचेरे भाई वेंकट राजम ने बताया कि पार्थिव शरीर के लगभग दो सप्ताह में पैतृक गांव पहुंचने की संभावना है। घटना की जानकारी मिलने पर जगतियाल के विधायक संजय कुमार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना व्यक्त की।

सवाल-जवाब

जितेश वी. पाटिल बिजली के खंभे पर क्यों चढ़े?
उन्होंने 'बस्ती बाटा' कार्यक्रम के तहत मैदानी कर्मचारियों द्वारा अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों और पीपीई किट के उपयोग का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने के लिए खंभे पर चढ़ाई की।
यह निरीक्षण तेलंगाना के किस गांव में किया गया?
यह निरीक्षण चेवेल्ला सेक्शन के मल्लाराम गांव में गुरुवार सुबह किया गया।
सूर्यापेट जिले में हुए बस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
डोराकुंटा इलाके में प्राइवेट बस और कंटेनर लॉरी की टक्कर में 6 लोगों की मौत हो गई।
यूक्रेन में मारे गए तेलंगाना के व्यक्ति का क्या नाम था?
उनका नाम वी. सुदर्शन गौड़ (42 वर्ष) था, जो जगतियाल जिले के हसनाबाद गांव के रहने वाले थे।
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