तेलंगाना विधानसभा परिसर में मंगलवार को उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया जब IAS अधिकारी नवीन मित्तल के पर्सनल सेक्रेटरी (PS) राजू अपने रोजमर्रा के कामकाज के बीच अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। पास ही मौजूद मंत्री वकिटि श्रीहरि तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़े और बिना समय गंवाए उन्हें CPR देना शुरू कर दिया, ताकि मेडिकल टीम के पहुंचने से पहले उन्हें बचाया जा सके।
CPR के बावजूद नहीं बच सकी जान
घटनाक्रम के मुताबिक, राजू के गिरते ही मंत्री वकिटि श्रीहरि ने बिना देर किए प्रतिक्रिया दी। स्थिति की गंभीरता भांपते हुए वह राजू के पास बैठ गए और खुद उन्हें प्राथमिक उपचार के तौर पर CPR देने लगे, जबकि विधानसभा परिसर में मौजूद बाकी लोग यह सब देखते रहे। मंत्री की तमाम कोशिशों के बावजूद राजू की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद मौके पर मेडिकल स्टाफ को बुलाया गया और उन्हें एंबुलेंस से तुरंत अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। अस्पताल पहुंचने के कुछ ही देर बाद डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार राजू की मौत कार्डियक अरेस्ट यानी दिल का दौरा पड़ने से हुई।
सिंचाई विभाग के प्रधान सचिव के साथ करते थे काम
IAS अधिकारी नवीन मित्तल तेलंगाना सरकार के सिंचाई विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात हैं। राजू उनके पर्सनल सेक्रेटरी के तौर पर काम करते थे और अक्सर सरकारी कामकाज के सिलसिले में उनके साथ मौजूद रहते थे, जिसमें विधानसभा से जुड़े दौरे भी शामिल थे। मंगलवार को भी वह किसी ऐसे ही सरकारी काम के लिए विधानसभा परिसर में मौजूद थे, तभी उन्हें अचानक यह दौरा पड़ा।
विधानसभा में सियासी हलचल भी उसी दौरान तेज हुई
इस मेडिकल इमरजेंसी के बीच ही तेलंगाना विधानसभा स्पीकर को लेकर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद राज्य की सियासत भी गरमा गई। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस पूरे घटनाक्रम को तेलंगाना के लिए 'काला दिन' करार दिया। तनाव और बढ़ाते हुए पुलिस ने BRS पार्टी के दो MLCs को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद BRS नेता सड़कों पर उतर आए और राज्य सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन करने लगे।
KTR भी हिरासत में लिए गए
इसी हंगामे के बीच पुलिस ने BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव यानी KTR को भी हिरासत में ले लिया। KTR ने आरोप लगाया कि तेलंगाना पुलिस एक तरफ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव यानी KCR के आवास की ओर जाने दे रही थी, जबकि दूसरी तरफ BRS नेताओं और कार्यकर्ताओं को वहां जाने से रोका जा रहा था। पुलिस पर सीधा निशाना साधते हुए KTR ने कहा, "पुलिस कांग्रेस के उन गुंडों और उपद्रवियों की मदद कर रही है जिन्हें शहर से बाहर निकाला गया था, उन्हें केसीआर के आवास तक पहुंचाया जा रहा है।" उनके इस बयान के बाद विधानसभा परिसर के बाहर तनाव और ज्यादा बढ़ गया।
मंगलवार को विधानसभा परिसर में एक तरफ जहां एक अफसर के करीबी सहयोगी की जान बचाने की कोशिश और उसकी दुखद मौत की खबर आई, वहीं दूसरी तरफ सियासी टकराव भी उसी दौरान चरम पर पहुंच गया। डॉक्टर राजू को नहीं बचा सके, जबकि BRS और राज्य सरकार के बीच टकराव प्रदर्शनों के जारी रहने के चलते थमने का नाम नहीं ले रहा।



















