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तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों और विधायकों को ममता बनर्जी ने दिया 15 दिनों का अल्टीमेटमउत्तर प्रदेश
5 अक्तू॰ 2026, 11:55 am (24 दिन पहले)· 0

तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों और विधायकों को ममता बनर्जी ने दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम

ममता बनर्जी ने फोन पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस छोड़ चुके बागी नेताओं को लौटने के लिए 15 दिन की मोहलत दी है।

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी छोड़ चुके बागी सांसदों और विधायकों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जो नेता वापस आना चाहते हैं, उनके पास केवल 15 दिनों का समय है। इसके बाद पार्टी अपने रास्ते पर आगे बढ़ेगी और किसी के लौटने की कोई जरूरत नहीं रहेगी।

फोन के जरिए कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद

उत्तर दिनाजपुर के चोपड़ा में आयोजित एक रैली के दौरान ममता बनर्जी ने यह संदेश दिया। रविवार को उत्तर दिनाजपुर के इस्लामपुर में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की बैठक चल रही थी, जहां कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को मोबाइल फोन के माध्यम से माइक से जोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने वहां जुटे कार्यकर्ताओं को सीधे संबोधित किया। नंदीग्राम और रेजिनगर उपचुनाव के प्रचार में खुद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न होने के बावजूद, उन्होंने फोन के जरिए संगठन में अनुशासन और एकजुटता का कड़ा संदेश दिया।

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पैसे लेकर पार्टी छोड़ने का गंभीर आरोप

बैठक में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बागी नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ऐसे नेताओं को बेईमान, विश्वासघाती और गद्दार करार दिया। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इन जनप्रतिनिधियों को पैसे देकर खरीदा गया है। उन्होंने जमीनी कार्यकर्ताओं से अपील की कि जिन नेताओं को उन्होंने दिन-रात मेहनत करके जिताया था, उनके इस विश्वासघात को वे बिल्कुल भी माफ न करें।

1998 के संघर्ष और मौजूदा ताकत का हवाला

ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए पार्टी के शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1998 में जब चुनाव घोषित हो चुके थे, तब पार्टी के पास केवल 2 सांसद थे और वे भी पूर्व सांसद थे। जब तृणमूल कांग्रेस उस मुश्किल स्थिति से संघर्ष कर दोबारा मजबूत हो सकती है, तो वर्तमान में तो उसके पास 15 सांसद मौजूद हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच बने रहने और बिना किसी हिचकिचाहट के संगठन के लिए काम करने का आह्वान किया।

सवाल-जवाब

ममता बनर्जी ने बागी नेताओं को लौटने के लिए कितना समय दिया है?
ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़कर जाने वाले बागी सांसदों और विधायकों को वापस लौटने के लिए 15 दिन की समय-सीमा दी है।
ममता बनर्जी ने यह संदेश कार्यकर्ताओं तक कैसे पहुंचाया?
उत्तर दिनाजपुर के इस्लामपुर में हुई बैठक के दौरान कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को फोन पर माइक से जोड़कर कार्यकर्ताओं से बात कराई।
ममता बनर्जी ने बागी नेताओं पर क्या आरोप लगाए हैं?
उन्होंने बागी नेताओं पर पैसे देकर खरीदे जाने का आरोप लगाया और उन्हें बेईमान, विश्वासघाती तथा गद्दार बताया।
किन दो विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनावों का जिक्र भाषण में आया?
भाषण के संदर्भ में नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा उपचुनावों का उल्लेख हुआ, जहां ममता बनर्जी स्वयं प्रचार में नहीं पहुंची थीं।
तृणमूल कांग्रेस के 1998 के इतिहास को लेकर ममता बनर्जी ने क्या कहा?
उन्होंने याद दिलाया कि 1998 में चुनाव के समय उनके पास सिर्फ 2 पूर्व सांसद थे, जबकि आज उनके साथ 15 सांसद मौजूद हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·22 दिन पहले

15 दिन का अल्टीमेटम देना और गद्दार कहना, राजनीति में अब फोन पर ही सब तय होने लगा है।

Ravikash Gupta@ravikash·22 दिन पहले

15 दिन में लौटने का अल्टीमेटम तो दे दिया, पर जो नेता बिक चुके हैं वो सच में वापस आएंगे क्या? मुझे तो मुश्किल लगता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·22 दिन पहले

रविकेश, आपकी बात सही है, जो पैसे लेकर गए हैं वो 15 दिन में क्यों लौटेंगे?

Karan Malhotra@karan-malhotra·23 दिन पहले

पैसे लेकर भागने वालों को पंद्रह दिन में वापस बुलाना थोड़ा अजीब लगता है, इतने गद्दारों को दोबारा गले लगाना पार्टी के लिए ठीक नहीं होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·23 दिन पहले

करण भाई, यूपी में भी दलबदलू नेताओं की वापसी पर कार्यकर्ताओं का गुस्सा ऐसा ही फूटता है, गद्दारों को दोबारा टिकट देना पार्टी के लिए सुसाइड जैसा है।

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