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ट्रंप प्रशासन ने भारत के लिए ₹4555 करोड़ का रक्षा सपोर्ट पैकेज मंजूर किया, अपाचे और M777A2 हॉवित्जर को मिलेगा फायदाभारत
22 जून 2026, 5:23 pm (45 दिन पहले)· 5

ट्रंप प्रशासन ने भारत के लिए ₹4555 करोड़ का रक्षा सपोर्ट पैकेज मंजूर किया, अपाचे और M777A2 हॉवित्जर को मिलेगा फायदा

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत के लिए 482.2 मिलियन डॉलर यानी करीब 4555 करोड़ रुपये के सस्टेनमेंट सपोर्ट पैकेज को मंजूरी दी है, जो AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों और M777A2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों के रखरखाव और परिचालन क्षमता सुधार के लिए है।

अमेरिका ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारत उसकी रणनीतिक प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारतीय सशस्त्र बलों के लिए करीब 482.2 मिलियन डॉलर यानी 4555 करोड़ रुपये के सस्टेनमेंट सपोर्ट पैकेज को मंजूरी दी है। यह पूरी रकम AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों और M777A2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों की परिचालन क्षमता और रखरखाव को बेहतर बनाने पर खर्च होगी।

पाकिस्तान के दावे बनाम जमीनी हकीकत

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ईरान जंग के मद्देनजर अमेरिका से अपनी नजदीकी का दम भरते नहीं थकते, लेकिन वास्तविकता बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करती है। अमेरिका की इस ताजा रक्षा मंजूरी से एक बार फिर साफ हो गया है कि दक्षिण एशिया में उसकी असली रणनीतिक साझेदारी भारत के साथ है, पाकिस्तान के साथ नहीं।

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DSCA ने फेडरल रजिस्टर में अधिसूचना प्रकाशित की

अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी यानी DSCA, जो Foreign Military Sales (FMS) कार्यक्रम का संचालन करती है, ने इस प्रस्तावित बिक्री की आधिकारिक अधिसूचना फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित कर दी है। इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग पिछले महीने ही अमेरिकी कांग्रेस को इस संभावित रक्षा सौदे की पूरी जानकारी दे चुका था।

M777A2 हॉवित्जर के लिए 23 करोड़ डॉलर का पैकेज

भारत ने M777A2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों के लिए दीर्घकालिक सपोर्ट की मांग रखी है। इस हिस्से में एंसिलरी इक्विपमेंट, स्पेयर पार्ट्स, रिपेयर एंड रिटर्न सर्विसेज, प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और अन्य लॉजिस्टिक सपोर्ट शामिल हैं। इस पैकेज की अनुमानित लागत 23 करोड़ डॉलर रखी गई है। गौरतलब है कि भारत ने ये तोपें अमेरिकी FMS रूट के जरिए हासिल की थीं और इन्हें खासतौर पर ऊंचाई वाले तथा दुर्गम पहाड़ी इलाकों में भारतीय सेना की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए खरीदा गया था।

AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टर के लिए 19.82 करोड़ डॉलर

इसके अलावा, भारत ने AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों के लिए भी अलग से सस्टेनमेंट सपोर्ट मांगा है, जिसकी अनुमानित लागत 19.82 करोड़ डॉलर है। इस पैकेज में इंजीनियरिंग, टेक्निकल और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट सर्विसेज, कर्मियों का प्रशिक्षण और अन्य संबंधित कार्यक्रम सहायता शामिल हैं। अपाचे हेलीकॉप्टर भारतीय वायुसेना और थलसेना दोनों की आक्रामक क्षमता के सबसे अहम स्तंभों में गिने जाते हैं।

बोइंग, लॉकहीड मार्टिन और BAE सिस्टम्स होंगे प्रमुख ठेकेदार

अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार अपाचे कार्यक्रम के प्रमुख ठेकेदार बोइंग कंपनी और लॉकहीड मार्टिन होंगे। वहीं M777A2 हॉवित्जर सपोर्ट प्रोग्राम की जिम्मेदारी ब्रिटेन की BAE सिस्टम्स के हाथ में होगी।

भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को नई ताकत

अमेरिकी रक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रस्तावित सौदा अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा लक्ष्यों के पूरी तरह अनुरूप है और भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेगा। विभाग के मुताबिक यह पैकेज भारत को मौजूदा और भविष्य के खतरों से निपटने, मातृभूमि की रक्षा क्षमता बढ़ाने और क्षेत्रीय चुनौतियों के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में मदद करेगा। पिछले कुछ वर्षों में नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच रक्षा संबंध पहले के मुकाबले काफी मजबूत हुए हैं, और यह ताजा मंजूरी उसी दिशा में एक और ठोस कदम है।

सवाल-जवाब

अमेरिका ने भारत को कितने का डिफेंस सपोर्ट पैकेज मंजूर किया?
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत के लिए 482.2 मिलियन डॉलर यानी करीब 4555 करोड़ रुपये के सस्टेनमेंट सपोर्ट पैकेज को मंजूरी दी है।
यह पैकेज किन हथियार प्रणालियों के लिए है?
यह पैकेज AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों और M777A2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों के रखरखाव और परिचालन सपोर्ट के लिए है।
M777A2 हॉवित्जर पैकेज की अनुमानित लागत क्या है?
M777A2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर के लिए दीर्घकालिक सपोर्ट पैकेज की अनुमानित लागत 23 करोड़ डॉलर है।
AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टर पैकेज कितने का है?
अपाचे हेलीकॉप्टर सस्टेनमेंट सपोर्ट पैकेज की अनुमानित लागत 19.82 करोड़ डॉलर है।
इस सौदे के प्रमुख ठेकेदार कौन हैं?
अपाचे कार्यक्रम के लिए बोइंग कंपनी और लॉकहीड मार्टिन, जबकि M777A2 हॉवित्जर सपोर्ट के लिए ब्रिटेन की BAE सिस्टम्स प्रमुख ठेकेदार हैं।
भारत ने M777A2 तोपें किस मकसद से खरीदी थीं?
ये तोपें खासतौर पर ऊंचाई वाले और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में भारतीय सेना की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए अमेरिकी FMS रूट के जरिए खरीदी गई थीं।
DSCA ने इस सौदे की अधिसूचना कहां जारी की?
DSCA ने इस प्रस्तावित बिक्री की औपचारिक अधिसूचना फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित की है।
क्या अमेरिकी कांग्रेस को इस सौदे की पहले से जानकारी दी गई थी?
हां, अमेरिकी विदेश विभाग ने DSCA की अधिसूचना से पहले पिछले महीने ही अमेरिकी कांग्रेस को इस संभावित रक्षा सौदे के बारे में सूचित किया था।
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