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स्पेनिश क्षेत्र सेउटा में भीषण सीमा संकट के बाद फंसे हजारों प्रवासी, यूरोपीय संसद में उठा 100 मौतों का मुद्दायूरोप
6 अग॰ 2026, 11:47 pm (1 घंटे पहले)· 2

स्पेनिश क्षेत्र सेउटा में भीषण सीमा संकट के बाद फंसे हजारों प्रवासी, यूरोपीय संसद में उठा 100 मौतों का मुद्दा

उत्तर अफ्रीकी तट पर स्थित स्पेन के क्षेत्र सेउटा में हजारों प्रवासी फंसे हुए हैं, जबकि हाल ही में 78,000 लोगों के समुद्र के रास्ते प्रवेश करने के दौरान 100 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है।

उत्तर अफ्रीकी महाद्वीप पर स्थित स्पेन के तटीय क्षेत्र सेउटा में अभूतपूर्व मानवीय और सुरक्षा संकट लगातार गहराता जा रहा है। पिछले सप्ताह के भीतर समुद्र मार्ग से लगभग 78,000 लोगों के अचानक प्रवेश करने के बाद अब भी वहां 3,000 से 5,000 के बीच प्रवासी फंसे हुए हैं। इस विशाल घुसपैठ के दौरान हुए हादसों में 100 लोगों की जान जा चुकी है। इस त्रासदी ने न केवल स्थानीय प्रशासन के संसाधनों को पूरी तरह से निचोड़ दिया है, बल्कि स्पेन की आंतरिक राजनीति से लेकर यूरोपीय संघ के देशों के बीच कूटनीतिक तनाव को भी काफी बढ़ा दिया है।

यूरोपीय संसद में सेउटा के नेतृत्व की गुहार

सेउटा के मेयर और प्रेसिडेंट जुआन जेसुस विवास ने यूरोपीय संसद को संबोधित करते हुए इस पूरी घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने 100 लोगों की मौत को एक कभी न पूरी होने वाली त्रासदी करार दिया। विवास ने खुलासा किया कि पड़ोसी देश मोरक्को से महज कुछ ही घंटों के भीतर 78,000 से अधिक लोग तैरकर अथवा छोटी नौकाओं के जरिए स्पेनिश सीमा में दाखिल हो गए थे। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने के बाद लगभग 75,000 लोगों को मोरक्को वापस भेजा जा चुका है, जिससे स्थिति में कुछ सुधार तो आया है, लेकिन सेउटा में अब भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। क्षेत्र में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना बेहद कठिन साबित हो रहा है और वहां मानवीय आपातकाल की स्थिति बनी हुई है।

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स्पेन सरकार की तैयारियों और प्रतिक्रिया पर सवाल

रूढ़िवादी विचारधारा से ताल्लुक रखने वाले नेता जुआन जेसुस विवास ने स्पेन की केंद्र सरकार की भूमिका की तीखी आलोचना की है। यूरोपीय संसद के समक्ष अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से स्पेन के सोशलिस्ट प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज को सूचित किया था कि केंद्र सरकार की ओर से दी गई प्रतिक्रिया काफी देर से आई और वह पूरी तरह से अपर्याप्त थी। विवास का आरोप है कि स्थानीय अधिकारियों ने समुद्र के रास्ते प्रवासियों की आवक बढ़ने की अग्रिम चेतावनी दी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने उन चेतावनियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा कि आज भी स्थानीय प्रशासन के पास इस बात का सटीक आंकड़ा नहीं है कि कितने प्रवासी शहर के भीतर मौजूद हैं, जो यह दर्शाता है कि इस स्थिति से निपटने के लिए उनके पास संसाधनों की कितनी भारी कमी है।

बाल प्रवासियों का संकट और विधिक जटिलताएं

सेउटा में फंसे प्रवासियों में एक बड़ा हिस्सा नाबालिग बच्चों का है। आंकड़ों के अनुसार हजारों की संख्या में अकेला छूटे बच्चे इस समय सेउटा में मौजूद हैं, जिनका पंजीकरण स्थानीय अधिकारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है। स्पेन के गृह मंत्री ने घोषणा की है कि सरकार ने सेउटा में नाबालिगों की सहायता और देखभाल के लिए 2.5 करोड़ यूरो (लगभग 2.14 करोड़ पाउंड या 2.88 करोड़ डॉलर) की राशि आवंटित की है। हालांकि, स्थिति धरातल पर अत्यंत गंभीर बनी हुई है। स्पेनिश समाचार पत्र एल मुंडो की एक रिपोर्ट के अनुसार, सेउटा में स्वयंसेवी समूहों ने 4,860 प्रवासी बच्चों का पंजीकरण किया है, जो कि आधिकारिक अनुमानों से दोगुना है। स्थानीय नागरिक इन बच्चों को अपने घरों में शरण दे रहे हैं, लेकिन स्वयंसेवकों का कहना है कि यह व्यवस्था लंबे समय तक बनाए रखना असंभव है।

इन बच्चों को उनके मूल देश या स्पेन के मुख्य भूभाग में भेजना कानूनी और राजनीतिक रूप से बेहद जटिल हो गया है। विवास ने स्पष्ट किया कि कानूनी नियमों के तहत नाबालिगों को उनकी सहमति के बिना वापस भेजना व्यावहारिक रूप से असंभव है। वहीं दूसरी ओर, स्पेनिश समाचार पत्र एल पेस के मुताबिक, स्पेन के मुख्य भूभाग के विभिन्न राज्यों में मौजूद दक्षिणपंथी स्थानीय अधिकारी इन बच्चों को अपने राज्यों में लेने से इनकार कर रहे हैं। हालांकि स्पेन और मोरक्को के बीच एक द्विपक्षीय समझौता मौजूद है जो प्रवासी बच्चों को उनके परिवारों के पास वापस भेजने में सहयोग की बात करता है, लेकिन कार्यान्वयन के स्तर पर सहमति नहीं बन पा रही है। इस बीच, मेलिला के रूढ़िवादी नेता ने स्पेन के मुख्य भूभाग के अपने सहयोगियों से एकजुटता दिखाने की अपील की है ताकि बच्चों का बोझ विभाजित किया जा सके।

अभूतपूर्व घुसपैठ के पीछे के कारण और अदालती फैसला

पिछले सप्ताह गुरुवार और शुक्रवार को अचानक दसियों हजार लोगों द्वारा सीमा पार करने का प्रयास क्यों किया गया, इसे लेकर कई पहलू सामने आ रहे हैं। यूरोपीय संघ के प्रवासन आयुक्त मैग्नस ब्रनर ने संकेत दिया है कि इसके पीछे आपराधिक नेटवर्क का हाथ हो सकता है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक जानकारी फैला रहे थे। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने भी इस बात से सहमति जताई है कि झूठी अफवाहों और आपराधिक तत्वों ने लोगों को उकसाया।

इसके अतिरिक्त, कानूनी परिदृश्य में आए एक बड़े बदलाव को भी इस संकट की मुख्य वजह माना जा रहा है। हाल ही में स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला सुनाया था, जिसके तहत समुद्र में सेउटा या मेलिला की ओर आते समय पकड़े गए प्रवासियों को तुरंत या समरी तौर पर मोरक्को वापस नहीं भेजा जा सकता। मोरक्को के सरकारी सूत्रों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि इस न्यायिक फैसले ने प्रवासन को रोकने वाली व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया। मोरक्को सरकार का तर्क है कि सीमा पर बना सुरक्षा बांध अपराधियों के दबाव से नहीं, बल्कि अदालत के फैसले के कारण टूटा है।

सोशल मीडिया पर नए सामूहिक प्रयासों की अफवाहें

वर्तमान संकट के बीच मोरक्को के स्थानीय मीडिया संस्थान हेसप्रेस ने रिपोर्ट दी है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर स्पेन की सीमा पार करने के नए सामूहिक अभियानों के संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बंद व्हाट्सएप समूहों में शामिल होने के लिए लिंक और पोस्ट शेयर की जा रही हैं, जिनमें स्पेन में रोजगार के अवसरों और प्रवासन से जुड़े हैशटैग का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह गतिविधियां तब हो रही हैं जब मोरक्को के अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अनियंत्रित या अवैध प्रवासन को बढ़ावा देने वाले लोगों के खिलाफ कड़ा कानूनी मुकदमा चलाया जाएगा।

यूरोपीय संघ में कूटनीतिक दरार और सुरक्षा चिंताएं

सेउटा में घटे इस घटनाक्रम ने यूरोपीय संघ के उन देशों के बीच गहरा कूटनीतिक विवाद पैदा कर दिया है जो शेंगेन क्षेत्र के तहत खुली सीमाओं का साझा उपयोग करते हैं। इटली ने स्पेन के साथ अपने शेंगेन व्यवस्था को निलंबित कर दिया है, और इस कदम का फिनलैंड तथा डेनमार्क ने भी समर्थन किया है। इसके अलावा, चेक गणराज्य ने स्पेन की शेंगेन सदस्यता को अस्थायी रूप से निलंबित करने की मांग की है। इसके जवाब में प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने याद दिलाया कि सेउटा भौगोलिक और प्रशासनिक रूप से शेंगेन क्षेत्र का हिस्सा नहीं है।

यूरोपीय संघ के आयुक्त मैग्नस ब्रनर ने कहा कि यूरोपीय संघ सेउटा में और अधिक सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए स्पेन सरकार की ओर से यूरोपीय सीमा रक्षकों की तैनाती का औपचारिक अनुरोध आना बाकी है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मोरक्को से प्रवासन पर पूरा सहयोग प्राप्त करने के लिए यूरोपीय संघ को वीजा नीति और व्यापार सहित अपने सभी कूटनीतिक साधनों का उपयोग करना चाहिए। इस बीच, स्पेन के गृह मंत्री ने कहा है कि वह मोरक्को के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि भविष्य में सीमा उल्लंघन की घटनाओं को रोका जा सके और सेउटा में बचे प्रवासियों को जल्द से जल्द वापस भेजा जा सके।

सवाल-जवाब

सेउटा कहां स्थित है और यह संकट क्यों शुरू हुआ?
सेउटा उत्तरी अफ्रीकी तट पर स्थित स्पेन का एक क्षेत्र है। मोरक्को से लगभग 78,000 प्रवासियों के समुद्र के रास्ते अचानक प्रवेश करने के कारण वहां भीषण संकट पैदा हो गया।
इस सीमा संकट में कितने लोगों की जान गई है?
सेउटा के नेता जुआन जेसुस विवास के अनुसार, 78,000 प्रवासियों के प्रवेश के दौरान हुए हादसों में 100 लोगों की मौत हो चुकी है।
सेउटा में अभी कितने प्रवासी और बच्चे फंसे हुए हैं?
वर्तमान में 3,000 से 5,000 प्रवासी वहां मौजूद हैं। स्वयंसेवी समूहों के अनुसार लगभग 4,860 प्रवासी बच्चों का पंजीकरण किया गया है।
यूरोपीय संघ के अन्य देशों ने स्पेन के खिलाफ क्या कदम उठाया है?
इटली ने स्पेन के साथ शेंगेन समझौते को निलंबित कर दिया है, जिसका फिनलैंड और डेनमार्क ने समर्थन किया है, जबकि चेक गणराज्य ने स्पेन को निलंबित करने की मांग की है।
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