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दिल्ली में जीएसटी फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, छापेमारी में चार करोड़ से ज्यादा की नकदी बरामदराजस्थान
1 नव॰ 2026, 3:23 pm (1 घंटे पहले)· 0

दिल्ली में जीएसटी फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, छापेमारी में चार करोड़ से ज्यादा की नकदी बरामद

जयपुर डीजीजीआई की टीम ने दिल्ली में तीन दिनों तक छापेमारी कर फर्जी बिलिंग सिंडिकेट को पकड़ा है, जहां चार करोड़ अट्ठावन लाख साठ हजार रुपये नकद मिले हैं.

वस्तु एवं सेवा कर की चोरी से जुड़े एक बड़े फर्जी बिलिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए जांच अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजधानी में व्यापक कार्रवाई की है. जयपुर स्थित डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस यानी डीजीजीआई के अधिकारियों ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में स्थित कई परिसरों की लगातार तीन दिनों तक गहन तलाशी ली. इस मैराथन तलाशी अभियान के दौरान जांच दल ने 4 करोड़ 58 लाख 60 हजार रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद कर अपने कब्जे में ले ली है. नकदी के अलावा छापेमारी वाली जगहों से डिजिटल सबूत जुटाने के लिए लैपटॉप, मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों की कई चेकबुक तथा अनेक कारोबारी फर्मों के महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं.

बिना माल आपूर्ति के कागजों पर चल रहा था कारोबार

शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि इस सिंडिकेट में शामिल लोग किसी भी वास्तविक सामान का परिवहन या आपूर्ति किए बिना केवल कागजों पर फर्जी जीएसटी बिल काट रहे थे. इन जाली चालानों के आधार पर विभिन्न कारोबारी संस्थाओं को फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने की सुविधा दी जा रही थी. माल की कोई भौतिक आवाजाही नहीं होती थी, बल्कि केवल बहीखातों में खरीद और बिक्री दर्ज कराकर सरकार को देय कर में सेंध लगाई जा रही थी और व्यापारियों को अनुचित वित्तीय मुनाफा पहुंचाया जा रहा था.

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बैंकिंग चैनल और नकदी वापसी का गुप्त तंत्र

इस सिंडिकेट के काम करने के तौर-तरीकों की पड़ताल में एक संगठित वित्तीय हेरफेर भी उजागर हुआ है. विभिन्न कारोबारी पहले इन फर्जी फर्मों के बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से डिजिटल तरीके से पैसे ट्रांसफर करते थे. इसके बाद सिंडिकेट के सदस्य कमीशन काटकर बाकी रकम नकद के रूप में संबंधित व्यापारियों तक वापस पहुंचा देते थे. इस तरह बैंकिंग प्रणाली में वैध दिखने वाले लेन-देन के पीछे बड़े पैमाने पर काले धन और कर चोरी का खेल संचालित किया जा रहा था.

जब्त दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की पड़ताल जारी

अधिकारियों ने तलाशी के दौरान मिले सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, नकद राशि और संदेहास्पद कागजातों को सील कर गहन जांच शुरू कर दी है. जांच एजेंसी अब इस सिंडिकेट से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़ी तमाम बोगस कंपनियों, उनके संचालित बैंक खातों और पिछले समय में हुए सभी वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, ताकि इस कर चोरी नेटवर्क से लाभ उठाने वाले व्यापारियों की पहचान की जा सके.

सवाल-जवाब

डीजीजीआई की टीम ने दिल्ली में कितनी नकदी जब्त की?
जांच टीम ने छापेमारी के दौरान 4 करोड़ 58 लाख 60 हजार रुपये की नकद राशि जब्त की है.
छापेमारी की कार्रवाई कितने दिनों तक चली?
जयपुर डीजीजीआई की टीम ने दिल्ली के अलग-अलग ठिकानों पर तीन दिनों तक लगातार छापेमारी की.
सिंडिकेट किस तरह से कर चोरी कर रहा था?
यह सिंडिकेट बिना किसी वास्तविक माल की आपूर्ति किए फर्जी बिल बनाकर व्यापारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ दिला रहा था.
बैंक से पैसे और नकदी के लेन-देन का क्या तरीका था?
व्यापारी बैंक खातों से आरटीजीएस के जरिए पैसे भेजते थे और उसके बदले सिंडिकेट उन्हें नकद रकम वापस पहुंचाता था.
नकदी के अलावा मौके से क्या सामान जब्त किया गया?
अधिकारियों ने मौके से लैपटॉप, मोबाइल फोन, कई चेकबुक और विभिन्न फर्मों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·12 मिनट पहले

बिना सामान के सिर्फ कागजों पर कारोबार चलाकर इतना बड़ा फर्जीवाड़ा! जब तक ऐसे लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक टैक्स चोरी का यह खेल बंद नहीं होने वाला।

Arjun Mehta@arjun-mehta·12 मिनट पहले

रविकेश जी, बात सही है आपकी, पर शक होता है कि क्या सिर्फ चार करोड़ रुपये ही इस बड़े नेटवर्क की कुल कमाई होगी?

Rohan Verma@rohan-verma·36 मिनट पहले

दिल्ली में मेरे एक जानने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। पिछले हफ़्ते ही वो बता रहे थे कि आजकल कैसे लोग बिना सामान बेचे सिर्फ कागजों पर बिल घुमाकर करोड़ों का खेल कर रहे हैं। जब चार करोड़ से ज़्यादा कैश सामने आया, तो मुझे उनकी वो बात एकदम सच लगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·35 मिनट पहले

रोहन जी, आपके सीए साहब की बात बिल्कुल सही है। आजकल ऐसे फर्जी बिलों का खेल बहुत चल रहा है, तभी तो डीजीजीआई की छापेमारी में इतना कैश पकड़ा गया।

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