राजस्थान के मेवाड़ अंचल से यात्रा करने वाले लोगों के लिए आने वाले दिनों में रेल यातायात सुगम और सुविधाजनक बन सकता है। जोनल रेलवे सलाहकार समिति के प्रतिनिधि ओम पालीवाल ने उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रशासन और केंद्रीय रेल मंत्रालय के समक्ष बुनियादी ढांचे व ट्रेन परिचालन में सुधार हेतु आठ महत्वपूर्ण सिफारिशें पेश की हैं। इन सिफारिशों का मुख्य उद्देश्य प्रमुख धार्मिक व व्यापारिक शहरों के साथ उदयपुर का सीधा संपर्क स्थापित करना है। अहमदाबाद रेल मार्ग पर विद्युतीकरण का कार्य संपन्न होने के पश्चात अब इस क्षेत्र से देश के विभिन्न राज्यों के लिए नई गाड़ियां शुरू करने की राह आसान हुई है।
हरिद्वार और मुंबई के लिए दैनिक ट्रेन सेवाओं की सिफारिश
इन सिफारिशों में सबसे प्राथमिकता वाली मांग उदयपुर-हरिद्वार रेल सेवा को नियमित करने की है। वर्तमान समय में यह गाड़ी सप्ताह में केवल तीन दिन ही संचालित की जाती है, जिसके कारण यात्रियों को अक्सर कंफर्म टिकट पाने में भारी कठिनाई होती है और सीटें तुरंत फुल हो जाती हैं। यदि इस ट्रेन का संचालन सप्ताह के सातों दिन कर दिया जाए, तो धार्मिक यात्रियों के अलावा उत्तर भारत जाने वाले अन्य यात्रियों को भी नियमित सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही, रतलाम मार्ग से होकर चलने वाली उदयपुर-बांद्रा ट्रेन को भी प्रतिदिन चलाने का आग्रह किया गया है, ताकि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जाने वाले व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और पर्यटकों को आवागमन में सहूलियत मिले।
गुजरात और उत्तर भारत की प्रमुख गाड़ियों के विस्तार की योजना
प्रस्तावित मसौदे में पश्चिमी भारत और गुजरात से कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए नवजीवन एक्सप्रेस, प्रेरणा एक्सप्रेस और गुजरात मेल जैसी प्रसिद्ध गाड़ियों का अंतिम स्टेशन उदयपुर तक बढ़ाने की सिफारिश की गई है। इन ट्रेनों का विस्तार होने से अहमदाबाद, सूरत और गुजरात के अन्य औद्योगिक शहरों तक सीधी पहुंच संभव हो पाएगी। इसके अलावा, काठगोदाम-अजमेर एक्सप्रेस तथा अजमेर-जम्मूतवी एक्सप्रेस को भी उदयपुर तक विस्तारित करने का सुझाव दिया गया है। इससे उत्तराखंड और जम्मू की ओर जाने वाले यात्रियों को अजमेर जाकर गाड़ी बदलने के झंझट से मुक्ति मिलेगी और सीधे मेवाड़ से ही सीधी यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा।
दिल्ली वंदे भारत के समय में बदलाव और भोपाल के लिए नई गाड़ी
यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए उदयपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस के प्रस्थान समय में संशोधन करने की मांग रखी गई है। इस ट्रेन को उदयपुर सिटी से सुबह जल्दी रवाना करने की सिफारिश की गई है ताकि दिल्ली जाने वाले यात्री दिन के शुरुआती घंटों में ही अपनी मंजिल तक पहुंच सकें। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लिए भी एक बिल्कुल नई रेल सेवा शुरू करने का प्रस्ताव शामिल किया गया है। इन कदमों से राजधानी दिल्ली और मध्य प्रदेश के साथ पर्यटन और व्यापारिक रिश्तों को नया आयाम मिलेगा।
उदयपुर सिटी स्टेशन पर बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
भविष्य में बढ़ने वाले रेल यातायात और नई गाड़ियों के संचालन को संभालने के लिए उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। वर्तमान में इस स्टेशन पर कुल 5 प्लेटफॉर्म मौजूद हैं, जिन्हें बढ़ाकर 8 करने का सुझाव दिया गया है। प्लेटफॉर्म की संख्या में वृद्धि होने से एक साथ अधिक ट्रेनों को हैंडल किया जा सकेगा और यात्रियों को स्टेशन पर मिलने वाली भीड़भाड़ से राहत मिलेगी। रेल मंत्रालय और उत्तर-पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के पास ये सभी आठ प्रस्ताव विचारार्थ भेजे जा चुके हैं, और क्षेत्र के निवासियों को अब इन पर अंतिम निर्णय का इंतजार है।



















