सावन के पवित्र महीने में सोमवार का व्रत रखने वाले लोग अक्सर फलाहार में साबूदाने की खिचड़ी, खीर या वड़ा बनाना पसंद करते हैं। हालांकि, हर बार एक ही तरह के व्यंजन खाकर स्वाद थोड़ा एकरुप हो जाता है। यदि इस बार व्रत के दौरान आप कुछ अलग और नया मीठा आजमाना चाहते हैं, तो साबूदाना रसमलाई एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। देखने में पारंपरिक रसमलाई जैसी लगने वाली यह मिठाई दूध, इलायची, केसर और ड्राई फ्रूट्स के अद्भुत संगम से तैयार होती है। इसे बनाने के लिए किसी खास सामग्री की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि रसोई में मौजूद साबूदाने की मदद से ही इसके स्पंजी और सॉफ्ट बॉल्स तैयार किए जा सकते हैं।
साबूदाना रसमलाई के लिए आवश्यक सामग्री और तैयारी
इस फलाहारी मिठाई को बनाने की शुरुआत साबूदाने को सही तरीके से तैयार करने से होती है। सबसे पहले 1 कप साबूदाना लें और उसे साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद साबूदाने को 2 से 3 घंटे के लिए पर्याप्त पानी में भिगोकर रख दें। जब साबूदाना अच्छी तरह फूल जाए, तो बर्तन में बचा अतिरिक्त पानी पूरी तरह से निकाल दें। अब इस फूले हुए साबूदाने को ग्राइंडर में डालें। मिश्रण का स्वाद और बाइंडिंग बेहतर करने के लिए इसमें 1 चम्मच चीनी और 1 चम्मच मिल्क पाउडर मिलाया जा सकता है। ग्राइंड करते समय ध्यान रखें कि पेस्ट को बहुत अधिक पतला या पानी जैसा न बनाएं। हल्का दरदरा और गाढ़ा पेस्ट रहने से बॉल्स बनाना काफी सुविधाजनक रहता है।
सॉफ्ट साबूदाना बॉल्स बनाने का सही तरीका
पिसे हुए साबूदाने के मिश्रण को मिक्सी से निकालकर एक चौड़ी प्लेट या बर्तन में रख लें। अपने हाथों की मदद से इस मिश्रण को 1 मिनट तक अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद अपनी हथेलियों पर थोड़ा सा शुद्ध घी लगाएं और मिश्रण से छोटी-छोटी गोलियां तैयार कर लें। साबूदाने के बॉल्स बनाते समय आकार को छोटा ही रखें, क्योंकि जब इन्हें दूध में पकाया जाता है तो ये फूलकर थोड़े बड़े हो जाते हैं। यदि आपको लगे कि मिश्रण थोड़ा ढीला या चिपकने वाला है, तो उसे 5 से 10 मिनट के लिए रख दें और फिर घी लगाकर बॉल्स तैयार करें।
रबड़ीदार और सुगंधित दूध तैयार करने की विधि
रसमलाई का सबसे अहम हिस्सा उसका स्वादिष्ट और गाढ़ा दूध होता है। इसके लिए एक गहरे बर्तन या कड़ाही में लगभग आधा लीटर दूध डालकर मध्यम आंच पर गर्म होने के लिए रखें। दूध में जब उबाल आ जाए, तब आंच को धीमा कर दें और इसमें लगभग 1/4 कप चीनी मिलाएं। इसके साथ ही बेहतरीन खुशबू के लिए 2 से 3 कुटी हुई इलायची डालें। दूध को चम्मच या कलछी से बीच-बीच में लगातार चलाते रहें ताकि वह बर्तन के तले में न चिपके। कुछ मिनट तक धीमी आंच पर पकाने के बाद दूध थोड़ा गाढ़ा और मलाईदार होने लगेगा।
दूध में साबूदाना बॉल्स पकाने की प्रक्रिया
जब दूध हल्का गाढ़ा हो जाए, तो पहले से तैयार करके रखे गए साबूदाने के बॉल्स को एक-एक करके ध्यानपूर्वक दूध में डालते जाएं। बॉल्स डालने के बाद गैस की आंच को मध्यम रखें और इन्हें 8 से 10 मिनट तक पकने दें। पकाने के दौरान बॉल्स को बार-बार चमचे से न चलाएं, क्योंकि ऐसा करने से उनका आकार बिगड़ सकता है या वे टूट सकते हैं। जैसे-जैसे साबूदाने के बॉल्स पकेंगे, वे दूध के ऊपर तैरने लगेंगे और हल्के पारदर्शी दिखने लगेंगे। पारदर्शी रंगत इस बात का संकेत है कि रसमलाई के बॉल्स पूरी तरह से पक चुके हैं।
गार्निशिंग, कूलिंग और परोसने का तरीका
बॉल्स के अच्छी तरह पक जाने पर थोड़े से गर्म दूध में भिगोया हुआ केसर इसमें मिलाएं। केसर मिलाने से रसमलाई को सुंदर पीला रंग और मनमोहक खुशबू मिलती है। इसके ऊपर बारीक कटे हुए बादाम, पिस्ता और काजू डालें, जो इस मिठाई को एक रिच और शाही स्वाद प्रदान करते हैं। यदि आपको इलायची का स्वाद अधिक पसंद है, तो ऊपर से थोड़ा सा इलायची पाउडर भी छिड़क सकते हैं। इसके बाद गैस बंद कर दें और रसमलाई को कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें।
जब रसमलाई सामान्य तापमान पर आ जाए, तो इसे 1 से 2 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। ठंडी होने पर साबूदाने के बॉल्स दूध के स्वाद और सुगंध को अच्छी तरह सोख लेते हैं। परोसते समय ऊपर से अतिरिक्त कटे हुए पिस्ते और बादाम सजाकर ठंडी-ठंडी रसमलाई का आनंद लें। इस व्रत में चीनी, मिल्क पाउडर और अन्य सामग्रियों का चुनाव हमेशा अपनी पारिवारिक फलाहारी परंपराओं के अनुसार ही करें।



















