मौसम विज्ञान विभागों ने कर्नाटक में मानसून के सक्रिय होने के चलते राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए व्यापक अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग और कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र के अनुसार, राज्य के तटीय, उत्तरी आंतरिक और दक्षिणी आंतरिक जिलों में अगले कुछ दिनों के दौरान तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।
कर्नाटक में पांच दिवसीय मौसम की चेतावनी और पूर्वानुमान
मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन के मुताबिक, 20 अगस्त से 24 अगस्त 2026 तक कर्नाटक में मानसून की गतिविधियां काफी सक्रिय रहेंगी। इस पांच दिवसीय पूर्वानुमान की अवधि के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बादल गरजने, बिजली चमकने और तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने अचानक बदलने वाले मौसम को देखते हुए नागरिकों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पूर्वानुमान के अनुसार, बारिश के साथ-साथ राज्य के कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। यह चेतावनी तटीय कर्नाटक के साथ-साथ उत्तरी आंतरिक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के अधिकांश क्षेत्रों के लिए लागू की गई है। इसके चलते दैनिक आवाजाही और बाहरी गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना जताई गई है।
तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में बारिश का हाल
तटीय कर्नाटक के प्रमुख जिलों, जिनमें दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ शामिल हैं, में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। तटीय क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से लगातार हवाएं चलने का अनुमान व्यक्त किया गया है, जिससे समुद्र तट के आसपास मौसम अधिक प्रतिकूल हो सकता है।
इसी तरह, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के इलाकों में भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है, जिससे पूरे राज्य में मानसूनी माहौल बना रहेगा।
बेंगलुरु का मौसम, तापमान और आर्द्रता का अपडेट
राजधानी बेंगलुरु के संदर्भ में कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र ने बताया है कि शहर में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। दिन भर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे तापमान में नरमी बनी रहेगी लेकिन दोपहिया वाहन चालकों को सावधानी बरतनी होगी।
तापमान की बात करें तो बेंगलुरु में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 21 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है। मौसम आंकड़ों के अनुसार, शहर में बीते 24 घंटों के दौरान 3.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग के सुबह 8:30 बजे के आंकड़ों के मुताबिक शहर में सापेक्ष आर्द्रता 85 प्रतिशत दर्ज की गई।
मलनाड क्षेत्र और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी
कर्नाटक के पहाड़ी मलनाड क्षेत्र में भी मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है। पश्चिमी घाट से सटे घाट इलाकों में बारिश की तीव्रता अधिक देखी जा रही है। कोडगु, चिकमगलूर, शिवमोगा और हासन जैसे प्रमुख जिलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई है, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय नदियों, नालों और पहाड़ी धाराओं में जलस्तर में वृद्धि देखी जा रही है।
घाट क्षेत्रों में हो रही यह बारिश कृषि गतिविधियों और स्थानीय जल निकायों के पुनर्भरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों और नदी तटों के पास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
मानसून की स्थिति: राज्य में अब तक 31 प्रतिशत की कमी
हाल के दिनों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के बावजूद, कर्नाटक में चालू सीजन के दौरान मानसून का कुल आंकड़ा सामान्य से कम बना हुआ है। कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र द्वारा 19 अगस्त तक संकलित आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से शुरू हुए मानसून सीजन में राज्य में अब तक 431 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 623 मिलीमीटर माना जाता है।
इसका मतलब है कि राज्य में चालू सीजन की कुल बारिश में 31 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसके बावजूद मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तटीय और आंतरिक कर्नाटक में मानसूनी सक्रियता बनी रहेगी, जिससे इस बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा करने में मदद मिल सकती है।



















