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उत्तराखंड में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ वारदातों में 17 फीसदी का उछाल, देहरादून में गहराया डरउत्तराखंड
9 अक्तू॰ 2026, 8:23 pm (28 दिन पहले)· 6

उत्तराखंड में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ वारदातों में 17 फीसदी का उछाल, देहरादून में गहराया डर

उत्तराखंड में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ आपराधिक मामलों में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कभी सुकून के लिए पहचाने जाने वाले देहरादून में लगातार हो रही वारदातों से बुजुर्गों में दहशत है।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की पहचान लंबे समय तक सुकून भरे माहौल, चाय के बागानों, लीची और बासमती की खेती के लिए रही है। देश भर से लोग अपनी नौकरी पूरी करने के बाद यहां एक शांत जीवन बिताने के इरादे से बसते रहे हैं। अब सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दावों के बीच जमीनी तस्वीर बदलती नजर आ रही है। हालिया आंकड़ों के अनुसार राज्य के भीतर वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े अपराधों में 17 फीसदी का इजाफा दर्ज हुआ है। चोरी, झपटमारी, ठगी और हत्या जैसी गंभीर घटनाओं ने शहर के माहौल को अशांत कर दिया है, जिससे उम्रदराज आबादी में असुरक्षा की भावना तेजी से बढ़ रही है।

सुबह की सैर से भी कतराने लगे हैं वरिष्ठ नागरिक

बिगड़ती सुरक्षा स्थिति का सीधा असर बुजुर्गों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। स्वास्थ्य के लिहाज से जरूरी मानी जाने वाली सुबह और शाम की सैर अब खौफ का सबब बन चुकी है। कर्नल (रिटायर्ड) मूर्ति सिंह साजवान ने शहर की वर्तमान स्थिति पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि उनके बचपन से लेकर आज तक का माहौल पूरी तरह बदल चुका है और अपराधी बुजुर्गों को निशाना बनाते समय किसी तरह का संकोच नहीं दिखाते।

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हालिया हिंसक घटनाओं से गहराया आक्रोश

शहर में सामने आई कई जानलेवा वारदातों ने पूर्व सैन्य अधिकारियों और आम नागरिकों को झकझोर कर रख दिया है। कर्नल साजवान के अनुसार बीते साल जब सुबह की सैर पर निकले एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर की गोली लगने से मौत हुई थी, तब पूर्व सैन्य कर्मियों ने लामबंद होकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र भेजकर सख्त कदम उठाने की मांग की थी। अब हालात यह हैं कि अपराधी सीधे घरों के भीतर दाखिल होकर बुजुर्गों को अपना शिकार बना रहे हैं। स्थानीय निवासी देबू रावत ने रायपुर इलाके की घटना की चर्चा करते हुए कहा कि एक बुजुर्ग दंपत्ति और उनकी घरेलू सहायिका की हत्या जैसे मामलों ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है।

एकांत में रहने वाले बुजुर्गों के लिए बढ़ा खतरा

देहरादून में ऐसे परिवारों की तादाद काफी अधिक है जिनके बच्चे रोजगार अथवा अन्य जिम्मेदारियों के चलते राज्य से बाहर या विदेशों में कार्यरत हैं। घरों में अकेले रहने के कारण ऐसे वरिष्ठ नागरिक असामाजिक तत्वों के आसान निशाने पर आ जाते हैं। मौजूदा वर्ष में ही बुजुर्गों को निशाना बनाए जाने के 4 से 5 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। स्थानीय नागरिक एम आर सकलानी का कहना है कि शारीरिक रूप से कमजोर उम्रदराज लोगों की हिफाजत के लिए प्रशासन को ठोस योजना बनानी चाहिए, ताकि वे बिना किसी भय के अपनी सामान्य जिंदगी जी सकें।

पुलिस गश्त और सुरक्षा तंत्र की मांग

लगातार बिगड़ते हालात के बीच पूर्व अधिकारियों और वरिष्ठ नागरिकों ने पुलिस और सरकार से प्रभावी कदम उठाने की गुहार लगाई है। स्थानीय निवासियों की मांग है कि संवेदनशील इलाकों में पुलिस की नियमित गश्त बढ़ाई जाए और अकेले रह रहे वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक खास निगरानी तंत्र तैयार किया जाए। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इन अपराधों की रोकथाम नहीं हुई, तो सेवानिवृत्ति के बाद सुकून की तलाश में यहां बसने वाले बुजुर्ग अपने ही घरों में सिमट कर रह जाएंगे।

सवाल-जवाब

उत्तराखंड में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराधों में कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है?
राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ होने वाले अपराधों में 17 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
देहरादून के बुजुर्गों में किन वारदातों के कारण भय का माहौल बना है?
चोरी, झपटमारी, धोखाधड़ी, घरों में घुसपैठ और हत्या जैसी संगीन घटनाओं के कारण बुजुर्गों में गहरा खौफ है।
पूर्व सैन्य कर्मियों ने सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाया था?
एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर की गोली लगने से मौत के बाद पूर्व फौजियों ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
रायपुर क्षेत्र में हाल ही में कौन सी गंभीर घटना घटी थी?
रायपुर क्षेत्र में एक बुजुर्ग दंपत्ति और उनकी नौकरानी की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया था।
इस वर्ष देहरादून में बुजुर्गों के खिलाफ कितने गंभीर मामले दर्ज हो चुके हैं?
मौजूदा वर्ष में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े 4 से 5 गंभीर आपराधिक मामले सामने आ चुके हैं।
वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से क्या मांग की है?
निवासियों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए विशेष सुरक्षा ढांचा तैयार करने की मांग की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Nyra Kaif@nyra-kaif·27 दिन पहले

देहरादून में बुजुर्गों पर हमले डराने वाले हैं। अब सुबह की सैर पर जाना भी मुश्किल हो गया है।

Ravikash Gupta@ravikash·27 दिन पहले

देहरादून में हमारे एक बुजुर्ग रिश्तेदार अकेले रहते हैं। पिछले कुछ महीनों से वहां जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, उन्हें सुनकर हर वक्त चिंता बनी रहती है। सुबह की सैर पर जाना तो अब जैसे बंद ही हो गया है। प्रशासन को वाकई सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।

Arjun Mehta@arjun-mehta·27 दिन पहले

रविकेश जी, आपकी चिंता बिल्कुल सही है। एक राजनीतिक संवाददाता के तौर पर मैं संसद से लेकर सड़क तक सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा देखता रहता हूँ, लेकिन राजधानी में बुजुर्गों का इस तरह असुरक्षित होना प्रशासन की बड़ी नाकामी है।

Rohan Verma@rohan-verma·27 दिन पहले

रायपुर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों पर हमले डराने वाले हैं, बच्चे बाहर हों तो सुरक्षा की चिंता और बढ़ जाती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·27 दिन पहले

रोहन जी, रायपुर वाली घटना सुनकर पिछले साल डिफेंस कॉलोनी में मेरे एक बुजुर्ग पड़ोसी के साथ हुई चोरी की बात याद आ गई। तब भी हम सब ऐसे ही डरे हुए थे।

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