दिल्ली के विकासपुरी इलाके में रिंग रोड के पास बनी एक सड़क को लेकर राजनीति तेजी से गरमा गई है। इस सड़क का एक हिस्सा ऐसा सामने आया जिसे हाथों से ही आसानी से उखाड़ा जा सकता था, जिसके बाद आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ जहां विपक्षी दल के नेता इस मामले को लेकर सरकार और लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी पर हमलावर हैं, वहीं दूसरी तरफ मंत्री प्रवेश वर्मा, गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के प्रतिनिधि और संबंधित पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर ने सामने आकर अपनी बात रखी है और पूरे घटनाक्रम पर सफाई दी है।
अस्थायी निर्माण और गुरुपर्व का हवाला
इस पूरी विवादित सड़क को लेकर सबसे बड़ा और अहम सवाल यही खड़ा हो रहा था कि आखिर ऐसी कमजोर सड़क का निर्माण क्यों किया गया जिसकी गुणवत्ता पर तुरंत सवालिया निशान उठ जाएं। इस पर सफाई देते हुए मंत्री प्रवेश वर्मा ने वीडियो के माध्यम से दावा किया कि यह सड़क किसी स्थाई निर्माण परियोजना का हिस्सा नहीं थी। इसे किसी पक्की सड़क के तौर पर नहीं बनाया गया था, बल्कि आगामी गुरुपर्व के धार्मिक कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए केवल कुछ समय के लिए आवाजाही योग्य बनाने के खातिर अस्थायी रूप से तैयार किया गया था ताकि वहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रात के समय की गई थी तात्कालिक मरम्मत
प्रवेश वर्मा ने मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि विकासपुरी रिंग रोड के पास स्थित संबंधित गुरुद्वारा प्रबंधन की तरफ से यह विशेष अनुरोध किया गया था कि गुरुपर्व के कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने के लिए सड़क को तुरंत अस्थायी तौर पर ठीक करवा दिया जाए। गुरुद्वारा प्रबंधन का पक्ष यह था कि आगामी 5 तारीख को गुरुपर्व का एक बड़ा धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होना था। इस समारोह में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की पूरी संभावना थी, जिसे देखते हुए प्रबंधन की प्राथमिकता यही थी कि किसी तरह कार्यक्रम के संपन्न होने तक सड़क पर वाहनों और पैदल चलने वालों की आवाजाही सुगम बनी रहे। इसी विशेष अनुरोध को स्वीकार करते हुए रात के वक्त सड़क के ऊपर कुछ सामग्री डालकर उसे किसी तरह चलने लायक बना दिया गया था। साथ ही यह बात भी सामने आई कि कार्यक्रम के बाद इस पूरी सड़क को निर्धारित इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं और मानक गुणवत्ता के साथ नए सिरे से पक्का किया जाना था।
इंजीनियर का बयान और दबाव का आरोप
मौके पर मौजूद रहे पीडब्ल्यूडी के अधिकृत इंजीनियर ने भी सड़क निर्माण से जुड़े इस पूरे मामले पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट की है। इंजीनियर के अनुसार, रात के समय गुरुद्वारे में आने वाले लोगों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए भारी दबाव के बीच उस सड़क को केवल अस्थायी तौर पर चलने योग्य बनाया गया था। इंजीनियर ने इस बात पर जोर दिया कि यह पीडब्ल्यूडी की तरफ से किसी नियमित टेंडर प्रक्रिया के तहत किया जा रहा कोई स्थायी सड़क निर्माण कार्य बिल्कुल भी नहीं था। योजना यह थी कि बाद में सर्विस लेन की मिलिंग कराकर इस पूरी सड़क को उचित और उच्च गुणवत्ता के साथ दोबारा से तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी इंजीनियर ने यह भी खुलासा किया कि जब यह कार्य चल रहा था, उस दौरान मौके पर लगभग 60 से 70 लोग अचानक आ पहुंचे और इंजीनियरों पर कार्य पूरा करने का भारी दबाव बनाने लगे।
जरनैल सिंह का वीडियो और मंत्रियों के बीच जुबानी जंग
इस सड़क विवाद के बीच स्थानीय विधायक जरनैल सिंह की भूमिका और उनके द्वारा बनाए गए वीडियो को लेकर भी राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। प्रवेश वर्मा ने सीधा आरोप लगाया कि विधायक जरनैल सिंह ने इसी सड़क का एक वीडियो रिकॉर्ड किया और फिर खराब गुणवत्ता का मुद्दा उठाते हुए राजनीति शुरू की। प्रवेश वर्मा का यह भी दावा था कि जिस हिस्से का वीडियो बनाया गया, उस सड़क की परत को वीडियो शूट करने से ठीक पहले जानबूझकर ढीला किया गया था ताकि उसे आसानी से उखाड़कर कैमरे में दिखाया जा सके। हालांकि यह बात स्पष्ट है कि यह आरोप पूरी तरह से प्रवेश वर्मा की तरफ से लगाया गया है और स्वतंत्र स्रोतों से इसकी पुष्टि नहीं होती है। इसके अलावा प्रवेश वर्मा ने यह भी जानकारी दी कि इस स्थल से पीछे की तरफ लगभग 2 से 3 किलोमीटर लंबे हिस्से में मुख्य सड़क निर्माण का कार्य अभी भी चल रहा है और जिस हिस्से को अस्थायी रूप से तैयार किया गया था, उसे भी तय समय के बाद बेहतर तरीके से बना दिया जाएगा।
आप विधायक का अलग पक्ष और झड़प का दावा
इन तमाम दावों के विपरीत, आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह ने अपनी ओर से पूरी घटना का दूसरा पहलू सामने रखा। जरनैल सिंह के अनुसार, घटना से कुछ देर पहले उनके पास दिल्ली के पीडब्लूडी मंत्री का फोन आया था जिसमें मंत्री ने उनसे कहा कि वे उनके इलाके में उस सड़क का मुआयना करने आए हैं जिसकी शिकायत लगातार की जा रही थी और उन्होंने विधायक को भी वहां आने के लिए कहा। जरनैल सिंह जब उस स्थान पर पहुंचे तो मंत्री ने उनसे पूछा कि सड़क कहां टूटी है और उन्हें दिखाने के लिए कहा। विधायक ने दावा किया कि उन्होंने सचमुच अपने हाथों से सड़क की ऊपरी परत को एक कालीन की तरह उठाकर मंत्री को दिखा दिया। उनके मुताबिक इस स्थिति को देखकर मंत्री घबरा गए। जरनैल सिंह को यह उम्मीद थी कि मंत्री पीडब्ल्यूडी के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई करेंगे, लेकिन इसके उलट वहां मौजूद उनके साथी साहिब सिंह को थप्पड़ मार दिया गया जो इस पूरे वाकये की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे। इस पूरी घटना के बाद से दिल्ली की राजनीति में लगातार उबाल देखा जा रहा है और दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
















