जैसलमेर के रामदेवरा में दीपावली पर अनूठी सजावट, 500 किलो फूलों से महका बाबा रामदेव का दरबारसिरमौर के सराहां में धनतेरस पर दर्दनाक हादसा, खाई में बोलेरो गिरने से बड़े भाई की मौत और नौ घायलहिमाचल के सम्मू गांव में दिवाली पर क्यों पसरा रहता है सन्नाटा, जानिए सात पीढ़ियों से चली आ रही अनूठी परंपराबेंगलुरु में दामाद ने सिलबट्टे से की सात लोगों की हत्या, नंदी हिल्स से चिकबल्लापुर तक फेंके गए शवसुप्रीम कोर्ट में हिमाचल प्रदेश की बड़ी जीत, बीबीएमबी विवाद सुलझा, सालाना 1000 करोड़ तक का होगा फायदातकनीकी दबाव में फिसला यूरो, अमेरिकी डॉलर के सामने 1.1200 का अहम स्तर टूटापलामू के किसान संतरे की बागवानी से कमा सकते हैं लाखों रुपये, जानिए एक एकड़ की लागत और कमाई का पूरा गणितमहज 100 रुपये से शुरू किया कारोबार, अब लाखों की कमाई कर रहे हैं मुरादाबाद के मोहम्मद फिरोजओबीसी क्रीमी लेयर मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, केंद्र सरकार की अर्जी खारिजसीतामढ़ी में श्राद्ध भोज के दौरान बेकाबू पिकअप ने 12 लोगों को रौंदा, दो की मौत और कई घायल
युवा उद्यमियों को पंजाब सरकार की मदद, 31 नए उद्यमों में बांटी गई 1.07 करोड़ रुपये की सीड ग्रांटपंजाब
3 नव॰ 2026, 1:01 pm (3 दिन पहले)· 1

युवा उद्यमियों को पंजाब सरकार की मदद, 31 नए उद्यमों में बांटी गई 1.07 करोड़ रुपये की सीड ग्रांट

पंजाब सरकार ने जून 2026 में 31 उभरते स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपये की शुरुआती आर्थिक मदद दी है, जिसमें नीति के तहत सीड ग्रांट की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है।

राज्य के भीतर नए व्यावसायिक विचारों को धरातल पर उतारने और युवाओं को पूंजी की तंगी से उबारने के मकसद से एक अहम पहल सामने आई है। जून 2026 में पंजाब सरकार की तरफ से 31 स्टार्टअप्स को कुल मिलाकर 1.07 करोड़ रुपये की सीड ग्रांट जारी की गई। इस पूरी वित्तीय सहायता का मुख्य लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाले वर्ग तक सीमित रखने के बजाय उन्हें रोजगार पैदा करने वाले सक्षम उद्यमियों के तौर पर तैयार करना है। कई बार बेहतरीन प्रोजेक्ट और तकनीकी योजनाएं केवल शुरुआती पूंजी न मिलने के कारण आगे नहीं बढ़ पाती हैं, जिसे देखते हुए यह सरकारी सहायता दी गई है।

सीड फंड की सीमा में बढ़ोतरी और वित्तीय आवंटन

इस योजना के तहत जारी किए गए 1.07 करोड़ रुपये के फंड को दो श्रेणियों में बांटा गया। कुल 31 चयनित उपक्रमों में से 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपये की सहायता दी गई, जबकि बाकी बचे 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। राज्य प्रशासन की 'पंजाब स्टार्टअप एंड इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026' के अंतर्गत अब सीड ग्रांट की शुरुआती सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 5 लाख रुपये तय कर दिया गया है, ताकि शुरुआती दौर के खर्चों को उद्यमी आसानी से संभाल सकें।

ये भी पढ़ें

शुरुआती आर्थिक तंगी की वजह से अक्सर होनहार विचार दम तोड़ देते हैं। इस पहल पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि यह सहायता केवल पैसों का लेन-देन नहीं है, बल्कि युवाओं के विचारों और उनके साहस पर सरकार के विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि फंड के अभाव में राज्य के किसी भी नवोन्मेषी उद्यमी के सपनों को बिखरने नहीं दिया जाएगा।

इन खास क्षेत्रों के स्टार्टअप्स को मिली प्राथमिकता

यह सीड कैपिटल कई उभरते और आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में काम कर रहे नवाचारों को ध्यान में रखकर आवंटित की गई है। वित्तीय मदद पाने वाले प्रोजेक्ट्स में प्रमुख रूप से कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), टेक्नोलॉजी, गवर्नेंस, टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर्स शामिल हैं। प्रशासन को पूरी उम्मीद है कि ये 31 स्टार्टअप्स आने वाले दिनों में राज्य के भीतर हजारों स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका और काम के नए रास्ते खोलेंगे। इसके अतिरिक्त भविष्य के विकास को गति देने के लिए हाई-वैल्यू एग्रीकल्चर, एग्री-टेक, फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन और एग्री-लॉजिस्टिक्स को मुख्य प्राथमिकताओं में रखा गया है।

राज्य में ही कंपनियां स्थापित करने का आह्वान

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फ्लिपकार्ट, जोमैटो और ओला जैसी देश की दिग्गज कंपनियों का जिक्र करते हुए रेखांकित किया कि इनके संस्थापकों अथवा सह-संस्थापकों की जड़ें पंजाब से जुड़ी रही हैं। उन्होंने राज्य के युवाओं से अपील की कि अगली पीढ़ी के सफल फाउंडर्स न केवल पंजाब से ताल्लुक रखें, बल्कि वे अपने उद्यमों को यहीं स्थापित करें और राज्य के भीतर ही उनका विस्तार करें।

वैश्विक मॉडलों की चर्चा करते हुए दक्षिण कोरिया के पैनग्यो टेक्नो वैली और नीदरलैंड के वर्ल्ड हॉर्टिकल्चर सेंटर की कार्यप्रणाली का उदाहरण सामने रखा गया। इसी तर्ज पर पंजाब के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को इनोवेशन के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करने की रूपरेखा बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को बड़े लक्ष्य तय करने और राज्य के ब्रांड एंबेसडर बनने की सलाह देते हुए कहा कि पंजाब इनोवेशन, स्टार्टअप्स और भविष्य की नई चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।

सवाल-जवाब

पंजाब सरकार ने कितने स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट दी है?
पंजाब सरकार ने जून 2026 में कुल 31 स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट मुहैया कराई है।
स्टार्टअप्स के लिए कुल कितनी वित्तीय सहायता जारी की गई?
कुल मिलाकर 1.07 करोड़ रुपये की सीड सहायता राशि इन 31 कंपनियों में वितरित की गई है।
प्रत्येक स्टार्टअप को कितने रुपये का फंड दिया गया?
चयनित कंपनियों में से 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपये और 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपये की ग्रांट दी गई।
पंजाब स्टार्टअप एंड इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026 में क्या बदलाव हुआ है?
इस नीति के तहत सीड ग्रांट की शुरुआती सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है।
किन मुख्य सेक्टर्स के स्टार्टअप्स को इस योजना में शामिल किया गया?
कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), टेक्नोलॉजी, गवर्नेंस, टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स को प्राथमिकता दी गई।
मुख्यमंत्री ने किन वैश्विक मॉडलों का उदाहरण दिया?
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दक्षिण कोरिया के पैनग्यो टेक्नो वैली और नीदरलैंड के वर्ल्ड हॉर्टिकल्चर सेंटर का उल्लेख किया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ravikash Gupta@ravikash·2 दिन पहले

पंजाब सरकार की सीड ग्रांट से युवाओं को शुरुआती मदद तो मिल जाएगी, पर क्या इतने पैसों से एआई और मैन्युफैक्चरिंग जैसे बड़े सेक्टर वाकई टिक पाएंगे?

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·2 दिन पहले

रविकेश, आपकी बात सही है पर जब मैं बेरूत में था, तब ऐसे ही छोटे अनुदान ने एक टेक स्टार्टअप को बचाया था।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 दिन पहले

मेरे एक दोस्त ने कुछ साल पहले स्टार्टअप शुरू किया था, लेकिन पैसों की तंगी से उसका आइडिया बीच में ही दम तोड़ गया था। अगर तब ऐसी मदद मिल जाती, तो शायद आज तस्वीर कुछ और ही होती।

Karan Malhotra@karan-malhotra·3 दिन पहले

युवाओं को पैसे देना तो अच्छी बात है, लेकिन क्या सरकार यह भी ट्रैक कर रही है कि इनमें से कितने स्टार्टअप्स अगले दो सालों में सच में टिक पाएंगे?

Rohan Verma@rohan-verma·3 दिन पहले

करण भाई, बात तो सही है आपकी, पर हर चीज़ में शुरू से ही ट्रैकिंग का डंडा लेकर बैठ जाएंगे तो युवा डर नहीं जाएंगे?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp