41वीं यूथ नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की अंडर-17 बॉयज टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया है और राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब अपने नाम किया है। पांच वर्षों के लंबे अंतराल के बाद राज्य की टीम इस आयु वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करने में सफल रही है। इस खिताबी जीत के साथ ही राज्य के युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
योगी आदित्यनाथ ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच X पर टीम की सराहना की। उन्होंने 41वीं यूथ नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली उत्तर प्रदेश की अंडर-17 बॉयज टीम को बधाई देते हुए इसे खिलाड़ियों के अथक परिश्रम और प्रशिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन का परिणाम बताया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों, कोचों और राज्य बास्केटबॉल संघ से जुड़े सभी लोगों के योगदान को रेखांकित किया।
प्रतियोगिता का संदर्भ और राष्ट्रीय प्रदर्शन
पुणे में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश भर की शीर्ष युवा टीमों ने भाग लिया था। विभिन्न राज्यों से उभरती हुई प्रतिभाओं ने इस टूर्नामेंट में अपनी चमक बिखेरी, जहां गया की अवंतिका ने बिहार अंडर-16 टीम और साहिबगंज की स्मृति मैरी किस्कू ने राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसी टूर्नामेंट के दौरान झारखंड की बेटियों ने भी ऐतिहासिक प्रदर्शन दर्ज किया, जबकि राज्य स्तरीय मुकाबलों में सीकर और जैसलमेर जैसी अकादमियों के बीच कड़ा मुकाबला देखा गया था। इन सबके बीच उत्तर प्रदेश के अंडर-17 बालकों ने लगातार बेहतरीन खेल दिखाते हुए फाइनल मुकाबला अपने नाम किया और पांच साल बाद दोबारा ट्रॉफी उठाई।
उत्तर प्रदेश के बारे में
उत्तर प्रदेश भारत का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है तथा क्षेत्रफल के आधार पर देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। लखनऊ इस राज्य की प्रशासनिक और विधायी राजधानी है, जबकि प्रयागराज न्यायिक राजधानी के रूप में कार्य करता है। आगरा, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में गिने जाते हैं। उत्तर प्रदेश की सीमाएं उत्तर में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान, दक्षिण में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तथा पूर्व में बिहार और झारखंड से लगती हैं, जबकि उत्तर दिशा में नेपाल देश स्थित है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर लोगों ने राज्य की इस खेल उपलब्धि की सराहना करते हुए युवा खिलाड़ियों और कोचों को शुभकामनाएं दीं। वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने खेल और छात्रों से जुड़े बुनियादी मुद्दों की ओर भी ध्यान आकर्षित करते हुए प्रशासन से युवाओं की अन्य समस्याओं पर समान तत्परता दिखाने का आग्रह किया।


























