भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर स्टेशनों की तस्वीर बदली जा रही है। राज्य के कुल 157 स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं, स्वच्छता और विश्वस्तरीय सफर का अनुभव प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर निर्माण कार्य पूरा भी किया जा चुका है, जबकि बाकी जगहों पर काम लगातार प्रगति पर है।
योगी आदित्यनाथ का बयान
उत्तर प्रदेश के स्टेशनों पर चल रहे इस बदलाव को लेकर योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि राज्य के 157 रेलवे स्टेशन आधुनिक स्वरूप ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन और कोच अब पहले से काफी साफ-सुथरे हैं और उनमें हाइजीन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उनके अनुसार, ऐसा बुनियादी परिवर्तन तभी संभव हो पाता है जब काम करने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति, साफ नीयत और स्पष्ट नीति मौजूद हो।
अमृत भारत योजना और विकास की रफ्तार
देशभर में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,337 रेलवे स्टेशनों का चयन किया गया है, जिनमें उत्तर प्रदेश के 157 स्टेशन शामिल हैं। इनमें से 22 स्टेशनों पर विकास कार्य पहले ही संपन्न हो चुके हैं। गाजियाबाद और मेरठ जैसे प्रमुख शहरों के रेलवे स्टेशनों को भी अत्याधुनिक रूप दिया जा रहा है। इसके साथ ही भारतीय रेलवे के 103 अमृत भारत स्टेशन तैयार होने पर 22 मई को नरेंद्र मोदी ने इनका उद्घाटन किया था, जिसमें सिद्धार्थनगर का स्टेशन भी शामिल था। इसके अलावा प्रयागराज के करछना रेलवे स्टेशन का वर्चुअल लोकार्पण भी नरेंद्र मोदी द्वारा संपन्न हुआ। क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के लिए प्रयागराज से अयोध्या के बीच का सफर मात्र तीन घंटे में पूरा कराने के उद्देश्य से इस विशेष रेल मार्ग के दोहरीकरण पर भी काम चल रहा है, जिसके लिए बजट में विशेष प्रावधान रखा गया है।
उत्तर प्रदेश के बारे में
उत्तर प्रदेश जनसंख्या के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा राज्य है और क्षेत्रफल के आधार पर यह देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य माना जाता है। लखनऊ इस राज्य की प्रशासनिक और विधायी राजधानी है, जबकि प्रयागराज न्यायिक राजधानी के रूप में पहचान रखता है। इसके प्रमुख शहरों में आगरा, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर शामिल हैं। राज्य की सीमाएं उत्तर में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान, दक्षिण में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तथा पूर्व में बिहार और झारखंड से लगती हैं, जबकि इसके उत्तर में नेपाल देश स्थित है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस घोषणा और सोशल मीडिया संदेश पर लोगों की मिलीजुली राय सामने आई। कुछ नागरिकों ने स्टेशनों के आधुनिकीकरण और स्वच्छता में आए सुधार की सराहना की, तो वहीं कुछ अन्य लोगों ने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने और अन्य परिवहन सुविधाओं पर भी ध्यान देने की आवश्यकता जताई।



























