सिख परंपरा के सातवें आध्यात्मिक मार्गदर्शक श्री गुरु हर राय साहिब के पावन ज्योति-जोत दिवस के पावन अवसर पर देश भर में उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। गुरुद्वारों में विशेष धार्मिक आयोजनों, शब्द कीर्तन और अखंड पाठ के माध्यम से संगत गुरु साहिब के बताए परोपकार और धर्म रक्षा के मार्ग का स्मरण कर रही है।
गुरु हर राय साहिब का जीवन दर्शन और योगदान
सिख इतिहास में सातवें गुरु श्री गुरु हर राय जी को करुणा, औषधीय सेवा और दृढ़ संकल्प के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। उन्होंने जरूरतमंदों और बीमारों के उपचार के लिए बड़े स्तर पर औषधालय स्थापित किए थे और निस्वार्थ भाव से समाज के वंचित वर्गों की सेवा की। इसके साथ ही उन्होंने मानवीय मूल्यों की रक्षा और आत्मसम्मान बनाए रखने के लिए सिख योद्धाओं के मनोबल को निरंतर सुदृढ़ बनाए रखा।
अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि
इस पुनीत अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि धर्म की रक्षा, मानवता की सेवा और अन्याय के खिलाफ अडिग संकल्प के प्रतीक गुरु साहिब ने सिख समाज में साहस और स्वाभिमान का संचार किया था। उन्होंने रेखांकित किया कि गरीबों और असहायों की सेवा के प्रति गुरु हर राय साहिब का समर्पण आज भी संपूर्ण मानव जाति के लिए एक महान प्रेरणा है। इस दौरान अन्य राजनीतिक हस्तियों ने भी सातवें गुरु के महान बलिदान और शिक्षाओं को याद किया।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर नागरिकों ने इस संदेश का स्वागत किया और सिख गुरुओं की अमर शिक्षाओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कई उपयोगकर्ताओं ने गुरु साहिब के दिखाए न्याय और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।


























