भारतीय राजनीति में इन दिनों नई पीढ़ी यानी 1997 से 2012 के बीच जन्मी आबादी की जीवनशैली और विचारों को लेकर व्यापक चर्चा चल रही है। इस दौर में जन्मे युवाओं को सामाजिक और राजनीतिक बहसों में जेन-ज़ी वर्ग के नाम से जाना जाता है। इसी परिदृश्य के बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश के संगठन प्रभारी विनोद तावड़े ने अपने छात्र जीवन और युवावस्था के दिनों को याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर साझा की है। 63 वर्ष की उम्र में कदम रख चुके इस वरिष्ठ नेता का यह पुरानी यादों से भरा अंदाज़ इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है, जिस पर लोग अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
80 के दशक का अंदाज़ और 1980 के दौर की स्मृतियां
विनोद तावड़े द्वारा पोस्ट की गई इस पुरानी तस्वीर में वे 1980 के दशक के एक बेहद स्टाइलिश मराठी युवा के रूप में नज़र आ रहे हैं। तस्वीर में उन्होंने एक सफेद रंग की कमीज पहनी है, जिसका ऊपरी बटन खुला हुआ है और उसके ऊपर सलेटी रंग का एक आकर्षक ब्लेजर पहना है। चेहरे पर मूंछें, आंखों पर पतले फ्रेम का चश्मा और होठों पर हल्की सी मुस्कान उनके इस लुक को विशेष बनाती है। तस्वीर के पृष्ठभूमि में एक बैनर दिखाई दे रहा है, जिस पर लिखा है कि अच्छी फिल्में एक बेहतर समाज बनाती हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि यह तस्वीर किसी ऑडिटोरियम या सिनेमा हॉल के भीतर आयोजित कार्यक्रम के दौरान ली गई थी। अपनी इस तस्वीर को साझा करते हुए तावड़े ने लिखा कि इंटरनेट के माध्यम से वे 80 के दशक की पुरानी यादों में लौट आए हैं।
उल्लेखनीय है कि 1997 से 2012 के बीच जन्म लेने वाले लोगों की वर्तमान आयु 14 वर्ष से 30 वर्ष के आसपास बैठती है। जीवन का यह चरण शारीरिक और मानसिक ऊर्जा से भरपूर माना जाता है, जब व्यक्ति किशोरावस्था की दहलीज पार करके अपने करियर, जीवनशैली और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय स्वतंत्र रूप से लेने की दिशा में आगे बढ़ता है। तावड़े की इस तस्वीर ने समर्थकों और आम लोगों को राजनीतिज्ञों के शुरुआती जीवन के पलों की याद दिला दी है।
सोशल मीडिया पर आई प्रतिक्रियाएं और तुलनाएं
विनोद तावड़े की इस पुरानी तस्वीर के सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया मंचों पर टिप्पणियों की बाढ़ आ गई। विभिन्न उपयोगकर्ताओं ने उनके इस पुराने रूप की तुलना प्रसिद्ध हस्तियों और वर्तमान नेताओं से की। प्रमोद एकबोटे नामक एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि तावड़े इस तस्वीर में मूंछों वाले युवा डॉक्टर आनंद रंगनाथन जैसे दिख रहे हैं। गौरतलब है कि डॉक्टर आनंद रंगनाथन देश के जाने-माने वैज्ञानिक, लेखक और राजनीतिक विश्लेषक हैं, जो अक्सर राष्ट्रीय समाचार चैनलों की परिचर्चाओं में भाग लेते हैं।
वहीं राजेंद्र मिश्रा और अमित भगत जैसे अन्य उपयोगकर्ताओं ने विनोद तावड़े के इस पुराने लुक की तुलना महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मौजूदा स्वरूप और शैली से की। समीर रेघीवाले नामक एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की कि जवानी के दिनों से लेकर आज तक तावड़े का अंदाज़ और व्यक्तित्व पूरी तरह से एक समान बना हुआ है और उसमें कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। इसके अलावा प्रवीण तलमले ने उत्साह व्यक्त करते हुए लिखा कि वे आज भी उतने ही युवा और ऊर्जावान महसूस होते हैं।
छात्र राजनीति से लेकर संगठन की जिम्मेदारियों तक का सफर
विनोद तावड़े का जन्म 20 जुलाई 1963 को मुंबई में हुआ था और वे एक खांटी मराठी पृष्ठभूमि से संबंध रखते हैं। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा मुंबई के विले पार्ले स्थित साठे कॉलेज से पूरी की। अपने कॉलेज के दिनों में ही वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी से जुड़ गए थे, जहाँ से उनके राजनीतिक जीवन की नींव पड़ी। मुंबई के शहरी वातावरण में पले-बढ़े होने के कारण तावड़े सदैव अपनी कार्यशैली, व्यक्तिगत छवि और अनुशासन के प्रति सजग रहे हैं।
हाल ही में जब वे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दौरे पर पहुंचे थे, तब उनके स्वागत में कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए बड़े-बड़े होर्डिंग और पोस्टरों को उन्होंने तुरंत हटवा दिया था। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिया था कि वे स्वागत-सत्कार के बजाय आने वाले चुनावों में जमीनी मेहनत करके बेहतर परिणाम लाने पर अपना ध्यान केंद्रित करें। तावड़े महाराष्ट्र विधान मंडल में विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों के सदस्य रह चुके हैं। इसके अतिरिक्त वे महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का भी निर्वहन कर चुके हैं।



















