आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने 1999 के कारगिल युद्ध के महान नायक और मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से अलंकृत अमर शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा की जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी अपने संदेश में उन्होंने देश की सीमा सुरक्षा में उनके अप्रतिम योगदान को याद किया।
अरविंद केजरीवाल का श्रद्धांजलि संदेश
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विशेष पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि कारगिल युद्ध के दौरान अपने अभूतपूर्व शौर्य, अदम्य साहस और मजबूत संकल्प से मातृभूमि की रक्षा करने वाले अमर शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा को उनकी जयंती पर शत-शत नमन। उन्होंने कैप्टन बत्रा के बलिदान और सर्वोच्च राष्ट्रसेवा को याद करते हुए उन्हें देश का गर्व बताया।
कौन थे अमर शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा
कैप्टन विक्रम बत्रा भारतीय सेना की 13 जम्मू और कश्मीर राइफल्स के एक निडर अधिकारी थे, जिन्होंने 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए कारगिल युद्ध में अप्रतिम वीरता का प्रदर्शन किया था। कारगिल की कठिन पहाड़ियों और 5140 जैसी रणनीतिक चोटियों को दुश्मन के कब्जे से छुड़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। 'ये दिल मांगे मोर' का उनका प्रसिद्ध विजय उद्घोष आज भी हर भारतीय के दिल में देशभक्ति का जज्बा भर देता है। युद्ध के दौरान दुश्मनों से लोहा लेते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया था और वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनकी इसी अद्वितीय वीरता के लिए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से अलंकृत किया।
कारगिल युद्ध और राष्ट्रीय नमन
कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों के जवानों ने अत्यधिक कठिन परिस्थितियों और विषम मौसम के बावजूद देश की सीमाओं की संप्रभुता की रक्षा की थी। कारगिल विजय दिवस और वीरों की जयंती जैसे अवसरों पर पूरा देश उनके शौर्य और अमर बलिदान को याद करता है। देश के विभिन्न हिस्सों में राष्ट्रीय समर स्मारक और स्थानीय कार्यक्रमों के माध्यम से शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर अरविंद केजरीवाल के इस पोस्ट के बाद लोगों की विविध प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं ने शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के प्रति अपना नमन और सम्मान व्यक्त किया, वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने टिप्पणियों में राजनीतिक सवाल और अतीत की घटनाओं का उल्लेख भी किया।



























