उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 सितंबर 2026 को वाराणसी स्थित रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर से राज्यव्यापी 9वें राष्ट्रीय पोषण माह की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का प्राथमिक लक्ष्य माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाना, दैनिक भोजन में विविधता को बढ़ावा देना तथा कुपोषण से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाना है। उद्घाटन समारोह के दौरान राज्य भर के आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक संसाधनों से संपन्न और सशक्त बनाने के संकल्प को दोहराया गया।
कुपोषण मुक्ति और शुरुआती विकास पर विशेष ध्यान
राष्ट्रीय पोषण माह के इस 9वें संस्करण में जीवन के शुरुआती छह वर्षों के दौरान बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म से लेकर छह साल की उम्र तक बच्चों के मस्तिष्क का विकास सबसे तीव्र गति से होता है, इसलिए इस अवधि में सही और संतुलित पोषण प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। इस अभियान के अंतर्गत 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रतिदिन सुबह दूध, ताजे फल और पौष्टिक नाश्ते का प्रबंध सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की माताओं के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों और संतुलित आहार की उपलब्धता पर बल दिया गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान और ढांचागत सुधार
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं मुख्य रीढ़ की हड्डी हैं। वाराणसी में आयोजित इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट सेवाएं देने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया। राज्य सरकार का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को सुधारना, डिजिटल निगरानी प्रणालियों को लागू करना और जमीनी कार्यकर्ताओं को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सके।
व्यापक सामुदायिक जागरूकता अभियान
एक महीने तक चलने वाले इस पोषण अभियान में समुदाय आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों, हरी सब्जियों, दालों और मोटे अनाजों के उपभोग के प्रति आम लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, बच्चों की लंबाई व वजन मापने तथा कुपोषण के लक्षणों की समय पर पहचान करने के लिए विशेष शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।
वाराणसी के बारे में
वाराणसी, जिसे काशी और बनारस के नाम से भी जाना जाता है, उत्तर प्रदेश के भोजपुर पूर्वांचल क्षेत्र में पवित्र गंगा नदी के तट पर बसा एक अत्यंत प्राचीन नगर है। यह शहर सनातन हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र तीर्थस्थल होने के साथ-साथ बौद्ध एवं जैन धर्मों के अनुयायियों के लिए भी गहरा धार्मिक महत्व रखता है। पौराणिक मान्यताओं और प्राचीन ग्रंथों में इस पावन क्षेत्र को अविमुक्त क्षेत्र के नाम से भी संबोधित किया गया है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस राज्यव्यापी पोषण अभियान की शुरुआत पर आम जनता की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। अनेक नागरिकों ने बच्चों और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए इस पहल की सराहना की है और आंगनबाड़ी केंद्रों में भोजन व्यवस्था को स्थायी रखने का सुझाव दिया है, जबकि कुछ लोगों ने जमीनी स्तर पर योजनाओं के निष्पक्ष क्रियान्वयन को लेकर सवाल भी उठाए हैं।


























