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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर राजनाथ सिंह ने दी श्रद्धांजलिनेता जी
6 जुल॰ 2026, 11:57 am (45 दिन पहले)· 2

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर राजनाथ सिंह ने दी श्रद्धांजलि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं ने भी उन्हें याद किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी 125वीं जयंती पर याद किया। उन्होंने अपने संदेश में मुखर्जी को एक दूरदर्शी राजनेता, विद्वान और राष्ट्र निर्माण के प्रति पूरी तरह समर्पित व्यक्ति बताया। राजनाथ सिंह ने लिखा कि मुखर्जी ने अपना पूरा जीवन देश की एकता बनाए रखने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने में लगा दिया।

देश भर के नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि

सिर्फ राजनाथ सिंह ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डॉ. मुखर्जी को उनकी 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुखर्जी बुद्धि, सार्वजनिक सेवा और नैतिक दृढ़ता की मिसाल थे। उन्होंने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाया जाना मुखर्जी को दी गई एक सच्ची और सटीक श्रद्धांजलि थी, और उनका विजन आज भी भारत को दिशा दिखा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक मुखर्जी के जीवन का उद्देश्य भारत की एकता की रक्षा करना था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने बंगाल को पाकिस्तान के खूनी पंजों से बचाया था। गृह मंत्री अमित शाह ने भी डॉ. मुखर्जी को उनकी 125वीं जयंती पर याद किया। इसके अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री ने एक दिन पहले ही पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा था कि मुखर्जी ने हमेशा एक अखंड भारत की कल्पना की थी।

कौन थे श्यामा प्रसाद मुखर्जी

श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय बैरिस्टर, शिक्षाविद, राजनेता और हिंदुत्व विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ता थे। वे राज्य और केंद्र दोनों स्तर की सरकारों में मंत्री रह चुके थे। भारत की आजादी के आंदोलन के दौरान भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध करने के लिए वे जाने जाते हैं, जिस वजह से वे उस दौर की मुख्यधारा कांग्रेस से अलग रुख रखते थे। कांग्रेस का विरोध करने के बावजूद जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया था। हिंदू महासभा से नाता तोड़ने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नेहरू के मंत्रिमंडल में उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के तौर पर काम किया। हालांकि लियाकत-नेहरू समझौते के विरोध में नेहरू से मतभेद होने के बाद उन्होंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोग से उन्होंने 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जिसकी विरासत की चर्चा आज भी भारतीय राजनीति में होती रहती है।

जनता की प्रतिक्रिया

राजनाथ सिंह की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने डॉ. मुखर्जी के योगदान के प्रति सम्मान जताते हुए राष्ट्र सेवा के प्रति अपनी प्रेरणा साझा की, वहीं कुछ अन्य यूजर्स ने पोस्ट को लेकर सवाल भी उठाए।

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सवाल-जवाब

राजनाथ सिंह ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि कब दी?
उन्होंने 6 जुलाई 2026 को डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती के मौके पर सोशल मीडिया मंच एक्स पर यह श्रद्धांजलि पोस्ट की।
राजनाथ सिंह ने अपने पोस्ट में डॉ. मुखर्जी के बारे में क्या कहा?
उन्होंने मुखर्जी को दूरदर्शी राजनेता, विद्वान और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित व्यक्ति बताया, जिन्होंने देश की एकता और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कौन थे?
वे भारतीय बैरिस्टर, शिक्षाविद और राजनेता थे, जिन्होंने नेहरू मंत्रिमंडल में उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में काम किया और बाद में भारतीय जनसंघ की स्थापना की।
क्या सिर्फ राजनाथ सिंह ने ही श्रद्धांजलि दी?
नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृह मंत्री अमित शाह और हरियाणा के मुख्यमंत्री ने भी डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाया जाना मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि थी और उनका विजन आज भी भारत को दिशा दिखा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने बंगाल को पाकिस्तान के खूनी पंजों से बचाया था।
डॉ. मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना कब की?
उन्होंने आरएसएस के सहयोग से 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी।
राजनाथ सिंह की पोस्ट पर सोशल मीडिया पर कैसी प्रतिक्रिया रही?
प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं, कई यूजर्स ने मुखर्जी के योगदान की सराहना की जबकि कुछ ने पोस्ट पर सवाल भी उठाए।
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