रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी 125वीं जयंती पर याद किया। उन्होंने अपने संदेश में मुखर्जी को एक दूरदर्शी राजनेता, विद्वान और राष्ट्र निर्माण के प्रति पूरी तरह समर्पित व्यक्ति बताया। राजनाथ सिंह ने लिखा कि मुखर्जी ने अपना पूरा जीवन देश की एकता बनाए रखने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने में लगा दिया।
देश भर के नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि
सिर्फ राजनाथ सिंह ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डॉ. मुखर्जी को उनकी 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुखर्जी बुद्धि, सार्वजनिक सेवा और नैतिक दृढ़ता की मिसाल थे। उन्होंने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाया जाना मुखर्जी को दी गई एक सच्ची और सटीक श्रद्धांजलि थी, और उनका विजन आज भी भारत को दिशा दिखा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक मुखर्जी के जीवन का उद्देश्य भारत की एकता की रक्षा करना था।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने बंगाल को पाकिस्तान के खूनी पंजों से बचाया था। गृह मंत्री अमित शाह ने भी डॉ. मुखर्जी को उनकी 125वीं जयंती पर याद किया। इसके अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री ने एक दिन पहले ही पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा था कि मुखर्जी ने हमेशा एक अखंड भारत की कल्पना की थी।
कौन थे श्यामा प्रसाद मुखर्जी
श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय बैरिस्टर, शिक्षाविद, राजनेता और हिंदुत्व विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ता थे। वे राज्य और केंद्र दोनों स्तर की सरकारों में मंत्री रह चुके थे। भारत की आजादी के आंदोलन के दौरान भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध करने के लिए वे जाने जाते हैं, जिस वजह से वे उस दौर की मुख्यधारा कांग्रेस से अलग रुख रखते थे। कांग्रेस का विरोध करने के बावजूद जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया था। हिंदू महासभा से नाता तोड़ने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नेहरू के मंत्रिमंडल में उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के तौर पर काम किया। हालांकि लियाकत-नेहरू समझौते के विरोध में नेहरू से मतभेद होने के बाद उन्होंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोग से उन्होंने 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जिसकी विरासत की चर्चा आज भी भारतीय राजनीति में होती रहती है।
जनता की प्रतिक्रिया
राजनाथ सिंह की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने डॉ. मुखर्जी के योगदान के प्रति सम्मान जताते हुए राष्ट्र सेवा के प्रति अपनी प्रेरणा साझा की, वहीं कुछ अन्य यूजर्स ने पोस्ट को लेकर सवाल भी उठाए।


















