रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वडोदरा में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र में हिस्सा लिया और देश के क्षेत्रीय उद्योगों को एक स्पष्ट संदेश दिया कि वे विकसित भारत की यात्रा में बढ़-चढ़कर भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी क्षेत्रीय शक्तियों को राष्ट्रीय क्षमताओं में और स्थानीय नवाचारों को व्यापक स्तर पर बदलना होगा।
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस क्या है
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस गुजरात सरकार की एक प्रमुख पहल है, जो राज्य के अलग-अलग हिस्सों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रवार सत्रों के रूप में आयोजित की जाती है। इस सम्मेलन श्रृंखला में उद्योगपति, निवेशक और सरकारी प्रतिनिधि एक साझा मंच पर आते हैं। उत्तर गुजरात में हुए एक सत्र में 1,212 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जिनसे 3.24 लाख करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद जताई गई। इसी क्रम में दक्षिण गुजरात को राज्य के आर्थिक विकास के मुख्य इंजन के रूप में सामने रखा गया।
राजनाथ सिंह ने क्या कहा
वडोदरा के समापन सत्र में राजनाथ सिंह ने उद्योगपतियों और व्यवसायियों से सीधे आग्रह किया कि वे केवल स्थानीय बाजारों तक सीमित न रहें, बल्कि राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने जोर दिया कि जब तक स्थानीय नवाचार राष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुंचेंगे और क्षेत्रीय ताकतें राष्ट्रीय क्षमता नहीं बनेंगी, तब तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा।
सम्मेलन में अन्य प्रमुख उपस्थिति
इस सम्मेलन श्रृंखला के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा भी गुजरात में मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को राजनीतिक और संगठनात्मक, दोनों दृष्टि से और अधिक अहमियत दी।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस सत्र को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने विकसित भारत की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की सराहना की, जबकि कुछ ने इन बड़े निवेश आंकड़ों के जमीनी क्रियान्वयन को लेकर सवाल भी उठाए।





















