लोक कला जगत को एक बड़ा झटका लगा है। पंडवानी गायकी को घर-घर तक पहुंचाने वाली मशहूर लोक कलाकार तीजन बाई का निधन हो गया है। छत्तीसगढ़ की इस दिग्गज गायिका ने रायपुर स्थित एम्स में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे कला और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है और देशभर से नेताओं, कलाकारों तथा प्रशंसकों की श्रद्धांजलियां आने लगी हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने आधिकारिक अकाउंट से भावुक संदेश साझा किया।
राजनाथ सिंह ने क्या लिखा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने पोस्ट में तीजन बाई के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने लिखा,
लोक कलाओं के क्षेत्र में अपनी गायकी से अमिट छाप छोड़ने वाली लोकप्रिय पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन से मुझे गहरी वेदना की अनुभूति हुई है। छत्तीसगढ़ की कला को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनका जाना कला और संगीत जगत के लिए
राजनाथ सिंह के इस संदेश में साफ झलकता है कि तीजन बाई का काम सिर्फ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने राज्य की लोक कला को देश और दुनिया के मंच पर पहचान दिलाई। उनके निधन को कला जगत के लिए एक बड़ी क्षति बताया जा रहा है।
कौन थे तीजन बाई
तीजन बाई छत्तीसगढ़ की पंडवानी लोक गीत-नाट्य शैली की पहली महिला कलाकार मानी जाती हैं। उन्होंने अपनी दमदार आवाज और अनोखे प्रस्तुतिकरण से इस पारंपरिक कला शैली को देश-विदेश के मंचों तक पहुंचाया। उनके योगदान को देखते हुए बिलासपुर विश्वविद्यालय ने उन्हें डी लिट की मानद उपाधि से सम्मानित किया था। भारत सरकार ने साल १९८८ में उन्हें पद्मश्री और २००३ में कला के क्षेत्र में पद्म भूषण से नवाजा। इसके अलावा उन्हें १९९५ में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और २००७ में नृत्य शिरोमणि सम्मान से भी नवाजा गया था। बाद में उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया, जो उनके दशकों के योगदान की मान्यता थी।
जनता की प्रतिक्रिया
राजनाथ सिंह की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने तीजन बाई के निधन पर दुख जताते हुए उनके योगदान को याद किया, वहीं कुछ यूजर्स ने इस मौके पर अपनी निजी बातें और सवाल भी साझा किए।





















