उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सड़कों की स्थिति और महाकुंभ के नाम पर खर्च होने वाले बजट को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए राज्य सरकार पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक अकाउंट @yadavakhilesh से एक वीडियो और बयान साझा करते हुए तंज कसा है कि प्रदेश में अब फिल्मों की शूटिंग शुरू हो चुकी है, जिसका शीर्षक उन्होंने तंज कसते हुए 'आओ तुम्हें चाँद पे ले जाएं' बताया है। इस तीखे हमले के जरिए उन्होंने सीधे तौर पर प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करने की कोशिश की है।
महाकुंभ और भ्रष्टाचार के आरोप
अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने प्रयागराज का जिक्र करते हुए आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में महाकुंभ के नाम पर 1 लाख करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई है। उन्होंने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के लोग पहले यह कहते थे कि हम भ्रष्टाचार नहीं करेंगे, लेकिन जनता के बीच किए गए वादों और बयानों से उलट भारी मात्रा में धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में बड़े आयोजनों की तैयारियों और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर लगातार दावे किए जा रहे हैं, लेकिन विपक्ष इसे भ्रष्टाचार का जरिया बता रहा है।
काली सड़क की स्थिति और वीडियो
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया संदेश के साथ एक लिंक भी साझा किया है, जो https://t.co/F38RYLFIq5 पर उपलब्ध है, जिसके माध्यम से उन्होंने राज्य की एक खास काली सड़क की बदतर हालत को दिखाया है। उनका दावा है कि जिन सड़कों और बुनियादी ढांचे को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, उनकी जमीनी हकीकत इन तस्वीरों और वीडियो में साफ नजर आती है। विकास कार्यों के नाम पर जनता के पैसे के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए उन्होंने यह दिखाने का प्रयास किया है कि किस प्रकार कागजी विकास और जमीनी हालात में जमीन-आसमान का फर्क है।
प्रयागराज के बारे में
प्रयागराज भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक प्रमुख नगर है और यह इसी नाम के जिले का मुख्यालय होने के साथ-साथ हिंदुओं का एक मुख्य तीर्थस्थल भी है। हिन्दू धर्मग्रन्थों में वर्णित यह पवित्र स्थल गंगा और यमुना नदी के संगम पर स्थित है, जहां गुप्त रूप से बहने वाली सरस्वती नदी भी मिलती है और इसे त्रिवेणी संगम कहा जाता है। यहां हर बारह वर्ष में कुंभ मेले का आयोजन होता है, जबकि हर छह वर्ष में अर्द्धकुम्भ लगता है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने आते हैं। इस ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी को संगमनगरी, कुंभनगरी और तंबूनगरी जैसे नामों से भी जाना जाता है, जहां मुगल बादशाह अकबर द्वारा बनवाया गया किला भी स्थित है और अक्टूबर 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार ने इसका नाम बदलकर पुनः प्रयागराज कर दिया था।
जनता की प्रतिक्रिया
अखिलेश यादव के इस सोशल मीडिया पोस्ट के सामने आने के बाद इंटरनेट पर आम जनता और राजनीतिक समर्थकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है, जहां एक तरफ कुछ लोग राज्य के बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों में पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ तमाम यूजर और आलोचक इस बयानबाजी को राजनीतिक नूराकुश्ती करार देते हुए तीखा विरोध भी जता रहे हैं।


























