उत्तराखंड की वादियों में बसे देहरादून जिले में इस समय खतरनाक वायरल संक्रमणों ने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ जहां स्वाइन फ्लू लगातार अपने पैर पसार रहा है, वहीं कोरोना वायरस के नए मामलों ने भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। दोनों ही संक्रामक बीमारियों के एक साथ सक्रिय होने से स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों की नींद उड़ गई है। हालात से निपटने के लिए स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है और अस्पतालों में इलाज की विशेष व्यवस्था की जा रही है।
स्वाइन फ्लू के मामलों का बढ़ता आंकड़ा और मरीजों की स्थिति
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा के अनुसार जिले में स्वाइन फ्लू के कुल मरीजों की संख्या अब 81 तक पहुंच चुकी है। इस खतरनाक संक्रमण ने अब तक पांच लोगों की जान ले ली है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए विस्तृत आंकड़ों पर नजर डालें तो इन 81 पॉजिटिव मामलों में 49 पुरुष और 32 महिलाएं शामिल हैं। वर्तमान समय में जिले के भीतर 26 एक्टिव मामले ऐसे हैं जिनका इलाज शहर के विभिन्न प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में चल रहा है।
इनमें से सबसे अधिक 18 मरीज श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में भर्ती हैं जहां उनकी देखरेख की जा रही है। इसके अलावा हिमालयन हॉस्पिटल में चार लोग अपना इलाज करवा रहे हैं। शहर के अन्य चिकित्सा केंद्रों जैसे कैलाश हॉस्पिटल, एम्स ऋषिकेश, गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और ग्राफिक एरा हॉस्पिटल में एक-एक मरीज भर्ती होकर चिकित्सीय निगरानी में है।
कोरोना वायरस के मामलों में भी इजाफा
स्वाइन फ्लू के खतरे के बीच कोविड-19 के मामले भी धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं, जिससे स्थिति और संवेदनशील बन गई है। रविवार के दिन एम्स ऋषिकेश में एक और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में दो नए कोरोना पॉजिटिव मरीज दर्ज किए गए। इसके साथ ही पूरे जिले में कोविड के कुल मामलों का आंकड़ा 23 पर पहुंच गया है। इन कुल मामलों में से 11 मरीज देहरादून के ही स्थानीय निवासी हैं जबकि 12 मरीज अन्य राज्यों तथा जिलों से ताल्लुक रखते हैं। फिलहाल जिले में कुल चार एक्टिव कोविड मरीज बचे हैं जिनमें से दो का इलाज एम्स ऋषिकेश में और एक का महंत इन्दिरेश अस्पताल में चल रहा है।
प्रशासन की चेतावनी और बचाव के उपाय
बढ़ते संक्रमण के इस दौर को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने आम जनता के नाम एक जरूरी स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को लगातार तीन से चार दिनों तक तेज बुखार रहता है, सीने में दर्द महसूस होता है या सांस लेने में तकलीफ होती है, तो वे बिना किसी देरी के स्वाइन फ्लू की जांच करवाएं ताकि समय रहते इलाज शुरू किया जा सके।
वायरस के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन ने कुछ बेहद जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है
- भीड़भाड़ वाले और सार्वजनिक स्थानों पर जाते समय अनिवार्य रूप से मास्क का इस्तेमाल करें।
- खांसते या छींकते वक्त अपने मुंह और नाक को किसी साफ रूमाल या टिशू पेपर से अच्छी तरह ढकें।
- कुछ भी खाने से पहले और बाहर से अपने घर लौटने पर हाथों को साबुन से भली-भांति धोएं।




















