ट्रुथ सोशल पर साझा की गई एक हालिया पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संतुलन को लेकर महत्वपूर्ण आंकड़े सामने रखे हैं। उन्होंने मीडिया हस्ती लॉरा इंग्राहम के वक्तव्य का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2026 की पहली छमाही के दौरान अमेरिका का वस्तु और सेवा व्यापार घाटा 189.3 अरब डॉलर यानी 33.8 प्रतिशत तक घट गया है। इसके साथ ही देश के कुल निर्यात में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है।
व्यापार घाटे और निर्यात के प्रमुख आंकड़े
लॉरा इंग्राहम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 की इसी अवधि की तुलना में अमेरिकी व्यापार परिदृश्य में उल्लेखनीय बदलाव आया है। जहाँ एक तरफ व्यापार घाटे में 33.8 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है, वहीं कुल निर्यात 198.3 अरब डॉलर यानी 11.7 प्रतिशत बढ़कर नए स्तर पर पहुँच गया है। दूसरी ओर, देश के कुल आयात में केवल 9.0 अरब डॉलर या 0.4 प्रतिशत की ही मामूली वृद्धि देखी गई है।
वर्षों के आधार पर जनवरी से जून महीने के निर्यात आंकड़ों का तुलनात्मक विश्लेषण भी साझा किया गया है। आंकड़े दर्शाते हैं कि जनवरी से जून 2024 के बीच अमेरिकी निर्यात 1.599 ट्रिलियन डॉलर था, जो जनवरी से जून 2025 में बढ़कर 1.693 ट्रिलियन डॉलर हुआ। इसके बाद जनवरी से जून 2026 की अवधि में यह आंकड़ा बढ़कर 1.891 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया।
टैरिफ नीति पर डोनाल्ड ट्रंप का वक्तव्य
इन आंकड़ों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टैरिफ नीतियों का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि टैरिफ अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने के बजाय ठीक वही काम कर रहे हैं जिसके लिए उन्हें लागू किया गया था। ट्रंप का मानना है कि इन शुल्कों से घरेलू विनिर्माण क्षेत्र को निष्पक्ष रूप से मुकाबला करने और आगे बढ़ने के लिए एक समान अवसर मिला है। उन्होंने इन नतीजों को उत्कृष्ट समाचार करार दिया।
कौन हैं हिमालय
हिमालय एशिया महाद्वीप में स्थित एक अति प्राचीन पर्वत शृंखला है, जिसे भारतीय संस्कृति और साहित्य में पर्वतों का राजा अर्थात 'पर्वतराज' कहा गया है। महाकवि कालिदास ने हिमालय को संपूर्ण पृथ्वी का मानदंड स्वीकार किया था। इस विशाल पर्वत शृंखला के बाहरी हिस्से को शिवालिक श्रेणियों के नाम से जाना जाता है। सदियों से हिमालय की कंदराओं और गुफाओं में साधु-संत एवं ऋषि-मुनि तपस्या करते आए हैं, जिससे इसे आध्यात्मिक चेतना का मुख्य केंद्र माना जाता है।


























